फर्रुखाबाद। ग्राम पंचायत सितवनपुर पिथू में रास्ते पर कब्जा होने से लोग परेशान हैं। कमेटी की जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि हुई। डीएम न्यायालय से कब्जा हटाने के आदेश दिए गए। कुछ अधिकारियों के संरक्षण के चलते सरकारी भूमि पर कब्जा बरकरार है। इससे प्रधान अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
सितवनपुर पिथू के प्रधान शेरबहादुर सिंह जिलाधिकारी से शिकायत की कि ग्राम सभा के रास्ते की भूमि पर गांव के ही दबंगों ने कब्जा कर मकान बना लिया है। इससे लोगों का रास्ता बंद हो गया है। तहसीलदार सदर न्यायालय से कब्जेदारों पर 12,411 रुपये व 1,000 रुपये निष्पादन शुल्क लगाकर 20 फरवरी को बेदखली के आदेश दिए गए थे। इसके बाद डीएम न्यायालय में मामला पहुंचा। वहां से अपील बलहीन होने से निरस्त कर दी गई। 25 फरवरी को प्रधान ने न्यायालय आदेश के क्रम में कब्जा हटवाने की मांग कर जिलाधिकारी को प्रार्थनापत्र दिया। इसके बाद प्रधान 22 अप्रैल को डीएम से शिकायत की। डीएम के आदेश पर तहसीलदार सदर ने 27 अप्रैल को राजस्व निरीक्षक प्रवीण दुबे, लेखपाल सौरभ कुमार, शरद यादव, आशीष पाल की कमेटी गठित कर जांच की तो अवैध कब्जे की पुष्टि हुई। इसके बाद लेखपाल जब कब्जा हटवाने पहुंचे तो कब्जेदार ने दो दिन की मोहलत मांगकर स्वयं कब्जा हटाने का भरोसा दिया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। नायब तहसीलदार सनी कनौजिया ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। रास्ते की भूमि पर कब्जा होने की पुष्टि हो चुकी है। मोहलत का समय भी निकल चुका है। सोमवार को कब्जा हटवाकर रास्ता खुलवाया जाएगा।