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डीएम के आदेश पर भूमाफियाओं पर दर्ज मुकदमे में लगी एफआर
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फर्रुखाबाद। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान जिला पंचायत सदस्य पूनम राठौर के पति अदित्य सिंह राठौर उर्फ एके सहित तीन लोगों को भूमाफिया घोषित कर डीएम के आदेश पर दर्ज कराए गए मुकदमे में एफआर लगा दी गई है। 10 करोड़ रुपये कीमत की ट्रस्ट की भूमि का चंद पैसों में बैनामा करा लिया था। विवेचक ने तर्क दिया है कि इन्हीं आरोपियों पर इसी भूमि को लेकर ईओडब्लू में मुकदमा चल रहा है। इसके चलते दूसरी जगह मुकदमा नहीं चल सकता है।
मऊदरवाजा थाने के जसमई के पास गांव खारबंदी में 1.89 एकड़ ट्रस्ट की जमीन थी। इस भूमि को शहर के मोहल्ला गोहाई स्ट्रीट निवासी रोहन लाल ने 29 अगस्त 1923 में बैनामा कराके खरीदा था। रोहनलाल ने 3 अगस्त 1923 को एक रजिस्टर्ड ट्रस्ट बना दिया था। इसमें कहा था कि उक्त भूमि का हिबानामा, वसीयत व बैनामा नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके मोहल्ला दीवान मुबारिक निवासी काले खां ने 6 जून 2016 को मोहम्मदाबाद के गांव ईसेपुर निवासी सपा नेता आदित्य सिंह राठौर, शहर के मोहल्ला दरिया मुबारिक निवासी इसरार अहमद के नाम बैनामा कर दिया। राजस्व विभाग की जांच में इस जमीन की वर्तमान कीमत 10 करोड़ 9 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई।
शहर के मोहल्ला गोहाई स्ट्रीट निवासी गीता राजपूत ने जिलाधिकारी को पत्र देकर आरोपियों को भूमाफिया घोषित करने की मांग की थी। डीेएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग से जांच कराई। इसके बाद डीएम ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान 28 जून 2021 को आदेश पारित करके सपा नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य आदित्य सिंह राठौर को भूमाफिया घोषित कर दिया। उन्होंने एसडीएम सदर को मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए। डीएम के आदेश पर ही राजस्व निरीक्षक विजय कृष्ण पाठक ने 29 जून को काले खां, इसरार अहमद और आदित्य सिंह राठौर पर गंभीर धाराओं में मऊदरवाजा थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसकी जांच दरोगा रामसेवक को सौंपी गई थी। जांच अधिकारीी ने डीएम के आषदेश पर दर्ज मुकदमे में एफआर लगा दी। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। बता दें कि आदित्य सिंह राठौर की पत्नी पूनम राठौर जिला पंचायत सदस्य हैं। वह जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान सपा नेता डॉ. सुबोध यादव के खेमें में शामिल थे।
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‘आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा कानपुर के एसपी से मिला था। उन्होंने बताया था कि इस मामले में आदित्य सिंह राठौर, कल्लू, इसरार, एस़डीएम अजीत और सुरेंद्र पर मुकदमा दर्ज है। इसमें अजीत और सुरेंद्र के नाम निकाले जा चुके हैं। अब आदित्य, कल्लू और इसरार पर जांच चल रही है। इसके चलते दो जगह मुकदमा नहीं चल सकता। इसलिए इसमें यहां दर्ज मुकदमे में एफआर लगा दी।’
-रामसेवक, जांच अधिकारी, थाना मऊदरवाजा।
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मऊदरवाजा थाने के जसमई के पास गांव खारबंदी में 1.89 एकड़ ट्रस्ट की जमीन थी। इस भूमि को शहर के मोहल्ला गोहाई स्ट्रीट निवासी रोहन लाल ने 29 अगस्त 1923 में बैनामा कराके खरीदा था। रोहनलाल ने 3 अगस्त 1923 को एक रजिस्टर्ड ट्रस्ट बना दिया था। इसमें कहा था कि उक्त भूमि का हिबानामा, वसीयत व बैनामा नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके मोहल्ला दीवान मुबारिक निवासी काले खां ने 6 जून 2016 को मोहम्मदाबाद के गांव ईसेपुर निवासी सपा नेता आदित्य सिंह राठौर, शहर के मोहल्ला दरिया मुबारिक निवासी इसरार अहमद के नाम बैनामा कर दिया। राजस्व विभाग की जांच में इस जमीन की वर्तमान कीमत 10 करोड़ 9 लाख 80 हजार रुपये आंकी गई।
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शहर के मोहल्ला गोहाई स्ट्रीट निवासी गीता राजपूत ने जिलाधिकारी को पत्र देकर आरोपियों को भूमाफिया घोषित करने की मांग की थी। डीेएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग से जांच कराई। इसके बाद डीएम ने जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान 28 जून 2021 को आदेश पारित करके सपा नेता पूर्व जिला पंचायत सदस्य आदित्य सिंह राठौर को भूमाफिया घोषित कर दिया। उन्होंने एसडीएम सदर को मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए। डीएम के आदेश पर ही राजस्व निरीक्षक विजय कृष्ण पाठक ने 29 जून को काले खां, इसरार अहमद और आदित्य सिंह राठौर पर गंभीर धाराओं में मऊदरवाजा थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया था। इसकी जांच दरोगा रामसेवक को सौंपी गई थी। जांच अधिकारीी ने डीएम के आषदेश पर दर्ज मुकदमे में एफआर लगा दी। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। बता दें कि आदित्य सिंह राठौर की पत्नी पूनम राठौर जिला पंचायत सदस्य हैं। वह जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव के दौरान सपा नेता डॉ. सुबोध यादव के खेमें में शामिल थे।
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‘आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा कानपुर के एसपी से मिला था। उन्होंने बताया था कि इस मामले में आदित्य सिंह राठौर, कल्लू, इसरार, एस़डीएम अजीत और सुरेंद्र पर मुकदमा दर्ज है। इसमें अजीत और सुरेंद्र के नाम निकाले जा चुके हैं। अब आदित्य, कल्लू और इसरार पर जांच चल रही है। इसके चलते दो जगह मुकदमा नहीं चल सकता। इसलिए इसमें यहां दर्ज मुकदमे में एफआर लगा दी।’
-रामसेवक, जांच अधिकारी, थाना मऊदरवाजा।