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Farrukhabad News: मार्ग कटने और पानी भरा होने से सड़कों पर चलना मुश्किल
Wed, 24 Sep 2025 12:29 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 24 Sep 2025 12:29 AM IST
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फोटो-21, चित्रकूट डिप पर बाढ़ का पानी कम होने से निकलते लोग। संवाद
अमृतपुर। गंगा नदी का बहाव खतरे के निशान से नीचे आने के बाद लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। वहीं, कई गांवों और घरों में अभी भी पानी भरा है, इससे ग्रामीणों की परेशानी कम नहीं हो रही।
हालात यह हैं कि मार्ग कटने और वहां पानी भरा होने से सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है। गंगा में आई बाढ़ से करीब डेढ़ माह से आशा की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, लायलपुर, बामियारी, अमीराबाद, अंबरपुर, चित्रकूट, कंचनपुर, सबलपुर, जगतपुर, कुबेरपुर, कुतुलूपुर, रतनपुर, माखन नगला, कलिका सहित कई गांवों में पानी भरा हुआ है।
कई घर डूबे होने के कारण ग्रामीण छतों और पक्की सड़कों के किनारे अस्थायी ठिकाने बनाकर रह रहे हैं। महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं।
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वहीं जहां पर बाढ़ का पानी उतर गया है, वहां पर गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ने लगी है, जिससे बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। चित्रकूट डिप पर पानी कम होने से लोग अपने वाहन निकालने लगे हैं, लेकिन छोटे वाहन व बाइक निकालने में परेशानी हो रही है। कई गांवों में सड़कें कटने और वहां अभी तक पानी भरा होने से लोगों को निकलने में दिक्कत आ रही है।
गंगा चेतावनी बिंदु से पांच सेमी ऊपर
फर्रुखाबाद। नरौरा बांध से गंगा में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम होने के चलते अब गंगा का जलस्तर तेजी से कम होने लगा है। डेढ़ माह से गंगापार इलाके में भरे पानी से सड़कों पर भी कीचड़ हो गया है। कई सड़कें टूट गई हैं।
मंगलवार को गंगा का जलस्तर पांच सेमी कम होकर 136.65 मीटर पर पहुंच गया। गंगा अभी भी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से पांच सेमी ऊपर बह रही है। पानी के तेज बहाव के चलते तटवर्ती इलाकों में तेजी से कटान हो रहा है।
गंगा नदी में नरौरा बांध से 71077 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं रामगंगा का जलस्तर स्थिर है। रामगंगा का जलस्तर 135.70 मीटर पर है। खो, हरेली और रामनगर बैराज से रामगंगा में 7037 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। (संवाद)
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हालात यह हैं कि मार्ग कटने और वहां पानी भरा होने से सड़कों पर चलना मुश्किल हो रहा है। गंगा में आई बाढ़ से करीब डेढ़ माह से आशा की मड़ैया, रामपुर, जोगराजपुर, लायलपुर, बामियारी, अमीराबाद, अंबरपुर, चित्रकूट, कंचनपुर, सबलपुर, जगतपुर, कुबेरपुर, कुतुलूपुर, रतनपुर, माखन नगला, कलिका सहित कई गांवों में पानी भरा हुआ है।
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कई घर डूबे होने के कारण ग्रामीण छतों और पक्की सड़कों के किनारे अस्थायी ठिकाने बनाकर रह रहे हैं। महिलाएं और बच्चे खुले आसमान के नीचे दिन-रात गुजारने को मजबूर हैं।
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वहीं जहां पर बाढ़ का पानी उतर गया है, वहां पर गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ने लगी है, जिससे बीमारियों का खतरा मंडराने लगा है। चित्रकूट डिप पर पानी कम होने से लोग अपने वाहन निकालने लगे हैं, लेकिन छोटे वाहन व बाइक निकालने में परेशानी हो रही है। कई गांवों में सड़कें कटने और वहां अभी तक पानी भरा होने से लोगों को निकलने में दिक्कत आ रही है।
गंगा चेतावनी बिंदु से पांच सेमी ऊपर
फर्रुखाबाद। नरौरा बांध से गंगा में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा कम होने के चलते अब गंगा का जलस्तर तेजी से कम होने लगा है। डेढ़ माह से गंगापार इलाके में भरे पानी से सड़कों पर भी कीचड़ हो गया है। कई सड़कें टूट गई हैं।
मंगलवार को गंगा का जलस्तर पांच सेमी कम होकर 136.65 मीटर पर पहुंच गया। गंगा अभी भी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से पांच सेमी ऊपर बह रही है। पानी के तेज बहाव के चलते तटवर्ती इलाकों में तेजी से कटान हो रहा है।
गंगा नदी में नरौरा बांध से 71077 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। वहीं रामगंगा का जलस्तर स्थिर है। रामगंगा का जलस्तर 135.70 मीटर पर है। खो, हरेली और रामनगर बैराज से रामगंगा में 7037 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। (संवाद)

फोटो-21, चित्रकूट डिप पर बाढ़ का पानी कम होने से निकलते लोग। संवाद

फोटो-21, चित्रकूट डिप पर बाढ़ का पानी कम होने से निकलते लोग। संवाद