{"_id":"6a5a7302c04ec78930006309","slug":"order-issued-to-asp-to-ensure-arrest-of-pocso-accused-farrukhabad-news-c-222-1-frk1001-145437-2026-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: पॉक्सो के आरोपी की गिरफ्तारी कराने के एएसपी को आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: पॉक्सो के आरोपी की गिरफ्तारी कराने के एएसपी को आदेश
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)-01 मेराज अहमद की अदालत ने वर्ष 2017 के पॉक्सो एवं दुष्कर्म के एक मामले में लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने अपर पुलिस अधीक्षक (नोडल अधिकारी) फतेहगढ़ को आरोपी के विरुद्ध जारी गैर-जमानती वारंट तामील कराकर उसे 30 जुलाई तक या उससे पहले न्यायालय में हर हाल में पेश कराने के आदेश दिए।
कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव नदसा के रहने वाले शैलेन्द्र पर किशोरी का अपहरण कर उससे दुष्कर्म करने में पॉक्सो एक्ट के तहत थाना नवाबगंज में मुकदमा दर्ज है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह वाद उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार त्वरित निस्तारण के लिए ''एपीएआर-डीजे/एक्शन प्लान'' में शामिल है लेकिन आरोपी की लगातार अनुपस्थिति से सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। आरोपी 10 अक्तूबर 2018 से लगातार न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा है। इससे पीड़िता की गवाही भी पूरी नहीं हो सकी है। पूर्व में कई बार गैर-जमानती वारंट जारी किए गए लेकिन थाना नवाबगंज पुलिस ने न तो संतोषजनक आख्या भेजी और न ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
विशेष न्यायाधीश ने चेतावनी देते हुए आदेश में कहा कि यदि इस बार भी आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं की जाती है तो यह माना जाएगा कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार न कर परोक्ष रूप से उसकी मदद कर रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली मोहम्मदाबाद के गांव नदसा के रहने वाले शैलेन्द्र पर किशोरी का अपहरण कर उससे दुष्कर्म करने में पॉक्सो एक्ट के तहत थाना नवाबगंज में मुकदमा दर्ज है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह वाद उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार त्वरित निस्तारण के लिए ''एपीएआर-डीजे/एक्शन प्लान'' में शामिल है लेकिन आरोपी की लगातार अनुपस्थिति से सुनवाई आगे नहीं बढ़ पा रही है। आरोपी 10 अक्तूबर 2018 से लगातार न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहा है। इससे पीड़िता की गवाही भी पूरी नहीं हो सकी है। पूर्व में कई बार गैर-जमानती वारंट जारी किए गए लेकिन थाना नवाबगंज पुलिस ने न तो संतोषजनक आख्या भेजी और न ही आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश ने चेतावनी देते हुए आदेश में कहा कि यदि इस बार भी आरोपी की गिरफ्तारी सुनिश्चित नहीं की जाती है तो यह माना जाएगा कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तार न कर परोक्ष रूप से उसकी मदद कर रही है।
विज्ञापन