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Farrukhabad News: बर्फीली पछुआ हवाओं से ठिठुरते रहे लोग, बूंद-बूंद टपकता रहा कोहरा
Tue, 07 Jan 2025 11:42 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Tue, 07 Jan 2025 11:42 PM IST
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कोहरे में लाइट जलाकर जाता वाहन और लालगेट पर सर्दी से निजात पाने को आग सेंकते राहगीर।
- फोटो : कोहरे में लाइट जलाकर जाता वाहन और लालगेट पर सर्दी से निजात पाने को आग सेंकते राहगीर।
फर्रुखाबाद। 10 दिन बाद भी आसमान से घना बादल नहीं छंट सका। मंगलवार को बादल और घना कोहरा छाया रहा। दिन भर सूर्य नहीं दिखे। बर्फीली पछुआ हवाओं के साथ कोहरा बूंद-बूंद पानी बनकर टपकता रहा। वाहनों की स्पीड पर कोहरे का ब्रेक लगता रहा। रोडवेज बसों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या कम हो गई। किसी भी सार्वजनिक स्थल पर दिन में अलाव की व्यवस्था नहीं रही।
सर्दी हर किसी के लिए मुसीबत बनती जा रही है। मंगलवार को भी आसमान बादल से घिरे रहे। लिहाजा सूर्य के दर्शन तक नहीं हुए। पछुआ तेज हवाएं भी चलती रहीं। घना कोहरा छाने से वाहनों की गति काफी धीमी रही। कोहरा पानी की बूंदें बनकर दिन भर टपकता रहा।
अधिकतम तापमान एक डिग्री गिरकर 17 पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेंटीग्रेड पर ही स्थिर रहा। तेज हवाओं की वजह से ठिठुरन ने बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। अधिकांश लोगों ने सामान्य यात्राओं को निरस्त कर दिया। लिहाजा रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डा पर यात्रियों की खासी कमी रही। बसों में निर्धारित 25 सवारियां होते ही गंतव्य की ओर रवाना होती दिखीं।
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कड़ाके की सर्दी के बावजूद शहर के रोडवेज बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, लाल सराय, चौक समेत किसी भी सार्वजनिक स्थल पर दिन में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। अस्पताल में तीमारदारों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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दोपहर दो बजे तक बिजली गुल, मरीज, तीमारदार परेशान
लोहिया अस्पताल में सुबह से दोपहर दो बजे तक बिजली गुल रही। लिहाजा जनरेटर से रोशनी की जाती रही। यही नहीं सीटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, इमरजेंसी आदि विभागों में भी जनरेटर से ही काम चलाया। बिजली गुल रहने से वार्डों में लगे हीटर भी नहीं जलाए जा सकेे। लिहाजा मरीज भी ठिठुरने को मजबूर हो गए।
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सर्दी हर किसी के लिए मुसीबत बनती जा रही है। मंगलवार को भी आसमान बादल से घिरे रहे। लिहाजा सूर्य के दर्शन तक नहीं हुए। पछुआ तेज हवाएं भी चलती रहीं। घना कोहरा छाने से वाहनों की गति काफी धीमी रही। कोहरा पानी की बूंदें बनकर दिन भर टपकता रहा।
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अधिकतम तापमान एक डिग्री गिरकर 17 पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेंटीग्रेड पर ही स्थिर रहा। तेज हवाओं की वजह से ठिठुरन ने बड़ी मुसीबत खड़ी कर दी। अधिकांश लोगों ने सामान्य यात्राओं को निरस्त कर दिया। लिहाजा रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस अड्डा पर यात्रियों की खासी कमी रही। बसों में निर्धारित 25 सवारियां होते ही गंतव्य की ओर रवाना होती दिखीं।
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कड़ाके की सर्दी के बावजूद शहर के रोडवेज बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, लाल सराय, चौक समेत किसी भी सार्वजनिक स्थल पर दिन में अलाव की व्यवस्था नहीं की गई। अस्पताल में तीमारदारों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
दोपहर दो बजे तक बिजली गुल, मरीज, तीमारदार परेशान
लोहिया अस्पताल में सुबह से दोपहर दो बजे तक बिजली गुल रही। लिहाजा जनरेटर से रोशनी की जाती रही। यही नहीं सीटी स्कैन, एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, इमरजेंसी आदि विभागों में भी जनरेटर से ही काम चलाया। बिजली गुल रहने से वार्डों में लगे हीटर भी नहीं जलाए जा सकेे। लिहाजा मरीज भी ठिठुरने को मजबूर हो गए।