{"_id":"695ea27d52eac140c80d9f61","slug":"the-investigation-into-the-disappearance-of-871-mobile-phones-and-3416-tablets-is-pending-farrukhabad-news-c-222-1-frk1012-135454-2026-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: 871 मोबाइल व 3416 टैबलेट गायब होने की जांच अधर में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: 871 मोबाइल व 3416 टैबलेट गायब होने की जांच अधर में
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। डिजीशक्ति योजना के तहत छात्रों को बांटने के लिए शासन से भेजे गए 871 मोबाइल व 3416 टैबलेट गायब होने की जांच अधर में लटक गई है। पूर्व ईडीएम ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कलक्ट्रेट कर्मियों को ही जिम्मेदार ठहराया है। उसने सेवा समाप्ति के छह माह बाद नोटिस देने पर भी सवाल उठाए हैं।
डिजीशक्ति योजना के तहत शासन से जनपद को 36,950 स्मार्ट फोन व 18,262 टैबलेट छात्रों को वितरण के लिए मिले थे। छात्रों को वितरण के बाद पूरा विवरण डिजीशक्ति पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश थे। कुल 55,212 डिवाइस में 871 स्मार्ट फोन व 3,416 टैबलेट का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं है और न ही गोदाम के स्टॉक में हैं। एडीएम ने मामले की जांच अतिरिक्त एसडीएम को सौंपी। अतिरिक्त एसडीएम रवींद्र सिंह ने 16 दिसंबर को तत्कालीन ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आगरा निवासी अभिषेक चौहान को नोटिस देकर मामले में एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा था।
अभिषेक चौहान ने बताया कि उन्हें फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। एक जुलाई 2022 को आउटसोर्स पर तैनाती हुई थी। डिजीशक्ति योजना पहले से संचालित थी। तत्कालीन एडीएम ने उन्हें मौखिक आदेश देकर मोबाइल व टैबलेट वितरण का काम सौंपा था। इसका गोदाम जीजीआईसी में था। इसकी जिम्मेदारी उसे नहीं सौंपी गई थी। उसका काम वितरण किए गए डिवाइस की डिजीशक्ति पोर्टल पर एंट्री करना था। वह पोर्टल भी तत्कालीन एडीएम की आईडी व पासवर्ड से संचालित था।
विज्ञापन
2023 में गोदाम स्थानांतरित होकर कलक्ट्रेट परिसर में आ गया। तब से उसे एंट्री के अलावा गोदाम की जिम्मेदारी दी गई। अधिकारियों के आदेश पर ही वह गोदाम से मोबाइल व टैबलेट वितरण के लिए निकालता था। गोदाम की चाबी ई-डिस्ट्रिक्ट लैब में जमा रहती थी। लैब की चाबी ट्रेजरी के अधीन थी। 6 नवंबर को बिना नोटिस दिए उसकी सेवा समाप्त कर दी गई। आठ नवंबर को उसने कनिष्ठ सहायक को चार्ज भी दे दिया।
सेवा समाप्त के 6 माह बाद 9 मई 2024 को तत्कालीन एडीएम ने उसे नोटिस दिया। इसमें एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई। दूसरा नोटिस 16 दिसंबर 2025 को दिया गया। इसमें मोबाइल व टैबलेट में हेरफेर करने का आरोप लगाया गया जाे बिल्कुल निराधार है। फिलहाल तत्कालीन ईडीएम के जवाब से जांच की गुत्थी उलझती जा रही है। एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच अंतिम दौर में है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।
विज्ञापन
डिजीशक्ति योजना के तहत शासन से जनपद को 36,950 स्मार्ट फोन व 18,262 टैबलेट छात्रों को वितरण के लिए मिले थे। छात्रों को वितरण के बाद पूरा विवरण डिजीशक्ति पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश थे। कुल 55,212 डिवाइस में 871 स्मार्ट फोन व 3,416 टैबलेट का विवरण पोर्टल पर अपलोड नहीं है और न ही गोदाम के स्टॉक में हैं। एडीएम ने मामले की जांच अतिरिक्त एसडीएम को सौंपी। अतिरिक्त एसडीएम रवींद्र सिंह ने 16 दिसंबर को तत्कालीन ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर आगरा निवासी अभिषेक चौहान को नोटिस देकर मामले में एक सप्ताह के अंदर जवाब मांगा था।
विज्ञापन
अभिषेक चौहान ने बताया कि उन्हें फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। एक जुलाई 2022 को आउटसोर्स पर तैनाती हुई थी। डिजीशक्ति योजना पहले से संचालित थी। तत्कालीन एडीएम ने उन्हें मौखिक आदेश देकर मोबाइल व टैबलेट वितरण का काम सौंपा था। इसका गोदाम जीजीआईसी में था। इसकी जिम्मेदारी उसे नहीं सौंपी गई थी। उसका काम वितरण किए गए डिवाइस की डिजीशक्ति पोर्टल पर एंट्री करना था। वह पोर्टल भी तत्कालीन एडीएम की आईडी व पासवर्ड से संचालित था।
विज्ञापन
2023 में गोदाम स्थानांतरित होकर कलक्ट्रेट परिसर में आ गया। तब से उसे एंट्री के अलावा गोदाम की जिम्मेदारी दी गई। अधिकारियों के आदेश पर ही वह गोदाम से मोबाइल व टैबलेट वितरण के लिए निकालता था। गोदाम की चाबी ई-डिस्ट्रिक्ट लैब में जमा रहती थी। लैब की चाबी ट्रेजरी के अधीन थी। 6 नवंबर को बिना नोटिस दिए उसकी सेवा समाप्त कर दी गई। आठ नवंबर को उसने कनिष्ठ सहायक को चार्ज भी दे दिया।
सेवा समाप्त के 6 माह बाद 9 मई 2024 को तत्कालीन एडीएम ने उसे नोटिस दिया। इसमें एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी गई। दूसरा नोटिस 16 दिसंबर 2025 को दिया गया। इसमें मोबाइल व टैबलेट में हेरफेर करने का आरोप लगाया गया जाे बिल्कुल निराधार है। फिलहाल तत्कालीन ईडीएम के जवाब से जांच की गुत्थी उलझती जा रही है। एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच अंतिम दौर में है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई तय की जाएगी।