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Farrukhabad News: भगवामय जिले पर नहीं हैं सरकार की नजरें इनायत

Tue, 12 May 2026 12:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Tue, 12 May 2026 12:59 AM IST
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The government is not paying any attention to the saffron district.
फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया
फर्रुखाबाद। भाजपा का गढ़ माने जाने वाले जिले को हाल ही में हुए प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार में कोई जगह नहीं मिली है। जिले में भाजपा और उसके गठबंधन अपना दल (एस) के पास सभी चार विधानसभा सीटें हैं, जबकि संसदीय सीट पर भी भाजपा लगातार तीन बार से काबिज है। पड़ोसी जिले कन्नौज में समाजवादी पार्टी का सांसद होने के बावजूद दो विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है, जिससे फर्रुखाबाद में सवाल उठ रहे हैं।
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जिले की भोजपुर, सदर और अमृतपुर विधानसभा सीटों पर भाजपा लगातार दूसरी बार विजयी रही है। कायमगंज सीट पर अपना दल (एस) की डॉ. सुरभि विधायक हैं, जिन्होंने 2022 के चुनाव में जीत हासिल की थी। फर्रुखाबाद संसदीय सीट पर 2014 से लगातार भाजपा के मुकेश राजपूत सांसद चुने जा रहे हैं, लेकिन उन्हें भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर मोनिका यादव भाजपा से काबिज हैं। वहीं, भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशुदत्त द्विवेदी विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुने गए हैं। पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह यादव भी 2023 में समाजवादी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे। इन सभी मजबूत स्थितियों के बावजूद, रविवार को हुए प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में जिले को प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका। कन्नौज में असीम अरुण के मंत्री होने के बाद भी तिर्वा से विधायक कैलाश राजपूत को राज्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। इस अनदेखी से जिले के भाजपा कार्यकर्ताओं और जनता में निराशा है।
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पूर्व मंत्री प्रभा द्विवेदी के बाद जिले से नहीं बना कोई मंत्री



फर्रुखाबाद जिले से भाजपा सरकार में मंत्री बनने का सिलसिला पूर्व मंत्री प्रभा द्विवेदी के बाद थम गया है। ब्रह्मदत्त द्विवेदी की हत्या के बाद उनकी पत्नी प्रभा द्विवेदी ने 1997 में उपचुनाव जीता था और उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। इससे पहले उनके पति ब्रह्मदत्त द्विवेदी भी भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे थे। तब से प्रदेश में जब भी भाजपा सरकार बनी, जिले को मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिल सका।
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पांच नगर निकायों पर भी भाजपाई काबिज



कभी बसपा में रहे पूर्व एमएलसी मनोज अग्रवाल की पत्नी वत्सला अग्रवाल तीसरी बार फर्रुखाबाद नगर पालिका अध्यक्ष हैं। उन्होंने तत्कालीन भाजपा जिलाध्यक्ष रूपेश गुप्ता की मां को चुनाव हराकर तीसरी बार पालिका अध्यक्ष की कुर्सी हासिल की थी। इसके बाद उनके पति व पालिका अध्यक्ष वत्सला अग्रवाल भाजपा में शामिल हो गई थीं। ऐसा ही कुछ कायमगंज में हुआ था। वहां भी पालिकाध्यक्ष डॉ. शरद गंगवार ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। बाद में वह भी भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके अलावा खिमसेपुर व संकिसा नगर पंचायत में भी भाजपा का कब्जा है।



वर्जन



मंत्री बनाना मुख्यमंत्री का काम है। इस संदर्भ में मैं क्या बताऊं जिले से किसी क्यों मंत्री नहीं बनाया। जिले से कोई मंत्री बन जाता तो ठीक रहता है। -फतेहचंद्र राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष

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फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

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फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

फोटो-14 सांसद मुकेश राजपूत। स्रोत: सोशल मीडिया

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