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अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत पर परिजनों का हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 20 Jun 2015 11:29 PM IST
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इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा की प्राइवेट अस्पताल में मौत होने पर परिजनों ने
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लापरवाही का आरोप लगा कर जमकर हंगामा किया। मामले की तहरीर दिए जाने पर
कोतवाल ने अस्पताल पहुंच कर जांच की। मोहल्ला बाग लकूला निवासी विमल शाक्य
की पत्नी दुर्गादेवी (24) को शुक्रवार की रात प्रसव पीड़ा होने पर परिवार
के लोगों ने आवास विकास तिराहा स्थित माया
हास्पिटल में लाकर भर्ती करा दिया। यहां तड़के दुर्गादेवी ने एक बच्ची को जन्म दिया। कुछ समय बाद बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद महिला को रक्तस्राव होने लगा और उसकी तबियत खराब होने लगी। रक्तस्राव बंद न हाने पर डाक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए और उसे बाहर ले जाने की सलाह परिजनों को दी। जब तक परिवार के लोग महिला को बाहर ले जाने का इंतजाम करते
तब तक उसकी मौत हो गई। बच्चे के बाद मां की भी मौत पर परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। जैसे-तैसे वहां पर मौजूद लोगों ने परिजनों को शांत किया। इसके बाद परिजन शवों को लेकर घर आ गए। इसकी सूचना दिए जाने पर सीओ सिटी योगेश कुमार ने परिजनों से कोतवाली में तहरीर देने को कहा। पति विमल ने कोतवाली
पुलिस को तहरीर दी। पति का कहना था कि अस्पताल प्रशासन ने उनके मरीज की देखभाल नहीं की। लापरवाही के चलते ही जच्चा बच्चा की मौत हुई है। शहर कोतवाल आरपी यादव घटना की जांच करने अस्पताल पहुंचे। यहां आईएमए के सचिव डा. विपुल अग्रवाल के अलावा डा. उदयराज भी पहुंच गए। इन्होंने कोतवाल से वार्ता की। कोतवाल ने बताया कि जांच के बाद
कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल के मालिक डा. सतीश राजपूत ने बताया कि बच्चे की सांस फूलने लगी थी। परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी गई थी। महिला को रक्तस्राव होने के कारण परिजनों को बाहर ले जाने की सलाह दी थी। बावजूद इसके परिजन यहीं पर इलाज करने की बात कह रहे थे। अस्पताल की ओर से देखरेख में कोई कमी नहीं रखी गई। लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
हास्पिटल में लाकर भर्ती करा दिया। यहां तड़के दुर्गादेवी ने एक बच्ची को जन्म दिया। कुछ समय बाद बच्चे की मौत हो गई। इसके बाद महिला को रक्तस्राव होने लगा और उसकी तबियत खराब होने लगी। रक्तस्राव बंद न हाने पर डाक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए और उसे बाहर ले जाने की सलाह परिजनों को दी। जब तक परिवार के लोग महिला को बाहर ले जाने का इंतजाम करते
तब तक उसकी मौत हो गई। बच्चे के बाद मां की भी मौत पर परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। जैसे-तैसे वहां पर मौजूद लोगों ने परिजनों को शांत किया। इसके बाद परिजन शवों को लेकर घर आ गए। इसकी सूचना दिए जाने पर सीओ सिटी योगेश कुमार ने परिजनों से कोतवाली में तहरीर देने को कहा। पति विमल ने कोतवाली
पुलिस को तहरीर दी। पति का कहना था कि अस्पताल प्रशासन ने उनके मरीज की देखभाल नहीं की। लापरवाही के चलते ही जच्चा बच्चा की मौत हुई है। शहर कोतवाल आरपी यादव घटना की जांच करने अस्पताल पहुंचे। यहां आईएमए के सचिव डा. विपुल अग्रवाल के अलावा डा. उदयराज भी पहुंच गए। इन्होंने कोतवाल से वार्ता की। कोतवाल ने बताया कि जांच के बाद
कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल के मालिक डा. सतीश राजपूत ने बताया कि बच्चे की सांस फूलने लगी थी। परिवार के लोगों को इसकी जानकारी दी गई थी। महिला को रक्तस्राव होने के कारण परिजनों को बाहर ले जाने की सलाह दी थी। बावजूद इसके परिजन यहीं पर इलाज करने की बात कह रहे थे। अस्पताल की ओर से देखरेख में कोई कमी नहीं रखी गई। लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।