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Farrukhabad News: एसपी ने कायमगंज कोतवाल अनुराग मिश्रा को किया निलंबित
Sat, 18 Oct 2025 01:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Sat, 18 Oct 2025 01:03 AM IST
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फोटो-32,निलंबित कोतवाल अनुराग मिश्र
- फोटो : katra news
फर्रुखाबाद। इलाहाबाद हाईकोर्ट से फटकार लगने के बाद एसपी आरती सिंह ने तत्काल प्रभाव से कायमगंज कोतवाल अनुराग मिश्रा को निलंबित कर दिया है।
मामला कायमगंज की प्रीति यादव की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है। वहीं पुलिस महकमे में यह सवाल उठने लगे हैं कि बड़े अफसरों को कार्रवाई से बचाने के लिए मामले का दोष सिर्फ थाना स्तर पर मढ़ दिया गया है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसपी, सीओ, कोतवाल और सिपाहियों पर गंभीर टिप्पणियां की थी। एसपी को हलफनामा दाखिल कर यह सफाई भी देनी पड़ी थी कि वह खुद मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगी। हालांकि प्रकरण में अन्य दोषी पुलिस कर्मियों की जांच अभी की जा रही है।
बंदी प्रत्यक्षीकरण से जुड़े मामले में हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता प्रीति यादव की सुनवाई के दौरान यह आरोप सामने आया था कि प्रीति के परिवारिक सदस्यों को थाने में बिना किसी लिखित आदेश या उच्चाधिकारियों को सूचित किए निरुद्ध किया गया था। साथ ही उन पर याचिका वापस लेने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगा था।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर से याचिकाकर्ता के सहयोगी वकील अभिषेक मिश्रा की गिरफ्तारी पर भी कोर्ट सख्त हुआ था। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी फतेहगढ़ आरती सिंह को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
प्रयागराज से लौटने के बाद एसपी ने मामले की जांच कर प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए इंस्पेक्टर अनुराग मिश्रा को निलंबित कर दिया। एसपी आरती सिंह ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच अब भी जारी है और दोषियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
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मामला कायमगंज की प्रीति यादव की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से जुड़ा है। वहीं पुलिस महकमे में यह सवाल उठने लगे हैं कि बड़े अफसरों को कार्रवाई से बचाने के लिए मामले का दोष सिर्फ थाना स्तर पर मढ़ दिया गया है।
इस मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने एसपी, सीओ, कोतवाल और सिपाहियों पर गंभीर टिप्पणियां की थी। एसपी को हलफनामा दाखिल कर यह सफाई भी देनी पड़ी थी कि वह खुद मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करेंगी। हालांकि प्रकरण में अन्य दोषी पुलिस कर्मियों की जांच अभी की जा रही है।
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बंदी प्रत्यक्षीकरण से जुड़े मामले में हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता प्रीति यादव की सुनवाई के दौरान यह आरोप सामने आया था कि प्रीति के परिवारिक सदस्यों को थाने में बिना किसी लिखित आदेश या उच्चाधिकारियों को सूचित किए निरुद्ध किया गया था। साथ ही उन पर याचिका वापस लेने के लिए दबाव बनाने का भी आरोप लगा था।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट परिसर से याचिकाकर्ता के सहयोगी वकील अभिषेक मिश्रा की गिरफ्तारी पर भी कोर्ट सख्त हुआ था। कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी फतेहगढ़ आरती सिंह को तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
प्रयागराज से लौटने के बाद एसपी ने मामले की जांच कर प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए इंस्पेक्टर अनुराग मिश्रा को निलंबित कर दिया। एसपी आरती सिंह ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच अब भी जारी है और दोषियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई भी की जाएगी। इस कार्रवाई से पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।