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प्रचार सामग्री मिलने पर हुआ था मुकदमा
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फर्रुखाबाद। वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में बिना मुद्रण की प्रचार सामग्री पकड़े जाने के मामले में सांसद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। सांसद का कहना है कि इसमें गलत धाराओं में उनके खिलाफ चार्जशीट लगाई है। वह न्यायालय में हाजिर होकर अपना पक्ष रखेंगे।
भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने वर्ष 2012 में विधानसभा क्षेत्र भोजपुर से चुनाव लड़ा था। इस दौरान बिना मुद्रण के प्रचार सामग्री पकड़े जाने पर मुकेश राजपूत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। सांसद ने बताया कि प्रिंटिंग प्रेस से नमूना के तौर पर उनके लिए 1000 पंपलेट छापकर भेजे गए थे। उस पर मुद्रण संख्या अंकित नहीं थी। उनका चुनाव चिह्न फ्रिज था, जबकि पंपलेट पर अलमारी छपा था।
इससे उन्होंने प्रचार सामग्री वापस ले जाने को कहा था। इसी बीच सपा नेताओं ने प्रसार सामग्री पकड़वा दी थी। इसमें चार्जशीट गलत धाराओं में दाखिल कर दी गई। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, बाद में यह मामला फिर स्थानीय न्यायालय में भेज दिया गया।
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फिलहाल न्यायालय के आदेशों का वह सम्मान करेंगे। गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की उन्हें जानकारी मिली है। एक जनवरी को वह उन्नाव में थे। शाम को वह हरदोई से वापस आए हैं। वह न्यायालय में हाजिर होकर अपना पक्ष रखेंगे।
जिन धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें आचार संहिता से कोई लेनादेना ही नहीं है] जबकि बिना मुद्रण प्रचार सामग्री पकड़े जाने में आचार संहिता उल्लंघन का मामला बनता है। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि अभी पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर मामले को देखेंगे।
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भाजपा सांसद मुकेश राजपूत ने वर्ष 2012 में विधानसभा क्षेत्र भोजपुर से चुनाव लड़ा था। इस दौरान बिना मुद्रण के प्रचार सामग्री पकड़े जाने पर मुकेश राजपूत के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। सांसद ने बताया कि प्रिंटिंग प्रेस से नमूना के तौर पर उनके लिए 1000 पंपलेट छापकर भेजे गए थे। उस पर मुद्रण संख्या अंकित नहीं थी। उनका चुनाव चिह्न फ्रिज था, जबकि पंपलेट पर अलमारी छपा था।
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इससे उन्होंने प्रचार सामग्री वापस ले जाने को कहा था। इसी बीच सपा नेताओं ने प्रसार सामग्री पकड़वा दी थी। इसमें चार्जशीट गलत धाराओं में दाखिल कर दी गई। इसके लिए उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की, बाद में यह मामला फिर स्थानीय न्यायालय में भेज दिया गया।
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फिलहाल न्यायालय के आदेशों का वह सम्मान करेंगे। गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की उन्हें जानकारी मिली है। एक जनवरी को वह उन्नाव में थे। शाम को वह हरदोई से वापस आए हैं। वह न्यायालय में हाजिर होकर अपना पक्ष रखेंगे।
जिन धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें आचार संहिता से कोई लेनादेना ही नहीं है] जबकि बिना मुद्रण प्रचार सामग्री पकड़े जाने में आचार संहिता उल्लंघन का मामला बनता है। एसपी अशोक कुमार मीणा ने बताया कि अभी पत्र नहीं मिला है। पत्र मिलने पर मामले को देखेंगे।