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Farrukhabad News: नियम तोड़कर आठ स्टाफ नर्स भर्ती करने में एसीएमओ व डीपीएम का वेतन रोका
Tue, 28 Jan 2025 11:42 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 28 Jan 2025 11:42 PM IST
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फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में आठ एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर संविदा पर भर्ती करने के आदेश के खिलाफ स्टाफ नर्स को तैनात कर लिया गया। नियम तोड़कर भर्ती करने के मामले में सीएमओ ने एसीएमओ व डीपीएम का वेतन रोक दिया।
जिला चिकित्सालय सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम के तहत एनएचएम से आठ एनस्थेटिस्ट करने करने के शासन से आदेश दिए गए थे। इसके साथ ही 31 जुलाई को कोविड कर्मियों की सेवा समाप्त कर समायोजन का भी आदेश दिया गया। इसके क्रम में स्वास्थ्य विभाग में एनेस्थेटिस्ट डॉक्टरों के स्थान पर अक्तूबर में आउटसोर्स पर आठ स्टाफ नर्स की नियुक्ति कर दी गई। इनमें तीन स्टाफ नर्स की सिविल अस्पताल लिंजीगंज, तीन की लोहिया अस्पताल पुरुष व दो स्टाफ नर्स की लोहिया महिला अस्पताल में ड्यूटी लगा दी गई।
हालांकि तीन माह से काम करने के बावजूद उन्हें अभी तक मानदेय का भुगतान नहीं मिला है। मंगलवार को सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने भर्ती प्रक्रिया में शामिल डीपीएम कंचन बाला व एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव को बुलाकर पूछताछ की। इस पर एसीएमओ ने कहा कि डीपीएम ने ही पत्रावली तैयार की थी। इसके साथ ही भर्ती की गई आठ स्टाफ नर्सों को जनपद हरदोई, नोएडा, शाहजहांपुर व कानपुर में समायोजित करने की कवायद के चलते रिक्त पद तलाश किए जाते रहे।
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सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि गलत भर्ती करने के मामले में उन्होंने एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव व डीपीएम कंचन बाला का वेतन रोक दिया है। तीन माह का मानदेय भुगतान भी भर्ती करने वाले ही भुगतेंगे।
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जिला चिकित्सालय सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम के तहत एनएचएम से आठ एनस्थेटिस्ट करने करने के शासन से आदेश दिए गए थे। इसके साथ ही 31 जुलाई को कोविड कर्मियों की सेवा समाप्त कर समायोजन का भी आदेश दिया गया। इसके क्रम में स्वास्थ्य विभाग में एनेस्थेटिस्ट डॉक्टरों के स्थान पर अक्तूबर में आउटसोर्स पर आठ स्टाफ नर्स की नियुक्ति कर दी गई। इनमें तीन स्टाफ नर्स की सिविल अस्पताल लिंजीगंज, तीन की लोहिया अस्पताल पुरुष व दो स्टाफ नर्स की लोहिया महिला अस्पताल में ड्यूटी लगा दी गई।
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हालांकि तीन माह से काम करने के बावजूद उन्हें अभी तक मानदेय का भुगतान नहीं मिला है। मंगलवार को सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने भर्ती प्रक्रिया में शामिल डीपीएम कंचन बाला व एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव को बुलाकर पूछताछ की। इस पर एसीएमओ ने कहा कि डीपीएम ने ही पत्रावली तैयार की थी। इसके साथ ही भर्ती की गई आठ स्टाफ नर्सों को जनपद हरदोई, नोएडा, शाहजहांपुर व कानपुर में समायोजित करने की कवायद के चलते रिक्त पद तलाश किए जाते रहे।
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सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि गलत भर्ती करने के मामले में उन्होंने एसीएमओ डॉ. सर्वेश यादव व डीपीएम कंचन बाला का वेतन रोक दिया है। तीन माह का मानदेय भुगतान भी भर्ती करने वाले ही भुगतेंगे।