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Farrukhabad News: सालभर में भी नहीं बन सकीं बाढ़ में कटी सड़कें
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अमृतपुर। पिछले साल आई बाढ़ से कटी कुछ सड़कें अब तक नहीं बन सकी हैं। पुलिया अधूरी पड़ी होने से ग्रामीणों के लिए परेशानी हो रही है। इस बार बाढ़ आने पर इन अधूरे कार्यों का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। लोक निर्माण विभाग द्वारा काम धीमी गति से कराए जाने पर ग्रामीणों में नाराजगी है।
तहसील क्षेत्र के तीसराम की मड़ैया की सड़क पिछले साल बाढ़ में तीन जगह कट गई थी। लोकनिर्माण अनुभाग-6 राज्य योजना के अंतर्गत 18 मार्च को तीसराम की मड़ैया की सड़क के निर्माण के लिए दो करोड़ 34 लाख 70 हजार रुपये शासन ने स्वीकृत किए हैं। इसके बावजूद अभी तक काम शुरू नहीं कराया गया। इस बार बाढ़ आने पर सड़कें कटी होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंझा गांव जाने वाले मार्ग पर पुलिया का निर्माण 79 लाख रुपये से कराया जा रहा है। निर्माण पूरा न होने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
गांव माखन नगला मार्ग पर करीब 80 लाख रुपये की लागत से दो पुलिया बनाई जानी हैं। एक पुलिया का निर्माण हो चुका है, जबकि दूसरी पुलिया का काम अभी अधूरा पड़ा है। करीब 79 लाख रुपये की लागत से सुभानपुर से किराचन मार्ग पर भी पुलिया का निर्माण कराया जा रहा था। बाढ़ व बारिश के चलते कम बंद कर दिया गया।
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ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और पुलिया का निर्माण समय से पूरा हो जाता तो आने जाने में दिक्कत नहीं होती। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी अभी भरा है। पानी आसपास समाप्त होने के बाद काम शुरू हो जाएंगे। ठेकेदारों को काम शुरू किए जाने के लिए कहा गया है।
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तहसील क्षेत्र के तीसराम की मड़ैया की सड़क पिछले साल बाढ़ में तीन जगह कट गई थी। लोकनिर्माण अनुभाग-6 राज्य योजना के अंतर्गत 18 मार्च को तीसराम की मड़ैया की सड़क के निर्माण के लिए दो करोड़ 34 लाख 70 हजार रुपये शासन ने स्वीकृत किए हैं। इसके बावजूद अभी तक काम शुरू नहीं कराया गया। इस बार बाढ़ आने पर सड़कें कटी होने से ग्रामीणों को आवागमन में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मंझा गांव जाने वाले मार्ग पर पुलिया का निर्माण 79 लाख रुपये से कराया जा रहा है। निर्माण पूरा न होने से ग्रामीणों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
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गांव माखन नगला मार्ग पर करीब 80 लाख रुपये की लागत से दो पुलिया बनाई जानी हैं। एक पुलिया का निर्माण हो चुका है, जबकि दूसरी पुलिया का काम अभी अधूरा पड़ा है। करीब 79 लाख रुपये की लागत से सुभानपुर से किराचन मार्ग पर भी पुलिया का निर्माण कराया जा रहा था। बाढ़ व बारिश के चलते कम बंद कर दिया गया।
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ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और पुलिया का निर्माण समय से पूरा हो जाता तो आने जाने में दिक्कत नहीं होती। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अशोक कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ का पानी अभी भरा है। पानी आसपास समाप्त होने के बाद काम शुरू हो जाएंगे। ठेकेदारों को काम शुरू किए जाने के लिए कहा गया है।