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Farrukhabad News: सपा लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष राजपाल को हटकर अनुराग को फिर जिम्मेदारी
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फर्रुखाबाद। चुनावी वक्त में समाजवादी पार्टी अपनों को खुश करने के चलते संगठनात्मक असंतोष में फंसती जा रही है। आठ दिन पहले बनाए गए लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष को हटाकर अब पूर्व जिलाध्यक्ष व प्रदेश सचिव को फिर जिम्मेदारी सौंप दी। इससे पार्टी के अंदर आंतरिक कलह को नकारा नहीं जा सकता।
सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष रामकरन निर्मल ने 28 फरवरी को पत्र जारी कर जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सपा के वरिष्ठ नेता डॉ. अनार सिंह के नजदीकी राजपाल यादव को सौंपी थी। राजपाल का जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं ने स्वागत किया था। गुरुवार को अचानक प्रदेश अध्यक्ष ने दूसरा पत्र जारी किया, जिसमें कहा कि राजपाल यादव के स्थान पर अनुराग यादव को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया जाता है। पत्र मिलते ही आठ दिन पहले ही बने जिलाध्यक्ष के नजदीकियों में मायूसी की लहर दौड़ गई। हालांकि उन्होंने पार्टी के निर्देशों का पालन करने की बात कही। बता दें कि अनुराग यादव सपा प्रदेश सचिव डॉ. जितेंद्र यादव के नजदीकी हैं। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए जिले में डेरा डाले प्रदेश स्तरीय नेता के दखल के चलते यह जिम्मेदारी बदली गई है। चुनाव के वक्त पार्टी में हो रही उठापटक के चलते आंतरिक कलह जोर पकड़ने से नकारा नहीं जा सकता।
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सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष रामकरन निर्मल ने 28 फरवरी को पत्र जारी कर जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सपा के वरिष्ठ नेता डॉ. अनार सिंह के नजदीकी राजपाल यादव को सौंपी थी। राजपाल का जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं ने स्वागत किया था। गुरुवार को अचानक प्रदेश अध्यक्ष ने दूसरा पत्र जारी किया, जिसमें कहा कि राजपाल यादव के स्थान पर अनुराग यादव को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया जाता है। पत्र मिलते ही आठ दिन पहले ही बने जिलाध्यक्ष के नजदीकियों में मायूसी की लहर दौड़ गई। हालांकि उन्होंने पार्टी के निर्देशों का पालन करने की बात कही। बता दें कि अनुराग यादव सपा प्रदेश सचिव डॉ. जितेंद्र यादव के नजदीकी हैं। पार्टी के सूत्र बताते हैं कि लोकसभा चुनाव को देखते हुए जिले में डेरा डाले प्रदेश स्तरीय नेता के दखल के चलते यह जिम्मेदारी बदली गई है। चुनाव के वक्त पार्टी में हो रही उठापटक के चलते आंतरिक कलह जोर पकड़ने से नकारा नहीं जा सकता।
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