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Farrukhabad News: रामगंगा का जलस्तर 25 सेंटीमीटर बढ़ा, गंगा खतरे के निशान से ऊपर
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतपुर। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर स्थिर है। वहीं रामगंगा का जलस्तर में 25 सेंटीमीटर (सेमी) वृद्धि होने से चेतावनी बिंदु से मात्र 30 सेमी दूर रह गया है। दोनों नदियों में उफान से बाढ़ पीड़ितों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं।
गंगा व रामगंगा का जलस्तर एक साथ बढ़ने से ग्रामीणों में बाढ़ की विभीषिका की दहशत है। एक माह से गंगा का कहर झेल रहे ग्रामीण अधिक परेशान हैं। रविवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से 10 सेमी ऊपर 137.20 मीटर पर स्थिर है। नरौरा बांध से दो लाख 4830 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
गांव में पानी भरा होने से ग्रामीणों के सामने परिवार के लिए भोजन के साथ पशुओं के चारे की समस्या है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने एक बार कुछ गांव में राहत सामग्री बांटकर बाढ़ से घिरे गांवों की ओर दोबारा रुख भी नहीं किया। लेखपालों ने प्रधान से बाढ़ पीड़ितो की सूची बनाकर राशन वितरण किया है। इससे प्रधानों के विरोधी राहत सामग्री से वंचित हो गए।
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रामगंगा का जलस्तर 136.05 से 25 बढ़कर 136.30 मीटर पर पहुंच गया है जबकि चेतावनी बिन्दु 136.60 मीटर से मात्र 30 सेमी दूर रह गया है। खो बैराज से 13786 क्यूसेक, हरेली बैराज से 373 व रामनगर बैराज से 4753 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। रामगंगा के किनारे बसे गांव राई ,खरगपुर, खंडोली, सीडे चकरपुर, तुर्कहाटा, अलदापुर भटौली, बिरसिंहपुर आदि गांव के पास पानी पहुंच गया है। तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ पर नजर बनाए हुए हैं। सभी लेखपालों को भी गांव में जाने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।
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अमृतपुर। गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर स्थिर है। वहीं रामगंगा का जलस्तर में 25 सेंटीमीटर (सेमी) वृद्धि होने से चेतावनी बिंदु से मात्र 30 सेमी दूर रह गया है। दोनों नदियों में उफान से बाढ़ पीड़ितों की धड़कनें बढ़ती जा रही हैं।
गंगा व रामगंगा का जलस्तर एक साथ बढ़ने से ग्रामीणों में बाढ़ की विभीषिका की दहशत है। एक माह से गंगा का कहर झेल रहे ग्रामीण अधिक परेशान हैं। रविवार को गंगा का जलस्तर खतरे के निशान 137.10 मीटर से 10 सेमी ऊपर 137.20 मीटर पर स्थिर है। नरौरा बांध से दो लाख 4830 क्यूसेक पानी छोड़े जाने से जलस्तर बढ़ने की आशंका है।
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गांव में पानी भरा होने से ग्रामीणों के सामने परिवार के लिए भोजन के साथ पशुओं के चारे की समस्या है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने एक बार कुछ गांव में राहत सामग्री बांटकर बाढ़ से घिरे गांवों की ओर दोबारा रुख भी नहीं किया। लेखपालों ने प्रधान से बाढ़ पीड़ितो की सूची बनाकर राशन वितरण किया है। इससे प्रधानों के विरोधी राहत सामग्री से वंचित हो गए।
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रामगंगा का जलस्तर 136.05 से 25 बढ़कर 136.30 मीटर पर पहुंच गया है जबकि चेतावनी बिन्दु 136.60 मीटर से मात्र 30 सेमी दूर रह गया है। खो बैराज से 13786 क्यूसेक, हरेली बैराज से 373 व रामनगर बैराज से 4753 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे जलस्तर और बढ़ने की आशंका है। रामगंगा के किनारे बसे गांव राई ,खरगपुर, खंडोली, सीडे चकरपुर, तुर्कहाटा, अलदापुर भटौली, बिरसिंहपुर आदि गांव के पास पानी पहुंच गया है। तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया कि बाढ़ पर नजर बनाए हुए हैं। सभी लेखपालों को भी गांव में जाने के आदेश पहले ही दिए जा चुके हैं।