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Farrukhabad News: एआरटीओ में शुक्रवार और शनिवार को नहीं होता काम
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फर्रुखाबाद। प्रदेश के फर्रुखाबाद एआरटीओ कार्यालय में शुक्रवार व शनिवार को काम पूरी तरह बंद रहता है। आरआई के स्थानांतरण के बाद से एआरटीओ ने सितंबर तक शुक्रवार व शनिवार की ऑनलाइन स्लॉट बंद कर दी हैं।
एआरटीओ कार्यालय के आरआई जीवन कुमार का तबादला कानपुर देहात के लिए हो गया। शासन ने उनके स्थान पर किसी की नियुक्त नहीं की। आरआई लाइसेंस, वाहन ट्रांसफर, वाहनों की फिटनेस सहित सभी काम करते थे।
एआरटीओ बृजेंद्र चौधरी पंजीयन का काम करते हैं। आरआई के तबादले के बाद से काम का बोझ पड़ने पर एआरटीओ ने शुक्रवार व शनिवार को लाइसेंस, वाहन ट्रांसफर, फिटनेस सहित अन्य काम पूरी तरह बंद कर दिए। उन्होंने सितंबर तक ऑनलाइन स्लॉट बंद कर दी हैं।
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ऐसे में शुक्रवार व शनिवार की तिथि आवेदन करने पर किसी वाहन मालिक को नहीं मिलती है। कार्यालय में इन दो दिनों में कर्मचारी खाली बैठे रहते हैं। केवल टैक्स जमा होता है। लाइसेंस के पटल पर फोटो खींची जाती है। शुक्रवार को कार्यालय में लिपिक रवि, उज्जवल, अरविंद व संविदा कर्मी सचिन सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
कामकाज पूरी तरह बंद था। एआरटीओ बृजेंद्र चौधरी ने बताया अकेले सभी काम कैसे कर सकते हैं। इसलिए शुक्रवार व शनिवार को अन्य काम करने के लिए स्लाट बंद कर दी है।
एआरटीओ कानपुर मीटिंग में गए, नहीं आया निजी कर्मी भोला
लाइसेंस बनवाने आए लोगों से उनके नाम के वाहन का पंजीयन प्रमाण पत्र मांगने वाले एआरटीओ बृजेंद्र चौधरी को कानपुर आरटीओ ने शुक्रवार को बैठक में बुलाया। ऐसे में वह कानपुर चले गए। उनके कक्ष में बैठकर कंप्यूटर पर वाहनों की फिटनेस, ट्रांसफर, पंजीयन सहित सभी कामों का अनुमोदन करने वाला निजी कर्मी भोला शुक्रवार को कार्यालय में नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक भोला ही सभी कामों का हिसाब किताब रखता था। गुरुवार को अधिकारियों के छापे के दौरान वह फर्जी संविदा पहचान पत्र टांगे था। एडीएम ने सभी संविदा कर्मियों की संविदा का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
लिपिकों के पास काम नहीं संविदा कर्मी चला रहे है आफिस
एआरटीओ कार्यालय में तैनात लिपिक उज्ज्वल को एआरटीओ ने केवल टैक्स व डाक रिसीव करने का काम दे रखा है। लिपिक रवि के पास पंजीयन, फिटनेस के प्रपत्र अपलोड, ट्रांसफर प्रपत्र अपलोड का काम है। लिपिक अरविंद के पास भारी वाहनों का काम है। जबकि संविदा कर्मी सचिन कुमार के पास लाइसेंस का पूरा काम है। एआरटीओ का निजी कर्मी भोला सभी काम में अनुमोदन देकर आखिरी मोहर लगाता है। लाइसेंस पटल के संविदा कर्मी ने दलालों से वसूली के लिए एक निजी कर्मचारी रखा हुआ है। छापे के बाद शाम को पहुंचा निजी कर्मी पुलिस की गाड़ी देखकर बाइक छोड़कर भाग गया। वहीं फिटनेस के प्रपत्र एकत्र करने वाला व्यक्ति कई दिनों से कार्यालय में नहीं आ रहा है।
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एआरटीओ कार्यालय के आरआई जीवन कुमार का तबादला कानपुर देहात के लिए हो गया। शासन ने उनके स्थान पर किसी की नियुक्त नहीं की। आरआई लाइसेंस, वाहन ट्रांसफर, वाहनों की फिटनेस सहित सभी काम करते थे।
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एआरटीओ बृजेंद्र चौधरी पंजीयन का काम करते हैं। आरआई के तबादले के बाद से काम का बोझ पड़ने पर एआरटीओ ने शुक्रवार व शनिवार को लाइसेंस, वाहन ट्रांसफर, फिटनेस सहित अन्य काम पूरी तरह बंद कर दिए। उन्होंने सितंबर तक ऑनलाइन स्लॉट बंद कर दी हैं।
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ऐसे में शुक्रवार व शनिवार की तिथि आवेदन करने पर किसी वाहन मालिक को नहीं मिलती है। कार्यालय में इन दो दिनों में कर्मचारी खाली बैठे रहते हैं। केवल टैक्स जमा होता है। लाइसेंस के पटल पर फोटो खींची जाती है। शुक्रवार को कार्यालय में लिपिक रवि, उज्जवल, अरविंद व संविदा कर्मी सचिन सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे।
कामकाज पूरी तरह बंद था। एआरटीओ बृजेंद्र चौधरी ने बताया अकेले सभी काम कैसे कर सकते हैं। इसलिए शुक्रवार व शनिवार को अन्य काम करने के लिए स्लाट बंद कर दी है।
एआरटीओ कानपुर मीटिंग में गए, नहीं आया निजी कर्मी भोला
लाइसेंस बनवाने आए लोगों से उनके नाम के वाहन का पंजीयन प्रमाण पत्र मांगने वाले एआरटीओ बृजेंद्र चौधरी को कानपुर आरटीओ ने शुक्रवार को बैठक में बुलाया। ऐसे में वह कानपुर चले गए। उनके कक्ष में बैठकर कंप्यूटर पर वाहनों की फिटनेस, ट्रांसफर, पंजीयन सहित सभी कामों का अनुमोदन करने वाला निजी कर्मी भोला शुक्रवार को कार्यालय में नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक भोला ही सभी कामों का हिसाब किताब रखता था। गुरुवार को अधिकारियों के छापे के दौरान वह फर्जी संविदा पहचान पत्र टांगे था। एडीएम ने सभी संविदा कर्मियों की संविदा का सत्यापन कराने का निर्देश दिया है।
लिपिकों के पास काम नहीं संविदा कर्मी चला रहे है आफिस
एआरटीओ कार्यालय में तैनात लिपिक उज्ज्वल को एआरटीओ ने केवल टैक्स व डाक रिसीव करने का काम दे रखा है। लिपिक रवि के पास पंजीयन, फिटनेस के प्रपत्र अपलोड, ट्रांसफर प्रपत्र अपलोड का काम है। लिपिक अरविंद के पास भारी वाहनों का काम है। जबकि संविदा कर्मी सचिन कुमार के पास लाइसेंस का पूरा काम है। एआरटीओ का निजी कर्मी भोला सभी काम में अनुमोदन देकर आखिरी मोहर लगाता है। लाइसेंस पटल के संविदा कर्मी ने दलालों से वसूली के लिए एक निजी कर्मचारी रखा हुआ है। छापे के बाद शाम को पहुंचा निजी कर्मी पुलिस की गाड़ी देखकर बाइक छोड़कर भाग गया। वहीं फिटनेस के प्रपत्र एकत्र करने वाला व्यक्ति कई दिनों से कार्यालय में नहीं आ रहा है।