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व्यापारियों ने जीएसटी कानून सरल बनाने की मांग उठाई
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कलक्ट्रेट में नारेबाजी करते फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के पदाधिकारी।
- फोटो : FARRUKHABAD
व्यापारी बोले, सरल बनाएं जीएसटी कानून
फर्रुखाबाद। व्यापारियों ने जीएसटी कानून सरल बनाने की मांग उठाते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से व्यापारियों के हित में जीएसटी के तीन स्लैब बनाने की आवाज उठाई।
फेेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष मनोज मिश्रा के नेतृत्व में व्यापारी सुबह कलक्ट्रेेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को छह सूत्री ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से जीएसटी कानून सरल बनाने की मांग की। ज्ञापन में कहा कि व्यापारी के लिए जीएसटी की सीमा बढ़ाकर 75 लाख वार्षिक करने से सरकार के राजस्व में मामूली प्रभाव पड़ने के साथ लाखों छोटे व्यापारियों को जीएसटी के कठिन अनुपालन से मुक्ति मिलेगी।
इसके साथ ही जीएसटी तीन स्लैब में आवश्यक वस्तु, खाद्य पदार्थ व कास्मेटिक में होने से व्यापारियों से गलती नहीं होगी और वह आर्थिक दंड से बच जाएंगे। जीएसटी भरने में होने वाली गलती के सुधार का विकल्प होना चाहिए।
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इसके अलावा जीएसटी संबंधी अन्य मामलों में परिवर्तन कर व्यापारियों को संकट से उबारने की मांग की गई। लाखन सिंह, सुनील टंडन, सुनील मिश्रा, प्रभात पांडेय, सरल वर्मा, संजीव वर्मा, शशांक, त्रिलोकी नाथ, अनुज सैनी, दीपक, शान मोहम्मद आदि मौजूद रहे।
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फर्रुखाबाद। व्यापारियों ने जीएसटी कानून सरल बनाने की मांग उठाते हुए मंगलवार को जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से व्यापारियों के हित में जीएसटी के तीन स्लैब बनाने की आवाज उठाई।
फेेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष मनोज मिश्रा के नेतृत्व में व्यापारी सुबह कलक्ट्रेेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को छह सूत्री ज्ञापन सौंपकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से जीएसटी कानून सरल बनाने की मांग की। ज्ञापन में कहा कि व्यापारी के लिए जीएसटी की सीमा बढ़ाकर 75 लाख वार्षिक करने से सरकार के राजस्व में मामूली प्रभाव पड़ने के साथ लाखों छोटे व्यापारियों को जीएसटी के कठिन अनुपालन से मुक्ति मिलेगी।
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इसके साथ ही जीएसटी तीन स्लैब में आवश्यक वस्तु, खाद्य पदार्थ व कास्मेटिक में होने से व्यापारियों से गलती नहीं होगी और वह आर्थिक दंड से बच जाएंगे। जीएसटी भरने में होने वाली गलती के सुधार का विकल्प होना चाहिए।
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इसके अलावा जीएसटी संबंधी अन्य मामलों में परिवर्तन कर व्यापारियों को संकट से उबारने की मांग की गई। लाखन सिंह, सुनील टंडन, सुनील मिश्रा, प्रभात पांडेय, सरल वर्मा, संजीव वर्मा, शशांक, त्रिलोकी नाथ, अनुज सैनी, दीपक, शान मोहम्मद आदि मौजूद रहे।