{"_id":"68d43dc282a07dcc9b0d2a67","slug":"the-supreme-court-has-stayed-both-cases-against-mohammadabad-police-station-farrukhabad-news-c-222-1-frk1001-130455-2025-09-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मदाबाद थाने के दोनों मुकदमों पर लगाई रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मदाबाद थाने के दोनों मुकदमों पर लगाई रोक
Thu, 25 Sep 2025 01:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 25 Sep 2025 01:15 AM IST
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। सुप्रीम कोर्ट ने फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद थाने में दर्ज दो आपराधिक मुकदमों की कार्रवाई पर रोक लगा दी है।
कोर्ट ने यह आदेश सोमवार को सुनवाई के दौरान दिया। मामला अभिषेक दुबे उर्फ जीतू की ओर से दाखिल याचिका से जुड़ा है।
इसमें हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। अभिषेक दुबे माफिया अनुपम दुबे का चचेरा भाई है। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति नोंग मीकापम कोटिश्वर सिंह की पीठ ने की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक चौधरी व सरवानंद दुबे ने पैरवी की, जबकि राज्य पक्ष की ओर से अधिवक्ता यशार्थकांत और शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता मेघा कर्णवाल ने नोटिस स्वीकार किया।
अदालत ने चार सप्ताह के भीतर काउंटर हलफनामा (जवाब) दाखिल करने का निर्देश दिया। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक दोनों एफआईआर में किसी भी प्रकार की आगे की कार्रवाई पर पूरी तरह से रोक रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से याचिकाकर्ता अभिषेक दुबे को फिलहाल बड़ी राहत मिली है, जबकि राज्य सरकार को अब अपना पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा।
विज्ञापन
कोर्ट ने यह आदेश सोमवार को सुनवाई के दौरान दिया। मामला अभिषेक दुबे उर्फ जीतू की ओर से दाखिल याचिका से जुड़ा है।
इसमें हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। अभिषेक दुबे माफिया अनुपम दुबे का चचेरा भाई है। याचिका पर सुनवाई न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति नोंग मीकापम कोटिश्वर सिंह की पीठ ने की।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक चौधरी व सरवानंद दुबे ने पैरवी की, जबकि राज्य पक्ष की ओर से अधिवक्ता यशार्थकांत और शिकायतकर्ता की ओर से अधिवक्ता मेघा कर्णवाल ने नोटिस स्वीकार किया।
विज्ञापन
अदालत ने चार सप्ताह के भीतर काउंटर हलफनामा (जवाब) दाखिल करने का निर्देश दिया। खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक दोनों एफआईआर में किसी भी प्रकार की आगे की कार्रवाई पर पूरी तरह से रोक रहेगी। मामले की अगली सुनवाई 7 नवंबर को होगी।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश से याचिकाकर्ता अभिषेक दुबे को फिलहाल बड़ी राहत मिली है, जबकि राज्य सरकार को अब अपना पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा।