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रागिनी बनीं वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक
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फर्रुखाबाद। लोहिया अस्पताल परिसर में संचालित वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक को अनुशासनहीनता के मामले में हटा दिया गया। उनके स्थान पर मनोवैज्ञानिक सामाजिक परामर्शदाता रागिनी को प्रशासक का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया।
वन स्टॉप सेंटर में सेवा प्रदाता एजेंसी जन कल्याण परिषद कानपुर के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति हुई थी। पिछले कुछ दिनों से केंद्र की प्रशासक देवांश प्रिया सेठी का सहायक हेल्पर रवि से विवाद हो गया था। इस मामले में उन्होंने सहायक हेल्पर के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मामला तूल पकड़ने पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने प्रकरण की जांच एडीएम विवेक श्रीवास्तव, एसडीएम प्रीती तिवारी को सौंपी थी।
एडीएम ने जिलाधिकारी को सौंपी जांच रिपोर्ट में सहायक हेल्पर रवि की गलती नहीं पाई, जबकि देवांश प्रिया सेठी के खिलाफ अनुशासनहीनता, अधिकारियों के आदेश की अवहेलना व कर्मचारियों का उत्पीड़न करने का मामला मिला। इस पर जिलाधिकारी ने प्रोबेशन अधिकारी को नया प्रशासक नियुक्त करने के आदेश दिए। जिलाधिकारी के आदेश पर डीपीओ अनिल चंद्र ने वन स्टॉप सेंटर में कार्यरत मनोवैज्ञानिक सामाजिक परामर्शदाता रागिनी को केंद्र प्रशासक के दायित्व का प्रभार सौंपा। इसके साथ ही देवांश प्रिया सेठी को सेवा से मुक्त करते हुए सेवा प्रदाता एजेंसी को वापस कर दिया है।
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वन स्टॉप सेंटर में सेवा प्रदाता एजेंसी जन कल्याण परिषद कानपुर के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति हुई थी। पिछले कुछ दिनों से केंद्र की प्रशासक देवांश प्रिया सेठी का सहायक हेल्पर रवि से विवाद हो गया था। इस मामले में उन्होंने सहायक हेल्पर के खिलाफ शहर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। मामला तूल पकड़ने पर जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने प्रकरण की जांच एडीएम विवेक श्रीवास्तव, एसडीएम प्रीती तिवारी को सौंपी थी।
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एडीएम ने जिलाधिकारी को सौंपी जांच रिपोर्ट में सहायक हेल्पर रवि की गलती नहीं पाई, जबकि देवांश प्रिया सेठी के खिलाफ अनुशासनहीनता, अधिकारियों के आदेश की अवहेलना व कर्मचारियों का उत्पीड़न करने का मामला मिला। इस पर जिलाधिकारी ने प्रोबेशन अधिकारी को नया प्रशासक नियुक्त करने के आदेश दिए। जिलाधिकारी के आदेश पर डीपीओ अनिल चंद्र ने वन स्टॉप सेंटर में कार्यरत मनोवैज्ञानिक सामाजिक परामर्शदाता रागिनी को केंद्र प्रशासक के दायित्व का प्रभार सौंपा। इसके साथ ही देवांश प्रिया सेठी को सेवा से मुक्त करते हुए सेवा प्रदाता एजेंसी को वापस कर दिया है।
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