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Farrukhabad News: मौसम ने घटाई बाहर की आवक , कायमगंज के अमरूद की बढ़ी मांग
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कायमगंज। मौसम की मार के चलते बाहरी राज्यों में अमरूद की पैदावार घटने से इस बार कायमगंज के इलाहाबादी सफेदा अमरूद की मांग तेजी से बढ़ गई है। महाराष्ट्र और सवाई माधोपुर सहित अन्य क्षेत्रों से अमरूद की आवक कम होने का सीधा फायदा स्थानीय किसानों और व्यापारियों को मिल रहा है। बाजार में अमरूद 40 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है।
इलाहाबादी सफेदा अमरूद अपने स्वाद और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। हल्के हरे रंग और सफेद गूदे वाले इस अमरूद की मांग हर साल रहती है लेकिन इस बार बाहर के क्षेत्रों में मौसम अनुकूल न रहने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। इससे मंडियों में बाहरी अमरूद कम पहुंच रहा है और कायमगंज का अमरूद पहली पसंद बन गया है।
क्षेत्र में करीब 25 वर्ष पहले लगभग 500 हेक्टेयर में अमरूद के बाग थे लेकिन उगटा रोग के कारण अधिकांश बाग नष्ट हो गए। वर्तमान में केवल करीब 10 प्रतिशत क्षेत्र में ही अमरूद की खेती रह गई है। अधिक उत्पादन के चलते पितौरा में फ्रूट फैक्ट्री भी स्थापित की गई थी, जहां से अमरूद का जूस बनाकर विदेश भेजा जाता था लेकिन बाग खत्म होने से फैक्ट्री भी बंद हो गई।
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बाहरी आवक घटने से स्थानीय बाजार में अमरूद की मांग बढ़ी है। फर्रुखाबाद रोड, अचरा रोड और अलीगंज रोड पर सड़क किनारे फुटकर में अमरूद की जमकर बिक्री हो रही है। फल आढ़ती हुजैफ खान ने बताया कि कायमगंज का इलाहाबादी सफेदा अमरूद स्वाद में बेहतर होने से बाहर की मंडियों में भी पसंद किया जाता है। यहां से रोजाना करीब 10 पिकअप अमरूद दिल्ली, अलीगढ़, बुलंदशहर और मेरठ भेजा जा रहा है। बाहर से कम आवक के कारण इस बार अमरूद के दाम अच्छे मिल रहे हैं।
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इलाहाबादी सफेदा अमरूद अपने स्वाद और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। हल्के हरे रंग और सफेद गूदे वाले इस अमरूद की मांग हर साल रहती है लेकिन इस बार बाहर के क्षेत्रों में मौसम अनुकूल न रहने से उत्पादन प्रभावित हुआ है। इससे मंडियों में बाहरी अमरूद कम पहुंच रहा है और कायमगंज का अमरूद पहली पसंद बन गया है।
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क्षेत्र में करीब 25 वर्ष पहले लगभग 500 हेक्टेयर में अमरूद के बाग थे लेकिन उगटा रोग के कारण अधिकांश बाग नष्ट हो गए। वर्तमान में केवल करीब 10 प्रतिशत क्षेत्र में ही अमरूद की खेती रह गई है। अधिक उत्पादन के चलते पितौरा में फ्रूट फैक्ट्री भी स्थापित की गई थी, जहां से अमरूद का जूस बनाकर विदेश भेजा जाता था लेकिन बाग खत्म होने से फैक्ट्री भी बंद हो गई।
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बाहरी आवक घटने से स्थानीय बाजार में अमरूद की मांग बढ़ी है। फर्रुखाबाद रोड, अचरा रोड और अलीगंज रोड पर सड़क किनारे फुटकर में अमरूद की जमकर बिक्री हो रही है। फल आढ़ती हुजैफ खान ने बताया कि कायमगंज का इलाहाबादी सफेदा अमरूद स्वाद में बेहतर होने से बाहर की मंडियों में भी पसंद किया जाता है। यहां से रोजाना करीब 10 पिकअप अमरूद दिल्ली, अलीगढ़, बुलंदशहर और मेरठ भेजा जा रहा है। बाहर से कम आवक के कारण इस बार अमरूद के दाम अच्छे मिल रहे हैं।