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आध्यात्मिक आनंद की प्यास में भूले संसार

Mon, 19 Jan 2015 11:21 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Mon, 19 Jan 2015 11:21 PM IST
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The forgotten world of spiritual bliss thirst
पौराणिक परंपराओं के पथ पर अध्यात्मिक आनंद की प्यास में साधु-संत गंगा तट
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पर लगी रामनगरिया में डेरा जमाए हैं। कल्पवासी इन संतों की चरणरज को मस्तक पर धारण कर अपने को कृतार्थ करते दिखाई देते हैं। कहते हैं कि माघ मास में किया जाने वाला दानपुण्य सबसे अधिक फलदायी होता है। इसको दृष्टिगत रखते हुए यहां आने वाले सत्मार्गी धार्मिक

अनुष्ठानों में संलग्न हैं। एक तरफ बाबा भोलेनाथ के अनुयायी नागा हैं तो दूसरी ओर भगवान विष्णु के भक्त वैष्णव अपनी-अपनी टोलियों में विचरण कर लोगों को धर्म धारण करने का संदेश दे रहे हैं। गंगा में छोड़ा जाने वाला पानी प्रतिदिन समस्याओं में इजाफा कर रहा है। आशंका जताई जा रही है कि सोमवार की रात नरौरा बांध से 35 हजार क्यूसेक

पानी और छोड़ा जाएगा। इसके चलते लोगों ने अभी से अपनी झोपड़ियां उखाड़कर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया है। प्रशासनिक क्षेत्र में लगे पांडाल में अधिकारियों ने पंच सम्मेलन के माध्यम से प्रधानों को स्वच्छता और विकास का पाठ पढ़ाया। वहीं मेला क्षेत्र में बिक रहे वाद्य यंत्रों की महिलाएं खरीद करते दिखीं। वहीं पुलिसिया रौब से मेला क्षेत्र के दुकानदार परेशान हैं। वैदिक क्षेत्र लोगों को चरित्र निर्माण की शिक्षा दे रहा है।

आज और बढ़ सकता है पानी
एक सप्ताह से बांधों से रुक-रुककर पानी छोड़ा जा रहा है। इसके चलते गंगा के तलहटी इलाकों में झोपड़ी और राउटियां लगाए कल्पवासियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अभी तक उत्तर मध्य क्षेत्र में करीब 500 झोपड़ियों के स्थान पर जलभराव हो गया है। यहां से लोग पलायन कर चुके हैं। सोमवार को आशंका व्यक्त की गई कि नरौरा बांध से 35 हजार क्यूसेक पानी गंगा में और छोड़ा जा सकता है। इसको लेकर तलहटी क्षेत्र के कल्पवासियों ने शाम से ही अपने टेंटों को उखाड़ना शुरू कर दिया है। जगह की कमी के चलते यह कल्पवासी रामनगरिया क्षेत्र के मार्गों पर डेरा जमाने को मजबूर हैं।
 
पंच सम्मेलन में प्रधानों को पढ़ाया स्वच्छता का पाठ
रामनगरिया के पंडाल में आयोजित पंच सम्मेलन के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी श्रीनारायण शुक्ल ने प्रधानों से कहा कि गांवों में स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए शौचालयों का निर्माण कराया जाए। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा मनरेगा जाबकार्ड धारकों को कार्य देने को कहा। साथ ही तालाबों किनारे पौधरोपण, समतलीकरण एवं अन्य विकास कार्य कराने को कहा। उन्होंने कहा कि एक लाख से कम का कार्य कुटेशन पर कराया जा सकता है। इससे अधिक का कार्य टेंडर डालकर ही करवाएं। पीडी डा. डीआर विश्वकर्मा ने आजीविका मिशन, इंदिरा आवास, लोहिया आवास एवं शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी। डीसी मनरेगा जनार्दन यादव ने कहा कि गांवों में मनरेगा द्वारा किए जाने वाले कार्यों के स्थानों को चिन्हित कर मैप बनाकर योजना तैयार करें। जिला विकास अधिकारी प्रहलाद सिंह, आलू विकास अधिकारी नेपाल सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। सम्मेलन की अध्यक्षता पूर्व विधायक महरम सिंह और संचालन दीपिका त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम को आकर्षक बनाने के लिए जादूगर गोगा ने जादू के माध्यम से शासन की योजनाओं को बताया।

यज्ञ में दीं आहुतियां
जनपदीय आर्य उप प्रतिनिधि सभा के निर्माण शिविर में यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य यजमान प्रमोद यादव और सीमा के साथ ही अन्य लोगों ने आहुतियां डालीं। योगेश शास्त्री ने कहा कि यज्ञ से वातावरण शुद्घ होता है। इस अवसर पर हरिओम शास्त्री, शिवनरायन, दीपक आर्य, वरुण, राजकुमार, रामू, अजीत कुमार, मुन्ना यादव, लवकुश, कैलाश, अर्जुन, बनवारीलाल और धीरज कुमार आदि मौजूद रहे।

