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शौचालय का टैंक साफ करने घुसे दो सफाईकर्मियों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:47 PM IST
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वह टैंक जिसमें घुसने से सफाई कर्मियों की मौत हुई।
- फोटो : अमर उजाला
कंपिल कस्बा के मोहल्ला चौधरियान में टैंक साफ करने घुसे दो सफाईकर्मियों की दम घुटने से मौत हो गई। सफाईकर्मियों के शव रात भर टैंक में ही पड़े रहे। शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे टैंक को काटकर दोनों के शव निकाले गए।
विष्णु बाल्मीकि (30) और महादेश्ा बाल्मीकि (20) निवासी मोहल्ला चौधरियान ने कस्बा के ही गिरीश शाक्य के शौचालय के टैंक को साफ करने का तीन हजार रुपये में ठेका लिया था। गुरुवार की रात वह अपने साथ कर्ण, विकास, गिरिजा, दाता को लेकर टैंक साफ करने पहुंचा। रात नौ बजे से टैंक सफाई का कार्य शुरू किया गया। रात 12.30 बजे के करीब तलहटी में बाल्टी से मलबा निकलना बंद हो गया। इस पर विष्णु मलबे क ो बाल्टी में भरने केे लिए टैंक में उतर गया। टैंक में घुसने के बाद विष्णु वहीं बेहोश हो गया। साथियों के पुकारने पर कोई आवाज नहीं आई तो महादेश्ा टैंक में उतर गया।
टैंक में उतरते ही वह भी बेहोश हो गया। इन्हें साथी काफी देर तक आवाज देते रहे। कोई जवाब न आने पर मामले की सूचना टैंक मालिक गिरीशचंद्र को दी गई। उन्होंने भी दोनों को काफी देर तक आवाज लगाई। दोनों सफाईकर्मियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंक ा में थाना पुलिस को सूचना दी गई। थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने नगर पंचायत कंपिल से संपर्क कर टैंक खाली करने वाली मशीन मंगाने का प्रयास किया। उन्हें मशीन नहीं मिल सकी। दोनों सफाईकर्मियाें के शव सुबह तक टैंक में पड़े रहे। सुबह तहसीलदार गजेंद्र सिंह और दरोगा हरिओम शर्मा पहुंचे। इन्होंने ग्लेंडर मशीन मंगाकर टैंक को कटवाया। इसके बाद शवाें को बाहर निकाला गया।
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विष्णु बाल्मीकि (30) और महादेश्ा बाल्मीकि (20) निवासी मोहल्ला चौधरियान ने कस्बा के ही गिरीश शाक्य के शौचालय के टैंक को साफ करने का तीन हजार रुपये में ठेका लिया था। गुरुवार की रात वह अपने साथ कर्ण, विकास, गिरिजा, दाता को लेकर टैंक साफ करने पहुंचा। रात नौ बजे से टैंक सफाई का कार्य शुरू किया गया। रात 12.30 बजे के करीब तलहटी में बाल्टी से मलबा निकलना बंद हो गया। इस पर विष्णु मलबे क ो बाल्टी में भरने केे लिए टैंक में उतर गया। टैंक में घुसने के बाद विष्णु वहीं बेहोश हो गया। साथियों के पुकारने पर कोई आवाज नहीं आई तो महादेश्ा टैंक में उतर गया।
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टैंक में उतरते ही वह भी बेहोश हो गया। इन्हें साथी काफी देर तक आवाज देते रहे। कोई जवाब न आने पर मामले की सूचना टैंक मालिक गिरीशचंद्र को दी गई। उन्होंने भी दोनों को काफी देर तक आवाज लगाई। दोनों सफाईकर्मियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंक ा में थाना पुलिस को सूचना दी गई। थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने नगर पंचायत कंपिल से संपर्क कर टैंक खाली करने वाली मशीन मंगाने का प्रयास किया। उन्हें मशीन नहीं मिल सकी। दोनों सफाईकर्मियाें के शव सुबह तक टैंक में पड़े रहे। सुबह तहसीलदार गजेंद्र सिंह और दरोगा हरिओम शर्मा पहुंचे। इन्होंने ग्लेंडर मशीन मंगाकर टैंक को कटवाया। इसके बाद शवाें को बाहर निकाला गया।
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