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Farrukhabad News: सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष के चार विद्यालयों पर कार्रवाई की लटकी तलवार
Wed, 03 Dec 2025 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 03 Dec 2025 12:41 AM IST
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फर्रुखाबाद/शमसाबाद। नगर पंचायत शमसाबाद की अध्यक्ष जोया शाह के पति सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी की ओर से संचालित चार विद्यालयों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है।
नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष की शिकायत पर डीआईओएस की देखरेख में उच्चस्तरीय कमेटी को जांच में कई गड़बड़ियां मिली हैं। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष विजय गुप्ता ने पांच माह पहले मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। इसमें सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी की ओर से संचालित एमए फारूकी मेमोरियल इंटर कॉलेज, एमए फारूकी पब्लिक प्राइमरी स्कूल, एमए फारूकी जूनियर हाईस्कूल और मदरसा मकबूल अहमद फारूकी पब्लिक स्कूल के संबंध में शिकायत की।
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इसमें कहा कि कुछ स्कूलों में गलत गाटा संख्या पर भवन बनाए गए। मान्यता में फर्जी गाटा संख्या दर्शाया गया। एक स्कूल की मान्यता तक नहीं ली गई। छात्रवृत्ति में भी बड़े घोटाला होने का आरोप लगाया। आरोप है कि एमए फारूकी मेमोरियल जूनियर हाईस्कूल के लिए तत्कालीन विधान परिषद सदस्यों ने 2006 में डेढ़ लाख, 2010 में 2.50 लाख, 2016 में दो लाख, 2013 में विधायक निधि से 80 हजार और 2011 में 50 हजार रुपये स्कूल के दिए। इस धनराशि में भी घोटाला किया गया।
आरोप यह भी लगाया कि सपा सरकार की हनक में अफसरों पर दबाव बनाकर फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया गया। इन आरोपों की जांच के लिए डीआईओएस की देखरेख में उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जांच में कई गड़बड़ियां मिली हैं। इससे कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि कमेटी ने जो रिपोर्ट उन्हें दी थी। उसे संबंधित अफसरों को भेज दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के स्तर से की जाएगी।
शिकायतकर्ता को भी खड़ा करेंगे कटघरे में
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी ने बताया कि राजनीतिक विद्वेश के चलते शिकायत की जा रही है। पहले भी शिकायतें फर्जी पाई गईं। विद्यालय की मान्यता डीआईओएस ने अवलोकन करने के बाद दी थी। जांच अधिकारियों ने जो भी कागजात मांगे थे, वह दे दिए गए। समय आने पर शिकायतकर्ता को भी कटघरे में खड़ा करेंगे।
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नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष की शिकायत पर डीआईओएस की देखरेख में उच्चस्तरीय कमेटी को जांच में कई गड़बड़ियां मिली हैं। कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
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नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष विजय गुप्ता ने पांच माह पहले मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। इसमें सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी की ओर से संचालित एमए फारूकी मेमोरियल इंटर कॉलेज, एमए फारूकी पब्लिक प्राइमरी स्कूल, एमए फारूकी जूनियर हाईस्कूल और मदरसा मकबूल अहमद फारूकी पब्लिक स्कूल के संबंध में शिकायत की।
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इसमें कहा कि कुछ स्कूलों में गलत गाटा संख्या पर भवन बनाए गए। मान्यता में फर्जी गाटा संख्या दर्शाया गया। एक स्कूल की मान्यता तक नहीं ली गई। छात्रवृत्ति में भी बड़े घोटाला होने का आरोप लगाया। आरोप है कि एमए फारूकी मेमोरियल जूनियर हाईस्कूल के लिए तत्कालीन विधान परिषद सदस्यों ने 2006 में डेढ़ लाख, 2010 में 2.50 लाख, 2016 में दो लाख, 2013 में विधायक निधि से 80 हजार और 2011 में 50 हजार रुपये स्कूल के दिए। इस धनराशि में भी घोटाला किया गया।
आरोप यह भी लगाया कि सपा सरकार की हनक में अफसरों पर दबाव बनाकर फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग किया गया। इन आरोपों की जांच के लिए डीआईओएस की देखरेख में उच्चस्तरीय कमेटी बनाई गई। विभागीय सूत्र बताते हैं कि जांच में कई गड़बड़ियां मिली हैं। इससे कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जिला विद्यालय निरीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि कमेटी ने जो रिपोर्ट उन्हें दी थी। उसे संबंधित अफसरों को भेज दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई उच्चाधिकारियों के स्तर से की जाएगी।
शिकायतकर्ता को भी खड़ा करेंगे कटघरे में
समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारूकी ने बताया कि राजनीतिक विद्वेश के चलते शिकायत की जा रही है। पहले भी शिकायतें फर्जी पाई गईं। विद्यालय की मान्यता डीआईओएस ने अवलोकन करने के बाद दी थी। जांच अधिकारियों ने जो भी कागजात मांगे थे, वह दे दिए गए। समय आने पर शिकायतकर्ता को भी कटघरे में खड़ा करेंगे।