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चुनाव से लगा पुल निर्माण की रफ्तार पर ब्रेक
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Mon, 13 Feb 2017 10:53 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
एक ओर जहां चुनाव में विकास की गंगा बहाने के दावे हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर चुनाव प्रचार के चक्कर में गंगा नदी पर पुल निर्माण की रफ्तार पर ब्रेक लग गया हैं। ठेकेदार अपने सियासी आका को फिर से माननीय बनवाने में जुटे हैं, वहीं अफसर चुनाव संबंधी तैयारियों में व्यस्त हैं।
वर्ष 2014 के नवंबर में सेतु निगम ने शमशाबाद में गंगा नदी पर पुल निर्माण शुरू कराया था। लागत 47 करोड़ रुपये है। 34 पिलर बनने हैं। नवंबर 2017 तक पुल बनाकर कंप्लीट करने का लक्ष्य है। इससे बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, फर्रुखाबाद जिले के हजारों लोग लाभांवित होंगे।
नदी के आर-पार बसे लोगों को आने-जाने में 60 से 100 किमी तक की दूरी कम होगी। गांव वालों को उम्मीद थी कि विधानसभा चुनाव को दौरान पुल बनने में तेजी आएगी, लेकिन हुआ उलटा है। सेतु निगम के अधिकारियों के बीते एक महीने से निर्माण स्थल पर दौरे घट गए। जनपद स्तर पर डीएम की समीक्षात्मक मीटिंग न होने से भी प्रगति के बारे में पूछताछ नहीं हुई।
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इससे जेई से लेकर अन्य स्टाफ ढीला पड़ गया। तय समय सीमा के अंदर पुल बनकर तैयार होने के आसार नहीं हैं। इसका खामियाजा क्षेत्रवासियों को सफर के दौरान मुश्किलें झेलकर चुकाना पड़ेगा।
बीते 27 महीने में 34 पिलर बने हैं, लेकिन डेस्क सिल्फ (दो पिलरों को जोड़ने का काम) केवल 9 पिलरों पर डाली जा सकी है। पुल के दोनों तरफ लिंक रोड व पत्थरों को बिछाकर कटान रोकने का काम शुरू तक नहीं हुआ है।
ऐसे में अगले 10 महीने में सारे पिलर आपस में जोड़कर व साइड वाल बनाकर आवागमन चालू कर पाना टेढ़ीखीर है। पुल निर्माण की देखरेख में लगे सुपरवाइजर जयकरन का कहना है कि गंगा में बाढ़ आने के कारण काम प्रभावित हुआ, जिस वजह से देर हुई। काम में तेजी के प्रयास कर रहे हैं।
जनपद फर्रुखाबाद के गांव मुंशीनगला, भगवानपुर, बसोला, गुठेठी दक्षिण, पैलानी दक्षिण, चौरा, जैतपुर गढ़िया, समौचीपुर, चितार, कहलियाई, शहजहांपुर के ढाई गांव, दोषपुर थोक, दोषपुर नागर, जरियनपुर, मिर्जापुर आदि 100 गांव गंगा किनारे बसे हैं। पुल बनने पर ये सीधे तौर पर लभांवित होंगे।
कासिमपुर तराई के प्रधान रामचरन, समोचीपुर चितार के प्रधान मो. यासीन का कहना है कि पुल निर्माण धीमी गति से चल रहा है। अफसर व ठेकेदार लापरवाही बरत रहे हैं।
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वर्ष 2014 के नवंबर में सेतु निगम ने शमशाबाद में गंगा नदी पर पुल निर्माण शुरू कराया था। लागत 47 करोड़ रुपये है। 34 पिलर बनने हैं। नवंबर 2017 तक पुल बनाकर कंप्लीट करने का लक्ष्य है। इससे बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं, फर्रुखाबाद जिले के हजारों लोग लाभांवित होंगे।
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नदी के आर-पार बसे लोगों को आने-जाने में 60 से 100 किमी तक की दूरी कम होगी। गांव वालों को उम्मीद थी कि विधानसभा चुनाव को दौरान पुल बनने में तेजी आएगी, लेकिन हुआ उलटा है। सेतु निगम के अधिकारियों के बीते एक महीने से निर्माण स्थल पर दौरे घट गए। जनपद स्तर पर डीएम की समीक्षात्मक मीटिंग न होने से भी प्रगति के बारे में पूछताछ नहीं हुई।
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इससे जेई से लेकर अन्य स्टाफ ढीला पड़ गया। तय समय सीमा के अंदर पुल बनकर तैयार होने के आसार नहीं हैं। इसका खामियाजा क्षेत्रवासियों को सफर के दौरान मुश्किलें झेलकर चुकाना पड़ेगा।
बीते 27 महीने में 34 पिलर बने हैं, लेकिन डेस्क सिल्फ (दो पिलरों को जोड़ने का काम) केवल 9 पिलरों पर डाली जा सकी है। पुल के दोनों तरफ लिंक रोड व पत्थरों को बिछाकर कटान रोकने का काम शुरू तक नहीं हुआ है।
ऐसे में अगले 10 महीने में सारे पिलर आपस में जोड़कर व साइड वाल बनाकर आवागमन चालू कर पाना टेढ़ीखीर है। पुल निर्माण की देखरेख में लगे सुपरवाइजर जयकरन का कहना है कि गंगा में बाढ़ आने के कारण काम प्रभावित हुआ, जिस वजह से देर हुई। काम में तेजी के प्रयास कर रहे हैं।
जनपद फर्रुखाबाद के गांव मुंशीनगला, भगवानपुर, बसोला, गुठेठी दक्षिण, पैलानी दक्षिण, चौरा, जैतपुर गढ़िया, समौचीपुर, चितार, कहलियाई, शहजहांपुर के ढाई गांव, दोषपुर थोक, दोषपुर नागर, जरियनपुर, मिर्जापुर आदि 100 गांव गंगा किनारे बसे हैं। पुल बनने पर ये सीधे तौर पर लभांवित होंगे।
कासिमपुर तराई के प्रधान रामचरन, समोचीपुर चितार के प्रधान मो. यासीन का कहना है कि पुल निर्माण धीमी गति से चल रहा है। अफसर व ठेकेदार लापरवाही बरत रहे हैं।