जस दूल्हा तस बनी बराता
रामनगरिया क्षेत्र में कथावाचक सुरेंद्रनाथ शास्त्री ने भगवान शंकर और पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि जब शंकर भगवान की बारात में भगवान विष्णु समेत अन्य देवता पहुंचे तो भगवान शंकर के वर रूप को देखकर देवताओं ने खूब ठिठोली की। विष्णु भगवान के यह  कहने पर कि हम लोग अलग-अलग संगठनों में बारात के लिए प्रस्थान करेंगे।

यह सुनते ही भगवान शंकर ने अपने गण भृंगी को आदेश देते हुए कहा कि जितने भी  गण हैं उन सबको विवाह में आमंत्रित किया जाए। आदेश होते ही संसार के जितने भी भूत, प्रेत थे सभी प्रसन्न होकर भगवान की बारात चलने को तैयार हुए। रामचरित मानस में तुलसीदास जी ने कहा कि शंकर की बारात में कोई मुखवाला था तो कोई मुखहीन।

किसी के पैर नहीं थे तो किसी के हाथ। इतने वीभत्स लोग शामिल थे, जिन्हें देखकर लोग खौफ से डर जाते थे। जब बारात हिमालय के द्वार पहुंची तो देवताओं की टोली देखकर नगरवासी प्रसन्न हुए लेकिन जैसे ही शिव बारातियों का आगमन हुआ तो उन्हें देखकर महिलाएं मूर्छित हो गईं।

लोगों ने अपने-अपने घर के कपाटों को बंद कर दिया। लेकिन नगर के बुजुर्गों के समझाने पर कि यह आए बाराती भोलेनाथ के अनुचर हैं। इनसे डरने की जरूरत नहीं, तब जाकर लोगों का भय समाप्त हुआ। भगवान शंकर की बारात में जैसे दूल्हा और वैसे ही उनके बाराती थे।

सफाईकर्मियों ने दी हड़ताल की धमकी
मेला क्षेत्र में लगे सफाईकर्मियों ने सोमवार को मेला प्रभारी संदीप दीक्षित को ज्ञापन दिया। उन्होंने मांग की कि 21 जनवरी तक उनका बोनस न दिया गया तो वह 22 जनवरी से हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे। इस दौरान अरविंद कुमार, सुभाषचंद्र, आकाश कुमार, राहुल कुमार, लखन कुमार, राजेंद्र कुमार, कन्हैया, शिवपाल, प्रदीप, रामकुमार और रामबहादुर आदि मौजूद रहे।

लोगों को सचेत करते ठांय बाबा
रामनगरियाक्षेत्र में 5 फीट के ठांय बाबा के कंधों पर लकड़ी की बंदूक और फलों के कारतूस देखकर लोग खूब आनंद ले रहे हैं। बाबा लोगों को जेबकतरों और उठाईगीरों से मेला क्षेत्र में आने वाले लोगों को सचेत करते रहते हैं। अपने मजाकिया अंदाज में लोगों को करतब भी दिखाते हैं।

फिर दिखा पुलिसिया रौब
मेला क्षेत्र में सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी आए दिन कोई न कोई बवाल खड़ा करते रहते हैं। सोमवार को मैजिक शो के दौरान पुलिसकर्मियों की टोली ने सारी सीटों पर कब्जा कर लिया। इससे टिकट खरीदने वाले लोग बाहर ही खड़े रहे। जब कलाकारों को मालूम हुआ कि यह दर्शक नहीं  हैं तो उन्होंने शो बंद कर दिया। संचालक के काफी मानमनौव्वल के बाद यह पुलिसकर्मी बाहर आए।

संचालक का कहना है कि इस कड़ाके की सर्दी में उनका धंधा वैसे ही चौपट है।  ऐसे में मुफ्त में शो देखने वालों को भी सोचना चाहिए। विगत दिनों पुलिसकर्मियों का झूला संचालन करने वाले से भी कहासुनी हो गई थी। इसको लेकर पुलिसवालों ने झूला संचालक को जमकर पीटा था। दुकानदारों का कहना है कि यही रवैया रहा तो वह कार्यक्रमों का आयोजन बंद कर देंगे।

सोलर लाइट से मोबाइल चार्ज 
रामनगरिया क्षेत्र के कई स्थानों की बिजली जलभराव के चलते काट दी गई है। इससे यहां मोबाइल को संचालित रखने में लोगों को दिक्कतें आ रही हैं। हालांकि मेला क्षेत्र में कई साधु-संत ऐसे हैं, जो सोलर लाइट से मोबाइल चार्ज करने की सुविधा मुफ्त में प्रदान कर रहे हैं। सोमवार को सूरज के कुछ देर के लिए निकलने से बाबा के पास मोबाइल चार्ज कराने वालों की भीड़ जमा रही।
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