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Farrukhabad News: गंगा की शुद्धता के लिए दो माह में 24 दिन बंद रहेगा छपाई उद्योग
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फर्रुखाबाद। भागीरथी के किनारे रामनगरिया के अलावा प्रयागराज में माघ मेला 25 जनवरी से शुरू होगा। प्रमुख छह स्नान पर्वों के चलते दो माह में 24 दिन छपाई कारखाने बंद रहेंगे। नालों को भी गंगा में गिरने से रोका जाएगा। 15 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन प्रमुख स्नान को देखते हुए कारखाने बंदी का दिन 10 जनवरी से लागू किया गया है। बंदी को प्रभावी बनाने की मंशा से सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में निगरानी टीम बनाई गई है।
कोर्ट और शासन के निर्देशों के अनुपालन में गंगा को अविरल बनाने की मंशा से नालों को गिरने से रोकने और रोस्टर से छपाई उद्योगों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व का पहला स्नान है। इसको देखते हुए 10 से 12 और 15 जनवरी, 25 जनवरी पौष पूर्णिमा पर 20 से 22 और 25 जनवरी, नौ फरवरी मौनी अमावस्या से पहले चार से छह व नौ फरवरी, 14 फरवरी वसंत पंचमी से पहले नौ से 11 व 14 फरवरी, 24 फरवरी, माघी पूर्णिमा से पहले 19 से 21 व 24 फरवरी के अलावा आठ मार्च को महाशिवरात्रि पर्व स्नान से पहले तीन से पांच और आठ मार्च को गंगा में नाले गिरने से रोकने और जहरीला रंगीन पानी बहाने वाले छपाई कारखानों को बंद रखने के आदेश दिए हैं।
जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने छपाई कारखानों और नालों की बंदी सुनिश्चित करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में कमेटी बना दी है। इसमें प्रदूषण विभाग के सहायक पर्यावरण अभियंता अंकित कुमार मिश्र, प्रसून पाल, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के सुपरवाइजर डीसी दीक्षित को शामिल किया गया है। यह अधिकारी रोजाना नालों और छपाई कारखानों पर पैनी नजर रखेंगे।
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टोकाघाट व धीमरपुरा नाला करें डायवर्ट
प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी इं. अमित मिश्रा ने ईओ को भेजे पत्र में कहा कि वह बंदी के दिनों में टोकाघाट व धीमरपुरा नाला हर हाल में टैप अथवा डायवर्ट करें। अन्य छोटे नालों में बायोरेमिडिएशन किया जाना जरूरी है। गंगा जल को हर हाल में शुद्ध रखना है।
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सीटीपी न लग पाने के लिए बड़े छपाई उद्यमी जिम्मेदार
प्रदूषण विभाग ने वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान के अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी चंद्रपाल वर्मा को भी भेजा है। अध्यक्ष ने सभी छपाई उद्यमियों से आग्रह किया कि गंगा स्वच्छता को देखते हुए कारखाने बंद रखें। उन्होंने पत्र भेजकर कहा कि कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट (सीटीपी) न लग पाने के पीछे सबसे अधिक जिम्मेदार छपाई कारोबार से जुड़़े बड़े उद्यमी हैं। उन्हें गंगा प्रदूषित होने से कोई लेना-देना नहीं है। अफसरों को चाहिए कि ऐसे लोगों पर पैनी नजर रखें।
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कोर्ट और शासन के निर्देशों के अनुपालन में गंगा को अविरल बनाने की मंशा से नालों को गिरने से रोकने और रोस्टर से छपाई उद्योगों को बंद रखने के आदेश दिए गए हैं। उप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कानपुर के क्षेत्रीय अधिकारी अमित मिश्रा ने 15 जनवरी को मकर संक्रांति पर्व का पहला स्नान है। इसको देखते हुए 10 से 12 और 15 जनवरी, 25 जनवरी पौष पूर्णिमा पर 20 से 22 और 25 जनवरी, नौ फरवरी मौनी अमावस्या से पहले चार से छह व नौ फरवरी, 14 फरवरी वसंत पंचमी से पहले नौ से 11 व 14 फरवरी, 24 फरवरी, माघी पूर्णिमा से पहले 19 से 21 व 24 फरवरी के अलावा आठ मार्च को महाशिवरात्रि पर्व स्नान से पहले तीन से पांच और आठ मार्च को गंगा में नाले गिरने से रोकने और जहरीला रंगीन पानी बहाने वाले छपाई कारखानों को बंद रखने के आदेश दिए हैं।
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जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने छपाई कारखानों और नालों की बंदी सुनिश्चित करने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में कमेटी बना दी है। इसमें प्रदूषण विभाग के सहायक पर्यावरण अभियंता अंकित कुमार मिश्र, प्रसून पाल, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के सुपरवाइजर डीसी दीक्षित को शामिल किया गया है। यह अधिकारी रोजाना नालों और छपाई कारखानों पर पैनी नजर रखेंगे।
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टोकाघाट व धीमरपुरा नाला करें डायवर्ट
प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी इं. अमित मिश्रा ने ईओ को भेजे पत्र में कहा कि वह बंदी के दिनों में टोकाघाट व धीमरपुरा नाला हर हाल में टैप अथवा डायवर्ट करें। अन्य छोटे नालों में बायोरेमिडिएशन किया जाना जरूरी है। गंगा जल को हर हाल में शुद्ध रखना है।
सीटीपी न लग पाने के लिए बड़े छपाई उद्यमी जिम्मेदार
प्रदूषण विभाग ने वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान के अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी चंद्रपाल वर्मा को भी भेजा है। अध्यक्ष ने सभी छपाई उद्यमियों से आग्रह किया कि गंगा स्वच्छता को देखते हुए कारखाने बंद रखें। उन्होंने पत्र भेजकर कहा कि कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट (सीटीपी) न लग पाने के पीछे सबसे अधिक जिम्मेदार छपाई कारोबार से जुड़़े बड़े उद्यमी हैं। उन्हें गंगा प्रदूषित होने से कोई लेना-देना नहीं है। अफसरों को चाहिए कि ऐसे लोगों पर पैनी नजर रखें।