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Farrukhabad News: कोर्ट ने दूसरी बार खारिज की पुलिस की फाइनल रिपोर्ट
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फर्रुखाबाद। अपर सत्र न्यायाधीश एवं विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) तरुण कुमार सिंह प्रथम की अदालत ने मऊदरवाजा थाने में दर्ज महिला से मारपीट व अश्लील हरकतों के मामले में पुलिस की दूसरी फाइनल रिपोर्ट भी निरस्त कर दी। अदालत ने प्रोटेस्ट अर्जी स्वीकार करते हुए प्रकरण को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया।
थाना मऊदरवाजा क्षेत्र की महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि थाना क्षेत्र के मोहल्ला भीकमपुरा निवासी राजेंद्र, मोहल्ला ढुइयां निवासी ईशू, उसका पुत्र इकरार, भोपत नगला निवासी श्याम, थाने में तैनात सिपाही योगेश सिंह, लेखपाल खारबंदी, कानूनगो तथा एक अज्ञात के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि झोपड़ी हटाने के दौरान पुलिस-राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में उसके साथ मारपीट की गई, गालियां दी गईं, कपड़े फाड़कर लज्जा भंग करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। पहले भी अदालत ने फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर पुनर्विवेचना के आदेश दिए थे लेकिन पुलिस ने फिर फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
अदालत ने कहा कि केवल भूमि स्वामित्व के विवाद का आधार लेकर मारपीट, जातिसूचक अपमान और महिला की लज्जा भंग जैसे आरोपों को खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत ने फाइनल रिपोर्ट अस्वीकार करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया।
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थाना मऊदरवाजा क्षेत्र की महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि थाना क्षेत्र के मोहल्ला भीकमपुरा निवासी राजेंद्र, मोहल्ला ढुइयां निवासी ईशू, उसका पुत्र इकरार, भोपत नगला निवासी श्याम, थाने में तैनात सिपाही योगेश सिंह, लेखपाल खारबंदी, कानूनगो तथा एक अज्ञात के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि झोपड़ी हटाने के दौरान पुलिस-राजस्व कर्मियों की मौजूदगी में उसके साथ मारपीट की गई, गालियां दी गईं, कपड़े फाड़कर लज्जा भंग करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। पहले भी अदालत ने फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर पुनर्विवेचना के आदेश दिए थे लेकिन पुलिस ने फिर फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
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अदालत ने कहा कि केवल भूमि स्वामित्व के विवाद का आधार लेकर मारपीट, जातिसूचक अपमान और महिला की लज्जा भंग जैसे आरोपों को खारिज नहीं किया जा सकता। अदालत ने फाइनल रिपोर्ट अस्वीकार करते हुए मामले को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया।
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