{"_id":"698101ba3b845547c100dda1","slug":"the-central-budget-will-benefit-the-women-of-the-group-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1016-136827-2026-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: केंद्रीय बजट से समूह की महिलाओं को होगा लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: केंद्रीय बजट से समूह की महिलाओं को होगा लाभ
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। केंद्रीय बजट में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए क्रेडिट लिमिट बढ़ाई गई है। इससे लखपति दीदी को अपना कारोबार बढ़ाने में सहारा मिलेगा। आत्मनिर्भर बनने के साथ तरक्की की राह आसान होगी।
जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में 7,548 स्वयं सहायता समूह हैं। इनमें छह हजार से अधिक समूह सक्रिय हैं और कुछ न कुछ काम कर अपना रोजगार बढ़ाने में लगे हैं। प्रत्येक समूह में 11 से 12 महिलाएं शामिल हैं। शासन से जनपद में 28,147 महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एनआरएलएम के विभागीय रिकार्ड के अनुसार, समूह की 14,752 महिलाएं एक लाख से अधिक वार्षिक आय होने से लखपति दीदी बन चुकी हैं।
योजना के अनुसार प्रत्येक समूह को एक वर्ष बाद 1.5 लाख रुपये, दो वर्ष बाद तीन लाख, तीन वर्ष बाद 6 लाख और चार वर्ष बाद 10 लाख रुपये तक की क्रेडिट लिमिट बनाई जाती है। इससे उन्हें बैंक से आसानी से ऋण मिल जाता और उन्हें अपना कारोबार बढ़ाने में सहयोग मिल जाता है। इससे समूह की महिलाएं उत्पादन बढ़ाकर अपना उत्पाद अच्छे बाजार में बेचती हैं। अच्छा मुनाफा मिलने से उनकी तरक्की की राह आसान हो रही है।
विज्ञापन
केंद्रीय बजट में ग्रामीण महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे स्वयं सहायता समूहों के लिए क्रेडिट लिमिट बढ़ाई गई है। इसके साथ ही बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया को भी और आसान बनाया गया है। इससे लखपति दीदी जैसी योजनाओं को और बल मिलेगा। क्रेडिट लिमिट प्रक्रिया सरल होने से महिलाओं को बैंक से आसानी से बड़ी धनराशि का ऋण मिल जाएगा और वह अपना कारोबार बढ़ाकर तरक्की की राह आसान कर सकेंगी।
डीसी एनआरएलएम व डीडीओ श्याम कुमार तिवारी ने बताया कि क्रेडिट लिमिट की प्रक्रिया आसान होने से समूहों को बढ़ावा मिलेगा। वह आसानी से ऋण लेकर लखपति दीदी के रूप में तैयार हो सकेंगी। वहीं लखपति दीदी अपना कारोबार और बढ़ाकर तरक्की की राह आसान कर सकेंगी। केंद्रीय बजट में समूहों को बढ़ावा देने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है।
विज्ञापन
जनपद के ग्रामीण क्षेत्र में 7,548 स्वयं सहायता समूह हैं। इनमें छह हजार से अधिक समूह सक्रिय हैं और कुछ न कुछ काम कर अपना रोजगार बढ़ाने में लगे हैं। प्रत्येक समूह में 11 से 12 महिलाएं शामिल हैं। शासन से जनपद में 28,147 महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। एनआरएलएम के विभागीय रिकार्ड के अनुसार, समूह की 14,752 महिलाएं एक लाख से अधिक वार्षिक आय होने से लखपति दीदी बन चुकी हैं।
विज्ञापन
योजना के अनुसार प्रत्येक समूह को एक वर्ष बाद 1.5 लाख रुपये, दो वर्ष बाद तीन लाख, तीन वर्ष बाद 6 लाख और चार वर्ष बाद 10 लाख रुपये तक की क्रेडिट लिमिट बनाई जाती है। इससे उन्हें बैंक से आसानी से ऋण मिल जाता और उन्हें अपना कारोबार बढ़ाने में सहयोग मिल जाता है। इससे समूह की महिलाएं उत्पादन बढ़ाकर अपना उत्पाद अच्छे बाजार में बेचती हैं। अच्छा मुनाफा मिलने से उनकी तरक्की की राह आसान हो रही है।
विज्ञापन
केंद्रीय बजट में ग्रामीण महिलाओं द्वारा चलाए जा रहे स्वयं सहायता समूहों के लिए क्रेडिट लिमिट बढ़ाई गई है। इसके साथ ही बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया को भी और आसान बनाया गया है। इससे लखपति दीदी जैसी योजनाओं को और बल मिलेगा। क्रेडिट लिमिट प्रक्रिया सरल होने से महिलाओं को बैंक से आसानी से बड़ी धनराशि का ऋण मिल जाएगा और वह अपना कारोबार बढ़ाकर तरक्की की राह आसान कर सकेंगी।
डीसी एनआरएलएम व डीडीओ श्याम कुमार तिवारी ने बताया कि क्रेडिट लिमिट की प्रक्रिया आसान होने से समूहों को बढ़ावा मिलेगा। वह आसानी से ऋण लेकर लखपति दीदी के रूप में तैयार हो सकेंगी। वहीं लखपति दीदी अपना कारोबार और बढ़ाकर तरक्की की राह आसान कर सकेंगी। केंद्रीय बजट में समूहों को बढ़ावा देने के लिए विशेष ध्यान दिया गया है।