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Farrukhabad News: बरौन सीएचसी में एक माह से रीजेंट खत्म, भटक रहे मरीज
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फर्रुखाबाद। सीएचसी बरौन में एक माह से रीजेंट न होने से लैब में जांचें बंद हैं। कंप्लीट ब्लड काउंट (सीबीसी) में आने वाली 15 तरह की जांचों के लिए मरीज निजी लैबों पर रुपये खर्च करने को मजबूर हैं। औसतन अस्पताल में हर रोज 35 नमूने आते हैं।
कायमगंज मार्ग पर बरौन सीएचसी में सीबीसी जांच की सुविधा के लिए लैब है। सामान्य दिनों में रोजाना 35 मरीज एनीमिया, संक्रमण, ल्यूकेमिया, लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी), सफेद रक्त कोशिकाएं (डब्ल्यूबीसी), हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स समेत 15 तरह की जांचें कराते हैं। गर्मी के सीजन मेंं इनकी संख्या बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते एक माह से लैब में रीजेंट खत्म हो गया है। इसके बाद से जांचें बंद कर दी गईं।
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आईजीआरएस पर शिकायत का फर्जी निस्तारण : सीएचसी के सूत्र बताते हैं कि 15 दिन पहले एक मरीज ने जांचें बंद होने को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की थी। अस्पताल के जिम्मेदार शिकायतकर्ता के घर पहुंचे। कुछ रिश्तेदारों और परिजनों को समझा कर शिकायत का फर्जी निस्तारण करवा दिया। जबकि जांचें अभी तक शुरू नहीं हुईं।
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कायमगंज मार्ग पर बरौन सीएचसी में सीबीसी जांच की सुविधा के लिए लैब है। सामान्य दिनों में रोजाना 35 मरीज एनीमिया, संक्रमण, ल्यूकेमिया, लाल रक्त कोशिकाएं (आरबीसी), सफेद रक्त कोशिकाएं (डब्ल्यूबीसी), हीमोग्लोबिन, प्लेटलेट्स समेत 15 तरह की जांचें कराते हैं। गर्मी के सीजन मेंं इनकी संख्या बढ़ जाती है। स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते एक माह से लैब में रीजेंट खत्म हो गया है। इसके बाद से जांचें बंद कर दी गईं।
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आईजीआरएस पर शिकायत का फर्जी निस्तारण : सीएचसी के सूत्र बताते हैं कि 15 दिन पहले एक मरीज ने जांचें बंद होने को लेकर आईजीआरएस पर शिकायत की थी। अस्पताल के जिम्मेदार शिकायतकर्ता के घर पहुंचे। कुछ रिश्तेदारों और परिजनों को समझा कर शिकायत का फर्जी निस्तारण करवा दिया। जबकि जांचें अभी तक शुरू नहीं हुईं।
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