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अतिक्रमण हटाने के खिलाफ रोड जाम
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Thu, 18 Jun 2015 12:01 AM IST
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अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत तिर्वा कोठी में दो आवासों को तोड़े जाने पर
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स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। इन्हाेंने जेसीबी के आगे खड़े होकर
विरोध किया। इससे सिटी मजिस्ट्रेट और लोगों में नोकझोंक हो गई। सुनवाई न
होने पर लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया। इन्हाेंने अतिक्रमण हटाने में
भेदभाव करने का आरोप लगाया है। सीओ सिटी और कोतवाल मौके पर पहुंचे ।
इन्हाेंने लोगाें को समझा कर शांत कराया। इसके बाद जाम खुला। अभियान के तहत
श्याम नगर में एएनएम सेंटर की जमीन से अवैध कब्जेदारों को हटाया गया। बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट पीके जैन ने पालिका कर्मचारियों के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रारंभ किया। तिर्वा कोठी के पास स्थित पशु चिकित्सालय की दीवार के पास बने अवैध आवासों को गिरवा दिया। वहीं सड़क के दूसरी ओर बने चंदन व उदयपाल के आवासों को गिरवाया। सेवानिवृत्त दरोगा और ठेकेदार का चबूतरा खुदवा दिया। चंदन और उदयपाल का मकान गिराने, चबूतरा खोदने
से रिटायर्ड दरोगा व अन्य लोगों की सिटी मजिस्ट्रेट से नोकझोंक हो गई। इसी दौरान सपा नेता रंजीत चक वहां पहुंच गए। उन्होंने अभियान का विरोध किया। यह अन्य लोगों के साथ जेसीबी के आगे खड़े हो गए। इसको लेकर सिटी मजिस्ट्रेट से काफी देर तक नोकझोंक होती रही। अफसरों की अनसुनी पर स्थानीय लोगों ने वहीं तिराहे पर जाम लगा दिया। जानकारी मिलने पर सीओ सिटी योगेश कुमार व प्रभारी कोतवाल अनूप तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इन्हाेंने जाम
खुलवाया। इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट पालिका कर्मचारियों के साथ सेंट्रल जेल की ओर चले गए थे। सेंट्रल जेल मार्ग पर एक दुकान के पास फैले अतिक्रमण को हटवाया। इसके बाद श्यामन गर भोपत पट्टी में एएनएम सेंटर को जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। इस जमीन पर चार लोगों ने कब्जा कर रखा था। इन कब्जेदारों को हटा दिया गया और इनके आवासों को तोड़कर नष्ट कर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया।
यह कहते हैं लोग
अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर भेदभाव हो रहा है। सरकारी आवास की दीवार के बाहर जो आवास बने है, उन्हें गिराना जायज है। जहां सरकारी भवन नहीं हैं और सड़क से दूर घर बने हैं, उनको किस कारण गिरा दिया गया। चंदन और उदयवीर का कहना है कि उनका आवास गिराया गया। वहीं अन्य को छोड़ दिया गया। अफसर गरीबों को शोषण कर रहे है। धनवान लोगों के भवन अफसरों को नजर नहीं आते ंहै। सड़क से कितनी दूरी तक अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसकी किसी अधिकारी ने जानकारी नहीं दी।
श्याम नगर में एएनएम सेंटर की जमीन से अवैध कब्जेदारों को हटाया गया। बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट पीके जैन ने पालिका कर्मचारियों के साथ अतिक्रमण हटाओ अभियान प्रारंभ किया। तिर्वा कोठी के पास स्थित पशु चिकित्सालय की दीवार के पास बने अवैध आवासों को गिरवा दिया। वहीं सड़क के दूसरी ओर बने चंदन व उदयपाल के आवासों को गिरवाया। सेवानिवृत्त दरोगा और ठेकेदार का चबूतरा खुदवा दिया। चंदन और उदयपाल का मकान गिराने, चबूतरा खोदने
से रिटायर्ड दरोगा व अन्य लोगों की सिटी मजिस्ट्रेट से नोकझोंक हो गई। इसी दौरान सपा नेता रंजीत चक वहां पहुंच गए। उन्होंने अभियान का विरोध किया। यह अन्य लोगों के साथ जेसीबी के आगे खड़े हो गए। इसको लेकर सिटी मजिस्ट्रेट से काफी देर तक नोकझोंक होती रही। अफसरों की अनसुनी पर स्थानीय लोगों ने वहीं तिराहे पर जाम लगा दिया। जानकारी मिलने पर सीओ सिटी योगेश कुमार व प्रभारी कोतवाल अनूप तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इन्हाेंने जाम
खुलवाया। इससे पहले सिटी मजिस्ट्रेट पालिका कर्मचारियों के साथ सेंट्रल जेल की ओर चले गए थे। सेंट्रल जेल मार्ग पर एक दुकान के पास फैले अतिक्रमण को हटवाया। इसके बाद श्यामन गर भोपत पट्टी में एएनएम सेंटर को जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। इस जमीन पर चार लोगों ने कब्जा कर रखा था। इन कब्जेदारों को हटा दिया गया और इनके आवासों को तोड़कर नष्ट कर जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया।
यह कहते हैं लोग
अतिक्रमण हटाओ अभियान के नाम पर भेदभाव हो रहा है। सरकारी आवास की दीवार के बाहर जो आवास बने है, उन्हें गिराना जायज है। जहां सरकारी भवन नहीं हैं और सड़क से दूर घर बने हैं, उनको किस कारण गिरा दिया गया। चंदन और उदयवीर का कहना है कि उनका आवास गिराया गया। वहीं अन्य को छोड़ दिया गया। अफसर गरीबों को शोषण कर रहे है। धनवान लोगों के भवन अफसरों को नजर नहीं आते ंहै। सड़क से कितनी दूरी तक अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसकी किसी अधिकारी ने जानकारी नहीं दी।