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Farrukhabad News: आरोग्य मेले में बदहाली, कहीं डॉक्टर तो कहीं एलटी नहीं
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फर्रुखाबाद। जनपद में मुख्यमंत्री आरोग्य मेला मजाक बन गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं। जिम्मेदारी की नजर भी नहीं जा रही है। कहीं डॉक्टर नहीं तो कहीं जांच के इंतजाम नहीं। कई पीएचसी पर तो बिजली, पानी व शौचालय के भी इंतजाम नहीं हैं। कोई भी अधिकारी निरीक्षण करने नहीं पहुंचा।
शहर के छह व ग्रामीण क्षेत्र के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेला लगा। सीएमओ से लेकर एसीएमओ तक का निरीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित रहने से पीएचसी की बदहाली कोई देखने वाला नहीं है। पीएचसी आईटीआई व नवदिया में बिना जांच के ही मरीज लौट रहे हैं। अस्पताल में जांच सामग्री भरी पड़ी है, उसे कोई देखने वाला नहीं है।
बढ़पुर ब्लॉक की मात्र एक पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग में कभी न तो डॉक्टर की तैनाती हुई और न एलटी की। इसका भी कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। यहां आरोग्य मेले में 58 मरीज आए। एलटी न होने से बुखार के चार मरीजों में किसी जांंच नहीं हो सकी।
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बिना डॉक्टर चल रही झाड़ियों से घिरी पीएचसी, बिजली-पानी भी नहीं
मोहम्मदाबाद। क्षेत्र की पीएचसी पखना में डॉक्टर न होने से फार्मासिस्ट कैलाश बाबू ने 15 मरीज देखकर दवाई दी। एलटी सुमित कुमार ने जांच की। पीएचसी में न तो बिजली है और न ही पानी का इंतजाम। शौचालय में कबाड़ भरा है। जर्जर भवन में गंदगी की भरमार है। आवासों से खिड़की व दरवाजे गायब हो चुके हैं। परिसर में चारों ओर घास व झाड़ियां खड़ी होने से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की पोल खुल रही है। फार्मासिस्ट ने बताया कि जून में डॉ. मो.फैजल के तबादले के बाद किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है। व्यवस्था सुधारने का भी कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।(संवाद)
फार्मासिस्ट के भरोसे आरोग्य मेला
शमसाबाद। क्षेत्र की पीएचसी पसियापुर में फार्मासिस्ट दिलीप ने मरीज देखकर दवाई दी। एलटी न होने से मरीजों की जांच नहीं हो सकी। एएनएम कीर्ति व वार्ड बॉय राजा मौजूद रहे। पीएचसी कुआंखेड़ा में फार्मासिस्ट अखिलेश ने मरीज देखकर दवा दी। एलटी ओम नंदन ने मरीजों की जांच की। पीएचसी चिलसरा में भी फार्मासिस्ट नरेंद्र के भरोसे ही आरोग्य मेले में मरीजों का उपचार किया गया। पीएचसी फैजबाग में फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने मरीज देखकर दवा दी। (संवाद)
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शहर के छह व ग्रामीण क्षेत्र के 28 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आरोग्य मेला लगा। सीएमओ से लेकर एसीएमओ तक का निरीक्षण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तक सीमित रहने से पीएचसी की बदहाली कोई देखने वाला नहीं है। पीएचसी आईटीआई व नवदिया में बिना जांच के ही मरीज लौट रहे हैं। अस्पताल में जांच सामग्री भरी पड़ी है, उसे कोई देखने वाला नहीं है।
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बढ़पुर ब्लॉक की मात्र एक पीएचसी रमन्ना गुलजार बाग में कभी न तो डॉक्टर की तैनाती हुई और न एलटी की। इसका भी कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। यहां आरोग्य मेले में 58 मरीज आए। एलटी न होने से बुखार के चार मरीजों में किसी जांंच नहीं हो सकी।
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बिना डॉक्टर चल रही झाड़ियों से घिरी पीएचसी, बिजली-पानी भी नहीं
मोहम्मदाबाद। क्षेत्र की पीएचसी पखना में डॉक्टर न होने से फार्मासिस्ट कैलाश बाबू ने 15 मरीज देखकर दवाई दी। एलटी सुमित कुमार ने जांच की। पीएचसी में न तो बिजली है और न ही पानी का इंतजाम। शौचालय में कबाड़ भरा है। जर्जर भवन में गंदगी की भरमार है। आवासों से खिड़की व दरवाजे गायब हो चुके हैं। परिसर में चारों ओर घास व झाड़ियां खड़ी होने से संचारी रोग नियंत्रण अभियान की पोल खुल रही है। फार्मासिस्ट ने बताया कि जून में डॉ. मो.फैजल के तबादले के बाद किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं हुई है। व्यवस्था सुधारने का भी कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।(संवाद)
फार्मासिस्ट के भरोसे आरोग्य मेला
शमसाबाद। क्षेत्र की पीएचसी पसियापुर में फार्मासिस्ट दिलीप ने मरीज देखकर दवाई दी। एलटी न होने से मरीजों की जांच नहीं हो सकी। एएनएम कीर्ति व वार्ड बॉय राजा मौजूद रहे। पीएचसी कुआंखेड़ा में फार्मासिस्ट अखिलेश ने मरीज देखकर दवा दी। एलटी ओम नंदन ने मरीजों की जांच की। पीएचसी चिलसरा में भी फार्मासिस्ट नरेंद्र के भरोसे ही आरोग्य मेले में मरीजों का उपचार किया गया। पीएचसी फैजबाग में फार्मासिस्ट वीरेंद्र राजपूत ने मरीज देखकर दवा दी। (संवाद)