{"_id":"684091813d1cbff49d0ac702","slug":"three-guilty-of-unintentional-murder-of-dalit-farrukhabad-news-c-222-1-frk1001-125173-2025-06-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: दलित की गैर इरादतन हत्या करने में तीन दोषी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: दलित की गैर इरादतन हत्या करने में तीन दोषी
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। 10 साल पहले दलित को गांव के तीन ग्रामीणों ने गला दबाकर मारपीट कर मरणासन्न कर दिया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में सुनवाई कर कोर्ट ने तीन को दोषी ठहराया। दोषियों को 11 जून को सजा सुनाई जाएगी।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव महरूपुर सहजू निवासी रंजीत पुत्र दिवारीलाल ने गांव के तीन ग्रामीणों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि छह अगस्त 2014 को रात करीब एक बजे वह पिता दिवारीलाल को ढूंढ रहा था। महरूपुर सहजू पुलिया के नीचे गड्ढे में गांव के पवन शुक्ला, मोनू, नवीन कटियार व कलेक्टर उनका गला और मुंह दबाकर लात-घूंसों से पिटाई कर रहे थे। विरोध करने पर सभी भाग गए।
कुछ समय बाद पिता की मौत हो गई। पुलिस ने दलित उत्पीड़न व गैर इरादतन हत्या करने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। विवेचक ने विवेचना पूरी कर तीनों के खिलाफ दलित उत्पीड़न व गैर इरादतन हत्या के अपराध में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट अभिनीतम उपाध्याय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। गवाह व साक्ष्य के आधार पर पवन, मोनू, कलेक्टर को दलित उत्पीड़न व गैर इरादतन हत्या करने के मामले में दोषी ठहराया। दोषियों को 11 जून को सजा सुनाई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव महरूपुर सहजू निवासी रंजीत पुत्र दिवारीलाल ने गांव के तीन ग्रामीणों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा था कि छह अगस्त 2014 को रात करीब एक बजे वह पिता दिवारीलाल को ढूंढ रहा था। महरूपुर सहजू पुलिया के नीचे गड्ढे में गांव के पवन शुक्ला, मोनू, नवीन कटियार व कलेक्टर उनका गला और मुंह दबाकर लात-घूंसों से पिटाई कर रहे थे। विरोध करने पर सभी भाग गए।
विज्ञापन
कुछ समय बाद पिता की मौत हो गई। पुलिस ने दलित उत्पीड़न व गैर इरादतन हत्या करने में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की। विवेचक ने विवेचना पूरी कर तीनों के खिलाफ दलित उत्पीड़न व गैर इरादतन हत्या के अपराध में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट अभिनीतम उपाध्याय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं। गवाह व साक्ष्य के आधार पर पवन, मोनू, कलेक्टर को दलित उत्पीड़न व गैर इरादतन हत्या करने के मामले में दोषी ठहराया। दोषियों को 11 जून को सजा सुनाई जाएगी।
विज्ञापन