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Farrukhabad News: असम गया आलू दागी होने से व्यापारियों ने मुंह मोड़ा
Wed, 17 Jan 2024 02:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 17 Jan 2024 02:29 AM IST
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फर्रुखाबाद। पिछले सप्ताह असम गई दो रैक आलू दागी होने से व्यापारियों को बड़ा घाटा हुआ है। कड़ाके की सर्दी में कम खोदाई के चलते मात्र 25 ट्रक आलू आ रहा है। यही वजह है कि व्यापारियों की बेरुखी से आलू के भाव नहीं उछल रहे हैं। इससे किसान परेशान है
करीब एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड और दाम कम होने से किसानों ने आलू की खोदाई कम कर दी है। मंगलवार को सातनपुर मंडी में मात्र 25 ट्रक आलू ही आया। इस आलू को व्यापारियों ने काफी मानमनोव्वल के बाद खरीदा। कम आवक के बावजूद निवल आलू 501 से 601 रुपये प्रति क्विंटल और सुपर पीली मिट्टी का आलू 621 से 681 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया। इससे पहले इतनी कम आवक पर आलू के भाव बढ़ना तय माना जाता था।
आलू आढ़ती मनोज कलानी, रवि, मोनी गुप्ता, बबलू गुप्ता, वृंदावन मिश्रा का कहना है कि पिछले सप्ताह असम भेजी गई दो रैक आलू में व्यापारियों को बड़ा घाटा हुआ है। कच्चा आलू होने की वजह से असम में पहुंचने तक अधिकतर आलू दागी हो गया। लिहाजा व्यापारियों ने खरीद से मुंह मोड़ लिया, लिहाजा अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। जो किसान आलू खोद रहे हैं, उन्हें बड़ा घाटा हो रहा है।
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गेहूं के लालच में आलू खोद रहे किसान
बड़ी संख्या में किसानों ने ऐसे खेतों में भी आलू बो दिया था, जिसमें उन्हें गेहूं की फसल भी करनी थी। उम्मीद थी कि कच्चे आलू के अच्छे भाव मिलने पर बेचकर घर में खाने और जानवरों को भूसा के लिए गेहूं भी कर लेंगे, मगर इस पर पानी फिरता दिख रहा है। मजबूर होकर कुछ किसान आलू खोदकर गेहूं कर रहे हैं।
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धूप खिलने पर एक साथ होगी खोदाई, दाम होंगे धड़ाम
व्यापारियों ने बताया कि दो-चार दिन में जैसे ही धूप खिली, तो किसान तेजी से आलू को खोदाई करेगा। एक साथ बड़ी मात्रा में खोदाई होने से मंडी में भारी आवक होगी। ऐसे में व्यापारी अपनी शर्तों पर आलू की खरीद करेंगे। इसका नुकसान किसानों को ही होगा।
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करीब एक सप्ताह से कड़ाके की ठंड और दाम कम होने से किसानों ने आलू की खोदाई कम कर दी है। मंगलवार को सातनपुर मंडी में मात्र 25 ट्रक आलू ही आया। इस आलू को व्यापारियों ने काफी मानमनोव्वल के बाद खरीदा। कम आवक के बावजूद निवल आलू 501 से 601 रुपये प्रति क्विंटल और सुपर पीली मिट्टी का आलू 621 से 681 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया। इससे पहले इतनी कम आवक पर आलू के भाव बढ़ना तय माना जाता था।
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आलू आढ़ती मनोज कलानी, रवि, मोनी गुप्ता, बबलू गुप्ता, वृंदावन मिश्रा का कहना है कि पिछले सप्ताह असम भेजी गई दो रैक आलू में व्यापारियों को बड़ा घाटा हुआ है। कच्चा आलू होने की वजह से असम में पहुंचने तक अधिकतर आलू दागी हो गया। लिहाजा व्यापारियों ने खरीद से मुंह मोड़ लिया, लिहाजा अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। जो किसान आलू खोद रहे हैं, उन्हें बड़ा घाटा हो रहा है।
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गेहूं के लालच में आलू खोद रहे किसान
बड़ी संख्या में किसानों ने ऐसे खेतों में भी आलू बो दिया था, जिसमें उन्हें गेहूं की फसल भी करनी थी। उम्मीद थी कि कच्चे आलू के अच्छे भाव मिलने पर बेचकर घर में खाने और जानवरों को भूसा के लिए गेहूं भी कर लेंगे, मगर इस पर पानी फिरता दिख रहा है। मजबूर होकर कुछ किसान आलू खोदकर गेहूं कर रहे हैं।
धूप खिलने पर एक साथ होगी खोदाई, दाम होंगे धड़ाम
व्यापारियों ने बताया कि दो-चार दिन में जैसे ही धूप खिली, तो किसान तेजी से आलू को खोदाई करेगा। एक साथ बड़ी मात्रा में खोदाई होने से मंडी में भारी आवक होगी। ऐसे में व्यापारी अपनी शर्तों पर आलू की खरीद करेंगे। इसका नुकसान किसानों को ही होगा।