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Farrukhabad News: हेल्थ एटीएम से ढाई माह में हुईं 131 जांचें
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फर्रुखाबाद। मरीजों को बीमारी की जल्द और सही रिपोर्ट देने की मंशा से लोहिया पुरुष अस्पताल में लगी हेल्थ एटीएम की सुविधा कम लोगों को मिल पा रही है। ढाई माह बीतने के बाद मात्र 131 मरीजों को सुविधा का लाभ मिल सका है। इसके पीछे डॉक्टरों की लापरवाही और आमजनों में जानकारी का अभाव मुख्य वजह मानी जा रही है।
लोहिया पुरुष अस्पताल के इमरजेंसी हॉल में 29 सितंबर को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हेल्थ एटीएम का शुभारंभ किया था। इसके बाद मशीन को ब्लड बैंक के अतिथियों के लिए बने केबिन में रख दिया गया। मशीन के संचालन के लिए कर्मचारी का चयन न हो पाने से केबिन में ताला पड़ा रहा। लिहाजा मरीजों को कोई लाभ नहीं मिला। डीएम और सीएमओ तक मामला पहुंचा तो सीएमएस की जवाबदेही तय की गई। इसके बाद 18 अक्तूबर को लैब टेक्नीशियन सौरभ मिश्रा को इंचार्ज बनाया गया।
उस दिन से 15 दिसंबर तक मशीन से मात्र 131 जांचें ही हो सकीं। स्थिति यह है कि कोई भी डॉक्टर एटीएम से जांच कराने के लिए किसी भी मरीज को नहीं लिखता। कुछ मरीज खुद इच्छा जाहिर कर अपनी जांच करवा लेते हैं, इसीलिए कागजी खानापूरी की जा रही है। लोहिया अस्पताल में लगी मशीन की मरीजों को जानकारी ही नहीं है। इसीलिए इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। एडीएम के निर्देश के बाद शुक्रवार को मशीन लगाने के लिए इमरजेंसी हॉल में केबिन बनाने का काम शुरू कर दिया गया। इससे लोगों की मशीन का फायदा मिलने की उम्मीद है।
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‘प्रचार के लिए रोडवेज, रेलवे स्टेशन, फतेहगढ़ और लोहिया अस्पताल में हेल्थ एटीएम से जांच संबंधी होर्डिंग लगवाए जाएंगे। जांच संख्या बढ़ने पर मशीन को अधिक समय चलाने की व्यवस्था की जाएगी।’
-अवनींद्र कुमार, सीएमओ, फर्रुखाबाद।
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लोहिया पुरुष अस्पताल के इमरजेंसी हॉल में 29 सितंबर को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने हेल्थ एटीएम का शुभारंभ किया था। इसके बाद मशीन को ब्लड बैंक के अतिथियों के लिए बने केबिन में रख दिया गया। मशीन के संचालन के लिए कर्मचारी का चयन न हो पाने से केबिन में ताला पड़ा रहा। लिहाजा मरीजों को कोई लाभ नहीं मिला। डीएम और सीएमओ तक मामला पहुंचा तो सीएमएस की जवाबदेही तय की गई। इसके बाद 18 अक्तूबर को लैब टेक्नीशियन सौरभ मिश्रा को इंचार्ज बनाया गया।
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उस दिन से 15 दिसंबर तक मशीन से मात्र 131 जांचें ही हो सकीं। स्थिति यह है कि कोई भी डॉक्टर एटीएम से जांच कराने के लिए किसी भी मरीज को नहीं लिखता। कुछ मरीज खुद इच्छा जाहिर कर अपनी जांच करवा लेते हैं, इसीलिए कागजी खानापूरी की जा रही है। लोहिया अस्पताल में लगी मशीन की मरीजों को जानकारी ही नहीं है। इसीलिए इसका फायदा नहीं मिल पा रहा है। एडीएम के निर्देश के बाद शुक्रवार को मशीन लगाने के लिए इमरजेंसी हॉल में केबिन बनाने का काम शुरू कर दिया गया। इससे लोगों की मशीन का फायदा मिलने की उम्मीद है।
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‘प्रचार के लिए रोडवेज, रेलवे स्टेशन, फतेहगढ़ और लोहिया अस्पताल में हेल्थ एटीएम से जांच संबंधी होर्डिंग लगवाए जाएंगे। जांच संख्या बढ़ने पर मशीन को अधिक समय चलाने की व्यवस्था की जाएगी।’
-अवनींद्र कुमार, सीएमओ, फर्रुखाबाद।