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थम नहीं रहा है बुखार का कहर, मासूम सहित तीन की मौत
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कायमगंज (फर्रुखाबाद)। बुखार से मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। बच्चे समेत तीन और लोगों की बुखार से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार इसमें दो को निजी डॉक्टरों ने डेंगू बताया था। आठ मरीजों को सोमवार को सीएचसी की इमरजेंसी में भर्ती कराया गया।
गांव कुबेरपुर निवासी मुमत्याज (63) एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों के अनुसार एक निजी डॉक्टर ने जांच में डेंगू बताया था। प्लेटलेट्स भी घटकर 90 हजार रह गईं। फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में सुधार न होने पर दो दिन पहले दिल्ली ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान मौत हो गई। पुत्र यूसुफ ने बताया बुखार से दिल, लिवर व फेफड़े खराब हो गए थे।रविवार को शव गांव लाया गया। गांव में कई लोग बीमार हैं। कंपिल क्षेत्र के गांव भटमई में रोहित की डेढ़ वर्षीय पुत्री शोभा की बुखार से हालत बिगड़ गई। परिजन सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
कायमगंज के मोहल्ला नोनियमगंज निवासी मानसी (19) को भी चार दिन से बुखार आ रहा था। निजी डॉक्टर के डेंगू बताया था। सोमवार मानसी की हालत बिगड़ने पर परिजन लोहिया अस्पताल ले गए, वहां उसकी मौत हो गई। गांव उलियापुर दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहां करीब 30 लोग बुखार से पीड़ित हैं। सोमवार को सीएचसी की इमरजेंसी में बुखार के आठ मरीजों को भर्ती कराया गया।
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बुखार आने पर पर न करें लापरवाही
सीएचसी के डॉक्टर अमरेश कुमार ने बताया कि बुखार में लापरवाही न बरते। झोलाछाप से दवा लेने के बजाए सरकारी अस्पताल में दिखाएं। झोलाछाप के इलाज के कारण ही बुखार में दिल, लिवर, फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं। ज्यादातर लोग झोलाछाप की दवा से हालत बिगड़ने पर मरीज को सीएचसी लेकर पहुंचते हैं।
उस्मानगंज में बुखार के 60 मरीज मिले
कमालगंज। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को उस्मानगंज गांव में शिविर लगाकर 75 मरीजों की जांच की। इसमें 60 बुखार से पीड़ित मिले। 34 मरीजों की मलेरिया, 20 की टाइफाइड व 19 की डेंगू जांच की। राजेपुर सरायमेदा गांव में 23 मरीजों को दवाएं दी गईं। 19 मरीज बुखार से पीड़ित मिले। गांव महरूपुर राबी में 46 मरीजों की जांच हुई। डॉ. सोमेश अग्निहोत्री ने बताया कि सभी मरीजों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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गांव कुबेरपुर निवासी मुमत्याज (63) एक सप्ताह से बुखार से पीड़ित थे। परिजनों के अनुसार एक निजी डॉक्टर ने जांच में डेंगू बताया था। प्लेटलेट्स भी घटकर 90 हजार रह गईं। फर्रुखाबाद के एक निजी अस्पताल में सुधार न होने पर दो दिन पहले दिल्ली ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान मौत हो गई। पुत्र यूसुफ ने बताया बुखार से दिल, लिवर व फेफड़े खराब हो गए थे।रविवार को शव गांव लाया गया। गांव में कई लोग बीमार हैं। कंपिल क्षेत्र के गांव भटमई में रोहित की डेढ़ वर्षीय पुत्री शोभा की बुखार से हालत बिगड़ गई। परिजन सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।
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कायमगंज के मोहल्ला नोनियमगंज निवासी मानसी (19) को भी चार दिन से बुखार आ रहा था। निजी डॉक्टर के डेंगू बताया था। सोमवार मानसी की हालत बिगड़ने पर परिजन लोहिया अस्पताल ले गए, वहां उसकी मौत हो गई। गांव उलियापुर दो लोगों की मौत हो चुकी है। वहां करीब 30 लोग बुखार से पीड़ित हैं। सोमवार को सीएचसी की इमरजेंसी में बुखार के आठ मरीजों को भर्ती कराया गया।
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बुखार आने पर पर न करें लापरवाही
सीएचसी के डॉक्टर अमरेश कुमार ने बताया कि बुखार में लापरवाही न बरते। झोलाछाप से दवा लेने के बजाए सरकारी अस्पताल में दिखाएं। झोलाछाप के इलाज के कारण ही बुखार में दिल, लिवर, फेफड़े प्रभावित हो रहे हैं। ज्यादातर लोग झोलाछाप की दवा से हालत बिगड़ने पर मरीज को सीएचसी लेकर पहुंचते हैं।
उस्मानगंज में बुखार के 60 मरीज मिले
कमालगंज। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सोमवार को उस्मानगंज गांव में शिविर लगाकर 75 मरीजों की जांच की। इसमें 60 बुखार से पीड़ित मिले। 34 मरीजों की मलेरिया, 20 की टाइफाइड व 19 की डेंगू जांच की। राजेपुर सरायमेदा गांव में 23 मरीजों को दवाएं दी गईं। 19 मरीज बुखार से पीड़ित मिले। गांव महरूपुर राबी में 46 मरीजों की जांच हुई। डॉ. सोमेश अग्निहोत्री ने बताया कि सभी मरीजों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।