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समूह की महिलाओं को 9 किलोमीटर दूर ले जाना पड़ता पुष्टाहार
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कमालगंज क्षेत्र पंचायत सभागार में आयोजित कार्यशाला में समूह की बैठी महिलाएं। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
संवाद न्यूज एजेंसी
कमालगंज। क्षेत्र पंचायत कार्यालय सभागार में बुधवार को आयोजित कार्यशाला में रठौरा नगला नींव के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कहा कि उन्हें अपने गांव से करीब 9 किलोमीटर दूर महोई गांव में पुष्टाहार लेकर जाना पड़ता है।
भाड़ा आदि न मिलने से परेशानी हो रही है। दाल की महंगाई का मामला भी उठाया गया। कार्यशाला में एडीओ निरंजन त्रिवेदी, ब्लॉक मिशन प्रबंधक अनुज कुमार व प्रदीप कुमार की मैजूदगी में समूह की महिलाओं को पुष्टाहार वितरण की व्यवस्था के संबंध में विस्तार से समझाया गया। जरारी के जानकी स्वयं सहायता समूह की रिंकी ने कहा कि उन्हें 7 केंद्रों पर पुष्टाहार पहुंचना पड़ता है।
अहिमलापुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला देवी ने कहा कि उनके यहां किसी समूह को पुष्टाहार पहुंचाने की जिम्मेदारी नहीं दी गई। उन्हें कोटेदार ने राशन दिया। समूह की महिलाओं ने कहा कि दाल 60 रुपये किलो नहीं बल्कि सबसे सस्ती चने की दाल 80 रुपये है। यदि 60 रुपये किलो का भुगतान मिला तो नुकसान होगा।
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कमालगंज। क्षेत्र पंचायत कार्यालय सभागार में बुधवार को आयोजित कार्यशाला में रठौरा नगला नींव के स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने कहा कि उन्हें अपने गांव से करीब 9 किलोमीटर दूर महोई गांव में पुष्टाहार लेकर जाना पड़ता है।
भाड़ा आदि न मिलने से परेशानी हो रही है। दाल की महंगाई का मामला भी उठाया गया। कार्यशाला में एडीओ निरंजन त्रिवेदी, ब्लॉक मिशन प्रबंधक अनुज कुमार व प्रदीप कुमार की मैजूदगी में समूह की महिलाओं को पुष्टाहार वितरण की व्यवस्था के संबंध में विस्तार से समझाया गया। जरारी के जानकी स्वयं सहायता समूह की रिंकी ने कहा कि उन्हें 7 केंद्रों पर पुष्टाहार पहुंचना पड़ता है।
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अहिमलापुर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुशीला देवी ने कहा कि उनके यहां किसी समूह को पुष्टाहार पहुंचाने की जिम्मेदारी नहीं दी गई। उन्हें कोटेदार ने राशन दिया। समूह की महिलाओं ने कहा कि दाल 60 रुपये किलो नहीं बल्कि सबसे सस्ती चने की दाल 80 रुपये है। यदि 60 रुपये किलो का भुगतान मिला तो नुकसान होगा।
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