फर्रुखाबाद। रोडवेज डिपो में इन दिनों यात्रियों की संख्या तेजी से कम हुई है। इसका खामियाजा डिपो के साथ परिचालकों को भी भुगतना पड़ता है। 18.18 लाख रुपये लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 15 लाख रुपये की इनकम आ रही है। कम आय लाने वाले परिचालकों को कैश काउंटर पर घंटों परेशान किया जाता।
राज्य सड़क परिवहन निगम आय पर तेजी से सख्ती कर रहा है। स्थानीय डिपो में निगम की 104 और अनुबंधित 27 बसें हैं। इन बसों से नियमानुसार 18.18 लाख रुपये प्रतिदिन का लक्ष्य दिया गया है। विभाग के लाख प्रयासों के बावजूद सितंबर के शुरुआत से ही हालत बेहद खराब है। इसके पीछे पितृपक्ष और बाढ़ की विभीषिका मुख्य वजह है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि लक्ष्य के सापेक्ष 14-15 लाख रुपये की आय हो रही है। यही नहीं एक दिन मात्र 12 लाख रुपये ही आय हुई थी। 50 फीसदी से कम आय लाने वाले परिचालकों से जवाब तलब किया जाता है। इन दिनों जो परिचालक कम आय लेकर आ रहे हैं, उन्हें दो-दो घंटे फतेहगढ़ कार्यशाला स्थित कैश काउंटर पर परेशान किया जाता है। नवरात्र में आमदनी बढ़ने की उम्मीद भी नाकाम साबित हो रही है। इससे निगम स्तर के अफसरों का दबाव बढ़ता जा रहा है। वरिष्ठ केंद्र प्रभारी गौरीशंकर ने बताया कि बारिश, पितृपक्ष में लोग कम निकलते हैं। यही वजह है कि आय घटी है। शीघ्र ही इसे पूरा कर लिया जाएगा। अब सहालग शुरू होने पर स्थिति सुधर जाएगी।