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फसल बर्बादी के सदमे से एक और किसान की मौत

ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Wed, 08 Apr 2015 11:39 PM IST
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The shock of the death of the farmer crop waste

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मोहम्मदाबाद में मौसम के कहर से फसल बर्बाद होने के सदमे ने एक और किसान की
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जान ले ली। ग्राम सभा नगला समई मौजा पिपरगांव में गेहूं काट रहे अधेड़ का हार्टफेल हो गया। सूचना मिलने पर तहसीलदार समेत राजस्वकर्मी मौके पर पहुंचे। परिजनों ने बगैर पोस्टमार्टम कराए शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

ग्राम सभा नगला समई मौजा पिपरगांव निवासी आशाराम यादव (56) पुत्र स्व. सियाराम बुधवार सुबह करीब 6 बजे अपने खेत में गेहूं की फसल काट रहा था। खेत में उनके पुत्र स्नोद यादव और प्रमोद यादव भी थे। विनोद के मुताबिक अचानक पिता आशाराम यादव के सीने में दर्द शुरू हो गया और वह खेत में ही लेट गए। चारपाई से उन्हें घर लाए और प्राइवेट वाहन

से जिला मुख्यालय स्थित एक नर्सिंग होम ले गए। यहां पर चिकित्सक ने उनको मृत घोषित कर दिया। जानकारी मिलने पर तहसीलदार संजीव ओझा और राजस्व निरीक्षक प्रहलाद सिंह, चंद्रकांत और लेखपाल राहुल सिंह मौके पर पहुंचे और छानबीन की। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया। शव का अंतिम संस्कार कर दिया। तहसीलदार

संजीव ओझा ने बताया कि मौके पर जाकर जांच की। शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। वहीं मृतक के पुत्र विनोद कुमार ने बताया कि छह बीघा खेत से ही परिवार का भरण-पोषण होता है। इस बार पहले ओलावृष्टि और बरसात में आलू की फसल बर्बाद हो गई। तीन बीघा खेत में गेहूं की फसल थी। वह भी बरसात और आंधी में करीब 60 प्रतिशत बर्बाद हो गई। पिता फसल बर्बाद होने और बहन की शादी को लेकर बहुत चिंतित रहते थे। इसी के चलते पिता की सदमे से मौत हो गई।
 
माली हालत अच्छी नहीं
मृतक के परिवार की माली हालत अच्छी नहीं है। छह बीघा खेत से ही परिवार का भरण-पोषण करता था। बेटी की शादी की चिंता भी थी। ऊपर से फसल बर्बाद होने से आशाराम टूट सा गया था। प्रधान पति अवधेश पाल ने बताया कि आशाराम यादव की माली हालत अच्छी नहीं थी। एक कमरा और उसके आगे पड़े छप्पर में ही परिवार गुजर करता था। पहले ओला 

और बरसात से आलू की फसल बर्बाद हुई। इससे वह टूट गया था। पड़ोसी मनोज कुमार, राकेश यादव, पवन यादव और दुष्यंत यादव का कहना था कि बरसात और आंधी से गेहूं की फसल भी 40 से 50 प्रतिशत नष्ट हो गई थी। आशाराम अक्सर कहता था कि इस बार तो खाने के लिए गेहूं भी नसीब नहीं होगा।

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