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एक लेखपाल सस्पेंड, दूसरे को बैड इंट्री

Tue, 16 Jun 2015 11:29 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद Updated Tue, 16 Jun 2015 11:29 PM IST
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Suspend the accountants , other Bad entry
जिरखापुर गांव के प्रधान की शिकायत पर डीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया। 
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कानूनगोे को चेतावनी दी है। वहीं एक अन्य मामले में लेखपाल को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। डीएम की मौजूदगी में 192 फरियादियों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराईं।

जिलाधिकारी एनकेएस चौहान की अध्यक्षता में तहसील सभागार में आयोजित तहसील दिवस में 192 फरियादियों ने शिकायतें दर्ज कराईं। जिरखापुर गांव के प्रधान अजय ने लेखपाल और कानूनगो की सहमति से ग्राम समाज की भूमि पर कब्जा किए जाने की शिकायत की। इस पर डीएम ने एसडीएम को लेखपाल हंसराम को निलंबित करने और कानूनगो प्रमोद

पांडेय को चेतावनी देने के  निर्देश दिए। वहीं एडवोकेट रामदास वर्मा ने चार दाखिल खारिज के मामलों में लापरवाही बरतनेे की लेखपाल की शिकायत की। इस पर डीएम ने लेखपाल को जमकर हड़काया। साथ ही प्रतिकूल प्रविष्टि देने के एसडीएम को निर्देश दिए। फर्रुखाबाद के मोहल्ला तिकोना सब्जीमंडी निवासी सुदीप दुबे पुत्र संजय ने प्रार्थनापत्र देकर बताया कि उसके नाना बाबूराम दुबे का निधन 10 अक्टूबर 2011 को हुआ था। उनके निधन से पहले ही उनके पुत्र  मुनींद्र प्रकाश

दुबे और योगेंद्र प्रकाश दुबे ने मकान से उनका नाम कटवाकर अपने नाम चढ़वा लिए।  मां नीलम दुबे को पिता की संपत्ति में शामिल नहीं किया गया। नगरपालिका में अपने नाम भी चढ़वा लिए। इसकी जानकारी नगरपालिका से मां नीलम को नहीं दी गई। मां कई साल से अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं।  इस पर डीएम ने एसडीएम को जांच कर आख्या देने कङआ। साथ ही दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। कंपिल क्षेत्र के गांव महमूदपुर पटटी के

अगिभनपीड़ितों ने मुआवजे की मांग की। गायत्री परिवार सेवा समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र गुप्ता ने डीएम को बताया कि उन्होंने नसरूल्लाहपुर गांव को गोद लिया है। इस गांव के पास ही उनके खेत स्थित हैं। इसमें  दबंग लगातार बालू का खनन कर रहे हैं। इससे उनके खेत तालाब बन गए हैं।  उनके रोकने पर दबंगाें ने  नाजायज असलहों से फायरिंग कर धमकाया था। दबंग अभी भी खनन कर रहे हैं। इस  शिकायत पर डीएम ने एसपी को संज्ञान लेने के लिए कहा। एसपी विजय यादव

ने तत्काल कंपिल एसओ को मौके पर जाकर खनन करने को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। कंपिल पुलिस जब मौके पर पहुंची तो खेतों से खनन जारी था। पुलिस को आता देखकर लोग ट्रैक्टर छोड़कर भाग निकले। तहसील दिवस में  सीएमओ राकेश कुमार, एक्सईएन अमरसिंह, समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव, डीपीओ निर्मला, सीडीओ आदि मौजूद रहे।

तहसील सदर में उप जिलाधिकारी ने समस्याएं सुनीं। 31 प्रार्थना पत्रों में मात्र तीन का ही निस्तारण हो सका। । उप जिलाधिकारी सदर सुनील वर्मा की अध्यक्षता में तहसील दिवस हुआ। इस बीच बाग लकूला की मुन्नी देवी कानूनगो दफ्तर में आ धमकीं और यहां मौजूद दो लेखपालों पर दामाद को सरकारी टीचर की नौकरी दिलाने के नाम पर जमीन का बैनामा करा लेने का आरोप लगाया।  महिला ने कहा कि वह मुख्यमंत्री से इसकी शिकायत करेगी। सीरत कमेटी अध्यक्ष शाह फसीह

मुजीबी, खुर्शीद खां, नफीस खां और रफी अहमद अंसारी ने रमजान के माह में शहर में सफाई, पेयजल, प्रकाश और बिजली व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। न्यायिक मानवाधिकार संगठन के संजीव चौरसिया, प्रमोद कुमार, संतोष प्रजापति और प्रमोद सक्सेना ने मोहल्ला हाथीखाना में सुलभ शौचालयों के आसपास सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाए जाने की फरियाद लगाई। 

उधर, अमृतपुर तहसील में उप जिलाधिकारी प्रभूनाथ ने समस्याएं सुनीं। बदनपुर निवासी दृगपाल ने शिकायती पत्र देकर नाली से कब्जा हटवाए जाने की मांग की है। हरिहरपुर के शिवपाल ने बिजली लाइन सही कराए जाने की फरियाद लगाई। 13 प्रार्थना पत्रों में से मात्र तीन का ही निस्तारण हो सका। इस अवसर पर तहसीलदार आरपी चौधरी, एडीओ समाज कल्याण विपिन अवस्थी, एबीआरसी प्रदीप चतुर्वेदी और नायब तहसीलदार अनिल तिवारी आदि मौजूद रहे।

डीएम, एसपी को नाश्ता, अन्य को नहीं पूछा  
डीएम व एसपी के लिए चाय नाश्ता और अन्य अधिकारियों को पानी तक न पूछे जाने की जानकारी होने पर डीएम ने एसडीएम को जमकर लताड़ा। भीषण गर्मी में तहसील सभागार में लगे जनता दरबार में सुबह 10 बजे से लोगों की समस्याएं सुन रहे डीएम, एसपी, सीएमओ और सीडीओ के सामने तो तहसील प्रशासन ने कई तरह का नाश्ता और चाय परोसी।  वहीं

जिले के अन्य विभागों से आए आला अधिकारियों से पानी तक नहीं पूछा। कई अधिकारियों ने बाहर से पानी की बोतलें मंगाकर अपना गला तर किया। इसकी जानकारी जब डीएम को हुई तो उन्होंने एसडीएम को आडे़ हाथों लिया। उनके पूछने पर कई अधिकारियों ने पानी पूछे जाने से इंकार कर दिया। इस पर डीएम ने तत्काल सभी अधिकारियों को पानी और चाय पिलवाने के निर्देश दिए। तब तहसील कर्मियों ने अधिकारियों को पानी पिलाया।

 

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