फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   That 's important to laugh Laugh !

हंसिए कि हंसना जरूरी है !

Sat, 02 May 2015 10:47 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Sat, 02 May 2015 10:47 PM IST
विज्ञापन
That 's important to laugh Laugh !
हंसिए.. खुलकर ... और खुलकर। हंसिए जब भी मौका मिले । हंसने के मौके भी
विज्ञापन
तलाशिए। हंसी आपको स्वस्थ रखेगी। जिंदगी के दिन भी बढ़ाएगी। चिकित्सक भी इसकी तस्दीक करते हैं। हंसने से रक्त चाप ठीक रहने के साथ तनाव से छुटकारा मिलती हैं। तब हंसने में कोताही क्यूं करें जनाब।

मई माह के पहले रविवार को विश्व हंसी दिवस मनाया जाता है। चिकित्सकों का मानना है कि हंसने से स्वास्थ्य सही रहता है। काम करने के लिए स्फूर्ति आती है। शरीर ऊर्जा से लबालब रहता है। हंसने से जिंदगी भी बढ़ती है। फिजीशियन डा. केएम द्विवेदी का कहना है कि प्रसन्नचित्त रहने वालों या खुलकर हंसने से 6 फीसदी तक रक्तचाप में कमी आती है। 28 फीसदी तक तनाव क म हो जाता है।

डा. अदिति श्रीवास्तव कहती हैं कि हंसने से मांसपेशियों में खून का दबाव बेहतर रहता है। रक्त संचरण की यह आदर्श स्थिति होती है। दिल के दौरे और डायबिटीज का खतरा कम हो जाता है। इनका कहना है कि हंसने से तनाव से बचा जा सकता है। हंसमुख व प्रसन्न चित्त व्यक्तियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ी रहती है। इससे रोगों से भी बचाव होता है। ऐसे व्यक्तियों में बीमारी का प्रतिशत औसतन 17 से 20 फीसदी कम आंका गया है।

हंसी योग के फायदे
-स्वास्थ्य और खुशी के लिए आसान व्यायाम।
-प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत होती है।

-तनाव खत्म हो जाता है।
-शरीर में अधिक ऊर्जा महसूस होती है।
-मुश्किल समय में सकारात्मक फैसले लेने का हौसला बढ़ता है।

हंसने के लिए क्या करें
-लाफिंग क्लब ज्वाइन करें। ऐसे क्लब खुद भी बना सकते हैं।
 -तनाव के समय अकेले न रहें। अपने परिचितों को बताएं।
-लोगों के साथ खुशी के लम्हे बांटें।

-घर का माहौल खुशनुमा रखें।
-सभी से मुस्कुराकर बात करें।
-नकरात्मक सोच त्याग दें।
 
खुलकर हंसना अंदरूनी व्यायाम
वनाकस के उपाध्यक्ष दिवाकरनंद दुबे ने कहा कि हंसना रोग मुक्ति का सरल उपाय है। खुलकर हंसना अंदरूनी व्यायाम भी है। हमें ठहाका लगाकर हंसना चाहिए। भागदौड़ के बाद भी हंसना नहीं भूलना चाहिए। कहा कि प्रसन्नता एक आध्यात्मिक वृत्ति है। यह मनुष्य के सौभाग्य का चिन्ह है। आंतरिक प्रसन्नता के लिए बाहरी साधनाें की जरूरत नहीं होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed