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Farrukhabad News: एमडीएम में 1.05 लाख के घोटाले की दोबारा होगी जांच, कटौती पर रोक
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फर्रुखाबाद। नवाबगंज के हुसैनपुर स्थित जवाहर लाल नेहरू उमा विद्यालय में एक जांच में एमडीएम के 1.05 लाख रुपये घोटाले की बीएसए ने दोबारा जांच कराने के आदेश दिए। उन्होंने आरोपी सहायक अध्यापक शिवकुमार पुष्कर के वेतन से कटौती पर भी रोक लगा दी है।
विद्यालय के सहायक अध्यापक शिवकुमार पुष्कर अप्रैल 2020 से 31 जुलाई 2022 तक कार्यवाहक प्रधानाचार्य रहे। अगस्त 2022 में आयोग से चयनित अनिल कुमार मिश्रा ने प्रधानाध्यापक का पद संभाल लिया। उन्होंने एमडीएम में घोटाले की शिकायत की थी। तत्कालीन बीएसए ने 1.05 लाख रुपये का घोटाला साबित करके रिकवरी के आदेश दिए थे। आरोपी शिवकुमार ने बीएसए को पत्र देकर कहा कि जांच के दौरान उनका पक्ष नहीं सुना गया। इसी के चलते उन्होंने दोबारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग डीआईओएस से की थी। उनके पास एमडीएम के सभी बिल मौजूद हैं।
बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने शिक्षक के पत्र का संज्ञान लेकर शनिवार को आदेश जारी कर सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान और एमडीएम के जिला समन्वयक को तीन दिन के अंदर दोबारा जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। शिक्षक शिवकुमार ने सीडीओ को भी पत्र देकर दोबारा जांच की मांग की थी।
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बीएसए के पत्र का संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने इतनी तेजी से काम किया कि यह पत्र डीआईओएस संजीव कुमार के पास भी पहुंचा दिया। डीआईओएस ने भी तत्परता दिखाते हुए स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य को आदेश जारी कर कहा कि पूर्व में इस कार्यालय से जारी शिक्षक के वेतन से रिकवरी आदेश पर रोक लगाई जाती है। इन आदेशों के बाद घोटाला के आरोपी शिक्षक को राहत मिल गई है।
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विद्यालय के सहायक अध्यापक शिवकुमार पुष्कर अप्रैल 2020 से 31 जुलाई 2022 तक कार्यवाहक प्रधानाचार्य रहे। अगस्त 2022 में आयोग से चयनित अनिल कुमार मिश्रा ने प्रधानाध्यापक का पद संभाल लिया। उन्होंने एमडीएम में घोटाले की शिकायत की थी। तत्कालीन बीएसए ने 1.05 लाख रुपये का घोटाला साबित करके रिकवरी के आदेश दिए थे। आरोपी शिवकुमार ने बीएसए को पत्र देकर कहा कि जांच के दौरान उनका पक्ष नहीं सुना गया। इसी के चलते उन्होंने दोबारा निष्पक्ष जांच कराने की मांग डीआईओएस से की थी। उनके पास एमडीएम के सभी बिल मौजूद हैं।
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बीएसए विश्वनाथ प्रताप सिंह ने शिक्षक के पत्र का संज्ञान लेकर शनिवार को आदेश जारी कर सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी सर्व शिक्षा अभियान और एमडीएम के जिला समन्वयक को तीन दिन के अंदर दोबारा जांच करके रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। शिक्षक शिवकुमार ने सीडीओ को भी पत्र देकर दोबारा जांच की मांग की थी।
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बीएसए के पत्र का संज्ञान लेते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने इतनी तेजी से काम किया कि यह पत्र डीआईओएस संजीव कुमार के पास भी पहुंचा दिया। डीआईओएस ने भी तत्परता दिखाते हुए स्कूल के प्रबंधक व प्रधानाचार्य को आदेश जारी कर कहा कि पूर्व में इस कार्यालय से जारी शिक्षक के वेतन से रिकवरी आदेश पर रोक लगाई जाती है। इन आदेशों के बाद घोटाला के आरोपी शिक्षक को राहत मिल गई है।