{"_id":"670035a0ff763d86c40184c6","slug":"there-are-potholes-on-230-kilometers-of-road-out-of-307-it-is-difficult-to-walk-farrukhabad-news-c-12-knp1031-852051-2024-10-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: 307 में से 230 किलोमीटर सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे, चलना दूभर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: 307 में से 230 किलोमीटर सड़क पर गड्ढे ही गड्ढे, चलना दूभर
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। जिले की 307 में से 230 किलोमीटर सड़क जर्जर हैं। पीडब्ल्यूडी की ओर से शासन को पैचवर्क के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। सर्वे रिपोर्ट स्वत: ही सड़कों का हाल बता रही है। खस्ताहाल सड़काें पर चलकर राहगीर आए दिन चुटहिल हो रहे हैं। बाढग्रस्त इलाकों की सड़कों के हालात काफी दयनीय है। कई मुख्य मार्ग पूरी तरह से कट चुके हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों की मरम्मत कर 10 अक्तूबर तक गड्ढों को भरने के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री के आदेश पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने आनन-फानन में सड़कों का सर्वे कर डाला। सर्वे रिपोर्ट में बरसात में खराब हुई सड़कों की पोल खुल गई।
ऐसे में मुख्यमंत्री के फरमान को विभाग कैसे पूरा कर सकेगा, यह समय ही बताएगा। विभाग की ओर से शासन को भेजे गए सड़कों के ब्योरे में फतेहगढ़-छिबरामऊ मार्ग पर 16.40 में से छह किलोमीटर पर पैचवर्क कराया जाना है। वहीं, अटैनाघाट-कंपिल-कायमगंज-संकिसा-मोहम्मदाबाद पर 23.125 में से 15 किलोमीटर पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रमुख मार्गों पर 39.53 में से 21 किलोमीटर सड़क जर्जर है।
विज्ञापन
इसी तरह शहरी मार्गों पर 9.90 में से सात किलोमीटर सड़क पर पैचवर्क प्रस्तावित किया गया है। शहर की एक और भोजपुर की तीन सड़कों को मिलाकर 25.33 में से 13.927 किलोमीटर सड़क बरसात में खराब पाई गई।
वहीं, ग्रामीण इलाकों में 233 किलोमीटर में से 188.32 किलोमीटर रोड पर गड्ढे पाए गए हैं। सर्वे रिपोर्ट की स्थिति पर गौर करें तो जिले में प्रांतीय खंड की 307.78 किलोमीटर में से 230.25 किलोमीटर सड़क पर गड्ढायुक्त है।
गड्ढे भरी सड़क पर चलना राहगीरों के लिए दुष्कर साबित हो रहा है। यही नहीं वाहन चालकों को अपने वाहनों की मरम्मत पर अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। वहीं निर्माण खंड की ओर से भी 109.89 किलोमीटर सड़क पर गड्ढे भरने का प्रस्ताव भेजा गया है।
कुछ सड़कें पूरी तरह से जर्जर
विभागीय सर्वे रिपोर्ट के अनुसार कुछ सड़कें तो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। एमटीसी मार्ग से रायपुर संपर्क मार्ग की लंबाई 2.80 किलोमीटर है। यह सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इसी तरह महरूपुर क्रासिंग से दरियावगंज संपर्क मार्ग 7.80 किलोमीटर, चित्तापुर-कपूरापुर मार्ग से चाचूपुर की मडैया संपर्क मार्ग (दो किलोमीटर), रानूखेड़ा से राजेपुर भूड संपर्क मार्ग (0.64 किलोमीटर), भुलनपुर-चिरपुरा(1.42 किलोमीटर), कुबेरपुर घाट से फतेहपुर बड़ा (1.30 किलोमीटर), नदौरा लिंक मार्ग (तीन किलोमीटर), सिठौली-नगला चंपत मार्ग (एक किलोमीटर) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश पर सड़कों का सर्वे कराया गया है। कई सड़कें ऐसी हैं जोकि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बरसात अब थमी है। कुछ स्थानों पर कार्य शुरू कराया गया है। समय से पैचवर्क पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
- मुरलीधर, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़कों की मरम्मत कर 10 अक्तूबर तक गड्ढों को भरने के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री के आदेश पर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने आनन-फानन में सड़कों का सर्वे कर डाला। सर्वे रिपोर्ट में बरसात में खराब हुई सड़कों की पोल खुल गई।
विज्ञापन
ऐसे में मुख्यमंत्री के फरमान को विभाग कैसे पूरा कर सकेगा, यह समय ही बताएगा। विभाग की ओर से शासन को भेजे गए सड़कों के ब्योरे में फतेहगढ़-छिबरामऊ मार्ग पर 16.40 में से छह किलोमीटर पर पैचवर्क कराया जाना है। वहीं, अटैनाघाट-कंपिल-कायमगंज-संकिसा-मोहम्मदाबाद पर 23.125 में से 15 किलोमीटर पर गड्ढे ही गड्ढे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक प्रमुख मार्गों पर 39.53 में से 21 किलोमीटर सड़क जर्जर है।
विज्ञापन
इसी तरह शहरी मार्गों पर 9.90 में से सात किलोमीटर सड़क पर पैचवर्क प्रस्तावित किया गया है। शहर की एक और भोजपुर की तीन सड़कों को मिलाकर 25.33 में से 13.927 किलोमीटर सड़क बरसात में खराब पाई गई।
वहीं, ग्रामीण इलाकों में 233 किलोमीटर में से 188.32 किलोमीटर रोड पर गड्ढे पाए गए हैं। सर्वे रिपोर्ट की स्थिति पर गौर करें तो जिले में प्रांतीय खंड की 307.78 किलोमीटर में से 230.25 किलोमीटर सड़क पर गड्ढायुक्त है।
गड्ढे भरी सड़क पर चलना राहगीरों के लिए दुष्कर साबित हो रहा है। यही नहीं वाहन चालकों को अपने वाहनों की मरम्मत पर अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ रही है। वहीं निर्माण खंड की ओर से भी 109.89 किलोमीटर सड़क पर गड्ढे भरने का प्रस्ताव भेजा गया है।
कुछ सड़कें पूरी तरह से जर्जर
विभागीय सर्वे रिपोर्ट के अनुसार कुछ सड़कें तो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। एमटीसी मार्ग से रायपुर संपर्क मार्ग की लंबाई 2.80 किलोमीटर है। यह सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। इसी तरह महरूपुर क्रासिंग से दरियावगंज संपर्क मार्ग 7.80 किलोमीटर, चित्तापुर-कपूरापुर मार्ग से चाचूपुर की मडैया संपर्क मार्ग (दो किलोमीटर), रानूखेड़ा से राजेपुर भूड संपर्क मार्ग (0.64 किलोमीटर), भुलनपुर-चिरपुरा(1.42 किलोमीटर), कुबेरपुर घाट से फतेहपुर बड़ा (1.30 किलोमीटर), नदौरा लिंक मार्ग (तीन किलोमीटर), सिठौली-नगला चंपत मार्ग (एक किलोमीटर) पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश पर सड़कों का सर्वे कराया गया है। कई सड़कें ऐसी हैं जोकि पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। बरसात अब थमी है। कुछ स्थानों पर कार्य शुरू कराया गया है। समय से पैचवर्क पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
- मुरलीधर, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड