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बंदी के तीन दिन बाद कारखानों में हुई छपाई
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तीन दिन बाद कारखानों में हुई छपाई
फर्रुखाबाद। रामनगरिया और माघ मेला के चलते गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए छपाई कारखाने तीन दिन बंदी के बाद मंगलवार को चालू हो गए। हालांकि कारीगरों, श्रमिकों की कमी और खराब मौसम के चलते काम काफी कम हो सका। अब 14 जनवरी मकर संक्रांति पर कारखाने फिर बंद रहेंगे।
मकर संक्रांति पर गंगा स्नान पर्व के चलते नौ से 11 जनवरी तक सभी छपाई कारखानों को बंद रखने के निर्देश थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने तीनों दिन अभियान चलाया। इस दौरान टीम को कहीं भी कारखाने चलते नहीं मिले। मंगलवार को बंदी खुली, तो कुछ कारखानों में रौनक लौट आई। हालांकि सुबह से ही खराब मौसम काम में रोड़ा बन गया। यही नहीं कारीगर और श्रमिक भी काफी कम पहुंचे। बुधवार को भी कारखानों में काम चलेगा जबकि 14 जनवरी को फिर छपाई कारखाने बंद रहेंगे।
नहीं रोका नालों का पानी
कारखानों की बंदी के चलते भले ही रंगीन पानी गंगा में जाना कम हो गया हो, मगर सीवरेज का पानी लगातार गिराया जा रहा है। शासन के फरमान के बावजूद नालों को बंद करने की जरूरत नहीं समझी गई। इससे श्रद्धालुओं को प्रदूषित जल में ही स्नान करना पड़ेगा।
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काली नदी के जल को देखा
जिले से गुजरने वाली काली नदी भी कन्नौज के पास गंगा में गिरती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुश्रवण सहायक बीएस द्विवेदी ने खुदागंज के पास पहुंचकर काली नदी के पानी को चेक किया। उन्होंने बताया कि पानी साफ दिख रहा है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।
मकर संक्रांति पर गंगा स्नान कल
सूर्य देव 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन को पवित्र माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन जिले के ढाई घाट, पांचाल घाट, शृंगीरामपुर गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पांचाल घाट पर पैंटून पुल को चालू करने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
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फर्रुखाबाद। रामनगरिया और माघ मेला के चलते गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए छपाई कारखाने तीन दिन बंदी के बाद मंगलवार को चालू हो गए। हालांकि कारीगरों, श्रमिकों की कमी और खराब मौसम के चलते काम काफी कम हो सका। अब 14 जनवरी मकर संक्रांति पर कारखाने फिर बंद रहेंगे।
मकर संक्रांति पर गंगा स्नान पर्व के चलते नौ से 11 जनवरी तक सभी छपाई कारखानों को बंद रखने के निर्देश थे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने तीनों दिन अभियान चलाया। इस दौरान टीम को कहीं भी कारखाने चलते नहीं मिले। मंगलवार को बंदी खुली, तो कुछ कारखानों में रौनक लौट आई। हालांकि सुबह से ही खराब मौसम काम में रोड़ा बन गया। यही नहीं कारीगर और श्रमिक भी काफी कम पहुंचे। बुधवार को भी कारखानों में काम चलेगा जबकि 14 जनवरी को फिर छपाई कारखाने बंद रहेंगे।
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नहीं रोका नालों का पानी
कारखानों की बंदी के चलते भले ही रंगीन पानी गंगा में जाना कम हो गया हो, मगर सीवरेज का पानी लगातार गिराया जा रहा है। शासन के फरमान के बावजूद नालों को बंद करने की जरूरत नहीं समझी गई। इससे श्रद्धालुओं को प्रदूषित जल में ही स्नान करना पड़ेगा।
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काली नदी के जल को देखा
जिले से गुजरने वाली काली नदी भी कन्नौज के पास गंगा में गिरती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुश्रवण सहायक बीएस द्विवेदी ने खुदागंज के पास पहुंचकर काली नदी के पानी को चेक किया। उन्होंने बताया कि पानी साफ दिख रहा है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।
मकर संक्रांति पर गंगा स्नान कल
सूर्य देव 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन को पवित्र माना जाता है। मकर संक्रांति के दिन जिले के ढाई घाट, पांचाल घाट, शृंगीरामपुर गंगा घाटों पर बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। पांचाल घाट पर पैंटून पुल को चालू करने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।