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Farrukhabad News: पीसीएफ क्रय केंद्रों पर खुले में लगा धान
Mon, 02 Feb 2026 12:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:42 AM IST
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फोटो-10 सातनपुर मंडी स्थित पीसीएफ केंद्र के बाहर तिरपाल से ढका धान। संवाद
फर्रुखाबाद। क्रय केंद्रों पर शासन से जहां खुले में धान लगाने पर रोक हैं, वहीं उठान न होने से क्रय केंद्रों के बाहर ही धान लगाया जा रहा है। पांच दिन पहले हुई बारिश से बचाने के लिए धान के ऊपर तिरपाल व पॉलिथीन डाली गई। हालांकि कई स्थानों पर तिरपाल व पाॅलिथीन फटी होने से धान के बोरों में नमी पहुंच ही गई। वहीं जिम्मेदार कोई नुकसान न होने का दावा कर रहे हैं।
जनपद में कई पीसीएफ क्रय केंद्रों पर धान के भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। छोटी गोदाम भरने के बाद केंद्र प्रभारी खरीदा हुआ धान खुले में लगा रहे हैं। उठान की गति बेहद धीमी होने से गोदाम के बाहर भी धान के बोरों का अंबार लग जाता है। सातनपुर मंडी स्थित पीसीएफ के आलूसंघ क्रय केंद्र पर गोदाम भरने से 500 से अधिक बोरे खुले में लगे हैं। शनिवार को केंद्र के बाहर लगे धान के बोरों पर तिरपाल पड़ा था। कुछ स्थानों पर तिरपाल फटा होने से वहां धान के बोरे गीले नजर आए। केंद्र प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि करीब 1200 क्विंटल धान अभी केंद्र पर मौजूद है। गोदाम में जगह न बचने से केंद्र के बाहर धान के बोरे लगाने पड़े। पानी से बचाव के लिए तिरपाल से बोरे ढक दिए गए। इससे बारिश में धान का कोई नुकसान नहीं हुआ और भीगने से बच गए। रविवार को उठान कराया जाएगा। यही हाल पीसीएफ के हरकमपुर क्रय केंद्र का है। यहां गोदाम के बाहर लगे धान के बोरों पॉलिथीन डालकर बारिश से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पीसीएफ जिला प्रबंधक अरुण सिंह ने बताया कि सातनपुर मंडी व हरकमपुर धान क्रय केंद्र पर गोदाम छोटी होने से बाहर धान लगाना मजबूरी है। ऑनलाइन चालान जनरेट न होने से क्रय केंद्रों से धान का उठान नहीं हो सका। बारिश में तिरपाल से ढककर धान सुरक्षित रखा गया। थोड़ी-बहुत नमी से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
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जनपद में कई पीसीएफ क्रय केंद्रों पर धान के भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। छोटी गोदाम भरने के बाद केंद्र प्रभारी खरीदा हुआ धान खुले में लगा रहे हैं। उठान की गति बेहद धीमी होने से गोदाम के बाहर भी धान के बोरों का अंबार लग जाता है। सातनपुर मंडी स्थित पीसीएफ के आलूसंघ क्रय केंद्र पर गोदाम भरने से 500 से अधिक बोरे खुले में लगे हैं। शनिवार को केंद्र के बाहर लगे धान के बोरों पर तिरपाल पड़ा था। कुछ स्थानों पर तिरपाल फटा होने से वहां धान के बोरे गीले नजर आए। केंद्र प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि करीब 1200 क्विंटल धान अभी केंद्र पर मौजूद है। गोदाम में जगह न बचने से केंद्र के बाहर धान के बोरे लगाने पड़े। पानी से बचाव के लिए तिरपाल से बोरे ढक दिए गए। इससे बारिश में धान का कोई नुकसान नहीं हुआ और भीगने से बच गए। रविवार को उठान कराया जाएगा। यही हाल पीसीएफ के हरकमपुर क्रय केंद्र का है। यहां गोदाम के बाहर लगे धान के बोरों पॉलिथीन डालकर बारिश से बचाने का प्रयास किया जा रहा है। पीसीएफ जिला प्रबंधक अरुण सिंह ने बताया कि सातनपुर मंडी व हरकमपुर धान क्रय केंद्र पर गोदाम छोटी होने से बाहर धान लगाना मजबूरी है। ऑनलाइन चालान जनरेट न होने से क्रय केंद्रों से धान का उठान नहीं हो सका। बारिश में तिरपाल से ढककर धान सुरक्षित रखा गया। थोड़ी-बहुत नमी से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
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