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बेमियादी हड़ताल पर गए सफाई कर्मचारी
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नगर पालिका में धरना प्रदर्शन करते सफाई कर्मचारी।
- फोटो : FARRUKHABAD
भारतीय सफाई कर्मचारी महासंघ के बैनर तले 16 सूत्री मांगों को लेकर आठ दिन चले धरने के बाद सोमवार को शहर के सभी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर चले गए। नगर पालिका में एकत्रित कर्मियों ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।
मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। धरनास्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान ने वार्ता की। मगर सफाई कर्मी नहीं माने। उन्होंने एलान किया कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
महासंघ के जिलाध्यक्ष हरिओम वाल्मीकि के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुष सफाई कर्मचारी सुबह छह बजे ही नगर पालिका ईओ कार्यालय के बाहर पहुंच गए। जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि पालिका प्रशासन सफाई कर्मियों का शोषण कर रहा है। यह अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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कहा कि बैकलाग के 95 कर्मचारी कार्यरत हैं। वह सफाई का काम नहीं कर रहे हैं। उनसे काम लेना चाहिए। यही नहीं सफाई कर्मियों के वेतन में कटौती करना न्यायोचित नहीं है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि संविदा कर्मियों संग सौतेला व्यवहार होता है।
धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान के सामने सफाई कर्मियों ने अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि ईओ लखनऊ बैठक में हैं। उनके आने पर साथ बैठकर मांगों को सुलटा लिया जाएगा। बावजूद इसके सफाई कर्मचारी नहीं माने।
धरना-प्रदर्शन पर नगर अध्यक्ष रामलखन वाल्मीकि, अजय वाल्मीकि, परवेश वाल्मीकि, अनिल वाल्मीकि, राजेंद्र वाल्मीकि, बुलट वाल्मीकि, अभय वाल्मीकि, मुकेश वाल्मीकि, नीरज वाल्मीकि, विनोद वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
लखनऊ बैठक में गईं ईओ
ईओ रश्मि भारती लखनऊ में बैठक होने के कारण वहां चली गईं थीं। चूंकि वित्तीय अधिकार उन्हीं के पास हैं, जिससे वार्ता का कोई हल नहीं निकल सका। अब उनके आने पर ही वार्ता की जाएगी। तभी कुछ हल निकलने की उम्मीद है।
शहर में लगे गंदगी के अंबार, नहीं उठा कूड़ा
सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद शहर में सफाई का काम पूरी तरह ठप हो गया। इससे गलियों में न तो झाड़ूू लगी और न ही नालियों को साफ किया गया। गलियों में जहां भी कूड़े के ढेर लगे थे, उनको उठाया भी नहीं जा सका। बूंदाबांदी के बीच कूड़े के ढेरों में सड़ांध उठने लगी है। हड़ताल ज्यादा दिन चली, तो स्थिति बेहद खराब होगी।
एससी एसटी संघर्ष समिति का समर्थन
अनुसूचित जाति एवं अनु. जनजाति संघर्ष समिति के अध्यक्ष राकेश कुमार सागर ने सफाई कर्मियों की हड़ताल को अपना समर्थन दिया है। कहा कि सफाई कर्मियों का शोषण बर्दास्त नहीं होगा। हड़ताल पूरी तरह कर्मचारियों के हित में है। समिति इसका पूरा समर्थन करती है।
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मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। धरनास्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान ने वार्ता की। मगर सफाई कर्मी नहीं माने। उन्होंने एलान किया कि मांगें पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
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महासंघ के जिलाध्यक्ष हरिओम वाल्मीकि के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुष सफाई कर्मचारी सुबह छह बजे ही नगर पालिका ईओ कार्यालय के बाहर पहुंच गए। जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि पालिका प्रशासन सफाई कर्मियों का शोषण कर रहा है। यह अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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कहा कि बैकलाग के 95 कर्मचारी कार्यरत हैं। वह सफाई का काम नहीं कर रहे हैं। उनसे काम लेना चाहिए। यही नहीं सफाई कर्मियों के वेतन में कटौती करना न्यायोचित नहीं है। यह बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कहा कि संविदा कर्मियों संग सौतेला व्यवहार होता है।
धरना स्थल पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट आरए चौहान के सामने सफाई कर्मियों ने अपनी मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि ईओ लखनऊ बैठक में हैं। उनके आने पर साथ बैठकर मांगों को सुलटा लिया जाएगा। बावजूद इसके सफाई कर्मचारी नहीं माने।
धरना-प्रदर्शन पर नगर अध्यक्ष रामलखन वाल्मीकि, अजय वाल्मीकि, परवेश वाल्मीकि, अनिल वाल्मीकि, राजेंद्र वाल्मीकि, बुलट वाल्मीकि, अभय वाल्मीकि, मुकेश वाल्मीकि, नीरज वाल्मीकि, विनोद वाल्मीकि आदि मौजूद रहे।
लखनऊ बैठक में गईं ईओ
ईओ रश्मि भारती लखनऊ में बैठक होने के कारण वहां चली गईं थीं। चूंकि वित्तीय अधिकार उन्हीं के पास हैं, जिससे वार्ता का कोई हल नहीं निकल सका। अब उनके आने पर ही वार्ता की जाएगी। तभी कुछ हल निकलने की उम्मीद है।
शहर में लगे गंदगी के अंबार, नहीं उठा कूड़ा
सफाई कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के बाद शहर में सफाई का काम पूरी तरह ठप हो गया। इससे गलियों में न तो झाड़ूू लगी और न ही नालियों को साफ किया गया। गलियों में जहां भी कूड़े के ढेर लगे थे, उनको उठाया भी नहीं जा सका। बूंदाबांदी के बीच कूड़े के ढेरों में सड़ांध उठने लगी है। हड़ताल ज्यादा दिन चली, तो स्थिति बेहद खराब होगी।
एससी एसटी संघर्ष समिति का समर्थन
अनुसूचित जाति एवं अनु. जनजाति संघर्ष समिति के अध्यक्ष राकेश कुमार सागर ने सफाई कर्मियों की हड़ताल को अपना समर्थन दिया है। कहा कि सफाई कर्मियों का शोषण बर्दास्त नहीं होगा। हड़ताल पूरी तरह कर्मचारियों के हित में है। समिति इसका पूरा समर्थन करती है।