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Farrukhabad News: जर्जर स्कूलों की नीलामी कराने में विभाग लापरवाह
Wed, 10 Sep 2025 12:26 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 10 Sep 2025 12:26 AM IST
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फर्रुखाबाद। मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद अभी तक जिले के जर्जर परिषदीय विद्यालयों की नीलामी नहीं हो सकी है। लापरवाही का आलम यह है कि चिह्नित 123 जर्जर विद्यालयों में 97 की ही रिपोर्ट बेसिक शिक्षा विभाग को मिली है।
वहीं 97 विद्यालयों की नीलामी के लिए बनाई गई फाइल वार्ता के लिए मुख्य विकास अधिकारी के पास पड़ी है। अगस्त माह में जिले के जर्जर स्कूलों के खिलाफ अमर उजाला ने अभियान चलाया था। मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जर्जर भवनों की नीलामी करवाए जाने के आदेश दिए थे।
चिह्नित किए गए 123 जर्जर विद्यालयों में ब्लॉकों से 97 की रिपोर्ट ही बेसिक शिक्षा विभाग को प्राप्त हुई। 26 स्कूलों की रिपोर्ट आना बाकी है। सूत्रों ने बताया कि नीलामी के लिए फाइल बनाकर अधिकारियों के पास भेजी गई तो सीडीओ से वार्ता के लिए लिख दिया गया। इसके बाद से अभी तक फाइल आगे नहीं बढ़ी है।
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जर्जर विद्यालयों की नीलामी न होने से बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है। यही नहीं मुख्यमंत्री के आदेशों पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही भारी पड़ रही है। यही वजह है कि अभी तक जर्जर विद्यालय भवनों की नीलामी नहीं हो सकी है।
प्रभारी बीएसए अनुपम अवस्थी ने बताया कि जर्जर विद्यालयों के नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही नीलामी शुरू कराई जाएगी। जिले में वर्ष 2021 में 219 जर्जर विद्यालय भवन निष्प्रयोज्य घोषित किए गए थे। मगर अभी तक सिर्फ 96 की ही नीलामी हो सकी है।
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वहीं 97 विद्यालयों की नीलामी के लिए बनाई गई फाइल वार्ता के लिए मुख्य विकास अधिकारी के पास पड़ी है। अगस्त माह में जिले के जर्जर स्कूलों के खिलाफ अमर उजाला ने अभियान चलाया था। मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जर्जर भवनों की नीलामी करवाए जाने के आदेश दिए थे।
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चिह्नित किए गए 123 जर्जर विद्यालयों में ब्लॉकों से 97 की रिपोर्ट ही बेसिक शिक्षा विभाग को प्राप्त हुई। 26 स्कूलों की रिपोर्ट आना बाकी है। सूत्रों ने बताया कि नीलामी के लिए फाइल बनाकर अधिकारियों के पास भेजी गई तो सीडीओ से वार्ता के लिए लिख दिया गया। इसके बाद से अभी तक फाइल आगे नहीं बढ़ी है।
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जर्जर विद्यालयों की नीलामी न होने से बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है। यही नहीं मुख्यमंत्री के आदेशों पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही भारी पड़ रही है। यही वजह है कि अभी तक जर्जर विद्यालय भवनों की नीलामी नहीं हो सकी है।
प्रभारी बीएसए अनुपम अवस्थी ने बताया कि जर्जर विद्यालयों के नीलामी की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही नीलामी शुरू कराई जाएगी। जिले में वर्ष 2021 में 219 जर्जर विद्यालय भवन निष्प्रयोज्य घोषित किए गए थे। मगर अभी तक सिर्फ 96 की ही नीलामी हो सकी है।