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Farrukhabad News: गैर इरादतन हत्या में दोषी को छह वर्ष की सजा
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फर्रुखाबाद। गैर इरादतन हत्या में एक दोषी को छह वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई। दोषी पर 31 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव चांदपुर कच्छ निवासी रामपाल वाल्मीकि ने 23 मार्च 2015 को चचेरे भाई रघुवेश, विनोद, भतीजे मोहित और दो किशोरों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि छोटा भाई रामप्रसाद जुआ व सट्टा खेलने का आदी था। उस पर कर्जा हो गया था। रामप्रसाद जमीन बेचना चाहता था। इसको लेकर भाई रघुवेश व विनोद से रामप्रसाद की आधी-आधी जमीन लेने की बात कही, लेकिन रघुवेश ने जमीन लेने से इन्कार कर दिया।
रामपाल ने 90 हजार रुपये भाई राम प्रसाद का कर्जा चुका दिया। वर्ष 2009 में रामप्रसाद की मौत हो गई। इसके बाद रघुवेश व विनोद आधी जमीन की मांग करने लगे। इसको लेकर दोनों परिवारों में रंजिश हो गई। 21 मार्च 2015 को पानी भरने को लेकर विवाद हो गया। रघुवेश, विनोद, मोहित और दो किशोर मारपीट कर रहे थे। बीच बचाव करने पर पुत्र धर्मवीर के सिर पर इन लोगों ने ईंट मार दी।
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धर्मवीर को अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया। विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। दोनों किशोरों की फाइल अलग कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर रघुवेश को दोषी करार किया था।
विनोद व मोहित को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोषी रघुवेश को छह वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 31 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। न देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से अनिल बाजपेई व दीपिका कटियार ने दलीलें दीं।
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कंपिल थाना क्षेत्र के गांव चांदपुर कच्छ निवासी रामपाल वाल्मीकि ने 23 मार्च 2015 को चचेरे भाई रघुवेश, विनोद, भतीजे मोहित और दो किशोरों के खिलाफ गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें बताया कि छोटा भाई रामप्रसाद जुआ व सट्टा खेलने का आदी था। उस पर कर्जा हो गया था। रामप्रसाद जमीन बेचना चाहता था। इसको लेकर भाई रघुवेश व विनोद से रामप्रसाद की आधी-आधी जमीन लेने की बात कही, लेकिन रघुवेश ने जमीन लेने से इन्कार कर दिया।
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रामपाल ने 90 हजार रुपये भाई राम प्रसाद का कर्जा चुका दिया। वर्ष 2009 में रामप्रसाद की मौत हो गई। इसके बाद रघुवेश व विनोद आधी जमीन की मांग करने लगे। इसको लेकर दोनों परिवारों में रंजिश हो गई। 21 मार्च 2015 को पानी भरने को लेकर विवाद हो गया। रघुवेश, विनोद, मोहित और दो किशोर मारपीट कर रहे थे। बीच बचाव करने पर पुत्र धर्मवीर के सिर पर इन लोगों ने ईंट मार दी।
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धर्मवीर को अस्पताल लेकर गए। वहां डॉक्टर ने उसको मृत घोषित कर दिया। विवेचक ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। दोनों किशोरों की फाइल अलग कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे न्यायाधीश ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर रघुवेश को दोषी करार किया था।
विनोद व मोहित को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने दोषी रघुवेश को छह वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 31 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया। न देने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से अनिल बाजपेई व दीपिका कटियार ने दलीलें दीं।