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Farrukhabad News: रिपोर्ट के 24 घंटे बाद भी नहीं हो सका दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल
Sat, 18 Oct 2025 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 18 Oct 2025 12:59 AM IST
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फर्रुखाबाद। कोर्ट की फटकार के बाद थाना मऊदरवाजा पुलिस हरकत में आई और आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज की, लेकिन रिपोर्ट दर्ज होने के 24 घंटे बाद भी पुलिस दुष्कर्म पीड़िता का मेडिकल नहीं करा सकी।
शुक्रवार को किशोरी परिजनों के साथ दिन में थाने में बैठी रही। शाम को अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर न मिलने के कारण मेडिकल नहीं हो सका। इससे किशोरी घर लौट गई।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के एक गांव निवासी वृद्ध ने छह अगस्त को पॉक्सो एक्ट न्यायालय में अर्जी दायर की थी। आरोप था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री के साथ गांव खैराबाद निवासी सोनू और उसके चचेरे भाई अंशुल ने दुष्कर्म किया। आरोपियों ने पीड़िता के फोटो और वीडियो बना लिए और बाद में ब्लैकमेल कर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने लगे।
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परिजनों के विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वृद्ध ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन थाना पुलिस ने मामला झूठा बताकर भगा दिया। एसपी से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में पीड़िता के पिता ने मामला कोर्ट में उठाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डॉ. अनिल कुमार ने 10 सितंबर को आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करने और सात दिन के भीतर रिपोर्ट की कॉपी कोर्ट में प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
उधर, पुलिस ने आदेश की अवहेलना की तो परिजनों ने पुनः कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस पर कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए थानाध्यक्ष मऊदरवाजा के खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज कर रिपोर्ट की कॉपी एसपी को भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने आननफानन एफआईआर दर्ज की और पीड़िता को बयान देने के लिए बुलाया।
परिजनों के अनुसार, पुलिस ने दिन में करीब 4:30 बजे मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा, लेकिन डॉक्टर न मिलने पर देर रात मेडिकल कराने को कहा गया, जिस पर परिजनों ने इन्कार कर दिया।
थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने बताया कि पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया था, साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया चल रही है। किसी कारणवश मेडिकल नहीं हो पाया है, मेडिकल शनिवार को कराया जाएगा।
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शुक्रवार को किशोरी परिजनों के साथ दिन में थाने में बैठी रही। शाम को अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टर न मिलने के कारण मेडिकल नहीं हो सका। इससे किशोरी घर लौट गई।
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थाना मऊदरवाजा क्षेत्र के एक गांव निवासी वृद्ध ने छह अगस्त को पॉक्सो एक्ट न्यायालय में अर्जी दायर की थी। आरोप था कि उसकी 16 वर्षीय पुत्री के साथ गांव खैराबाद निवासी सोनू और उसके चचेरे भाई अंशुल ने दुष्कर्म किया। आरोपियों ने पीड़िता के फोटो और वीडियो बना लिए और बाद में ब्लैकमेल कर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने लगे।
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परिजनों के विरोध करने पर आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद वृद्ध ने पुलिस को तहरीर दी, लेकिन थाना पुलिस ने मामला झूठा बताकर भगा दिया। एसपी से शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में पीड़िता के पिता ने मामला कोर्ट में उठाया। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट डॉ. अनिल कुमार ने 10 सितंबर को आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करने और सात दिन के भीतर रिपोर्ट की कॉपी कोर्ट में प्रस्तुत करने के आदेश दिए।
उधर, पुलिस ने आदेश की अवहेलना की तो परिजनों ने पुनः कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस पर कोर्ट ने पुलिस को फटकार लगाते हुए थानाध्यक्ष मऊदरवाजा के खिलाफ प्रकीर्णवाद दर्ज कर रिपोर्ट की कॉपी एसपी को भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस ने आननफानन एफआईआर दर्ज की और पीड़िता को बयान देने के लिए बुलाया।
परिजनों के अनुसार, पुलिस ने दिन में करीब 4:30 बजे मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा, लेकिन डॉक्टर न मिलने पर देर रात मेडिकल कराने को कहा गया, जिस पर परिजनों ने इन्कार कर दिया।
थानाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह ने बताया कि पीड़िता को मेडिकल के लिए भेजा गया था, साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया चल रही है। किसी कारणवश मेडिकल नहीं हो पाया है, मेडिकल शनिवार को कराया जाएगा।