फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   other

नलकूप रिबोर में चहेतों को बिना टेंडर लाखों का काम

Fri, 23 Oct 2020 10:21 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2020 10:21 PM IST
विज्ञापन
other
फर्रुखाबाद। नलकूपों को रीबोर कराने में अधिकारी गड़बड़ी कर रहे हैं। 30 से अधिक नलकूप रीबोर कराए जा रहे हैं लेकिन एक का भी टेंडर नहीं निकाला गया। चहेते अधिकारियों को 12 से 14 लाख तक के रीबोर का काम दे दिया गया।
विज्ञापन

जनपद में 30 राजकीय नलकूप रीबोर कराए जाने हैं। एक नलकूप के रीबोर पर दो से ढाई लाख रुपये का खर्च आता है। प्रभारीमंत्री की अध्यक्षता में हुई जिला योजना की बैठक में अधिशासी अभियंता ओपी गुप्ता ने छह नलकूप रीबोर होने की जानकारी दी थी। हकीकत में इससे ज्यादा नलकूप रीबोर कराए जा रहे हैं।
विज्ञापन

विभागीय सूत्रों के अनुसार नलकूप संख्या 181 एफजी गांव ढिलावल, 25 एफजी सिरौली, 80 एफजी मुरास, 52 केएमजी बेला सराय गजा, 49 केएमजी और गांव रानूखेड़ा के नलकूप रीबोर कराए जा रहे हैं। इनमें कुछ के रीबोर का काम पूरा हो चुका है और कुछ पर काम चल रहा है। जो नलकूप रीबोर कराए जा रहे हैं उनमें किसी का भी टेंडर नहीं निकाला गया। 12 से 14 लाख का बिना टेंडर अधिकारियों के चहेते ठेकेदार करा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिशासी अभियंता ने बताया कि बोरिंग का काम निर्माण खंड कानपुर करता है। पंप हाउस बनाने का टेंडर भी कानपुर से ही होता है। 6 नलकूप रीबोर हुए हैं। किस ठेकेदार को काम दिया गया, उन्हें जानकारी नहीं है। रीबोर होने वाले 30 नलकूपों की सूची मांगने पर भी वह बात को टाल गए, कहा कि तलाश करके देंगे।

कुछ बाबुओं के पास काम, ज्यादातर खाली
फर्रुखाबाद। राजकीय नलकूप विभाग में बाबुओं को पटल का काम देने में भी पक्षपात किया जा रहा है। 15 से 20 वर्षों से जमे कुछ बाबू कई-कई पटल का काम देख रहे हैं और करीब 12 बाबुओं लगभग खाली रहते हैं। उनके पास महीने में दो-चार दिन ही काम होता है। आरोप है कि बैक डेट में टेंडर से लेकर फर्जी अनुबंध पर भुगतान कर चहेते लिपिक लाखों के वारे-न्यारे कर रहे हैं। खाली रहने वाले लिपिक कई बार अधिशासी अभियंता को पत्र देकर पटल परिवर्तन की मांग कर चुके हैं। मांगपत्र में लिपिक विकास जौहरी, मनोज कुमार, निर्दोष कुमार पाल, राजेश कुमार, सचिन कटियार, संजीव कुमार, अमरीश कुमार, देवगिरी, प्रदीप कुमार, उमाशंकर त्रिवेदी, पवन सिंह राठौर, राघवेंद्र गंगवार, नकीव अहमद व शैलेंद्र सिंह के हस्ताक्षर हैं। अधिशासी अभियंता ओपी गुप्ता ने बताया कि कुछ कर्मचारी नेतागिरी कर रहे हैं। उनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी है। पटल जरूरत के अनुसार बदले जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed