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फर्रुखाबादः 27 साल से पेंशन के लिए भटक रही वृद्धा
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फर्रुखाबाद। स्वास्थ्य विभाग में पति के सेवानिवृत्त व मौत के 27 साल बाद भी वृद्धा पेंशन के लिए भटक रही है। इस बीच बदलते रहे सीएमओ सिर्फ आश्वासन देते रहे। अब हाईकोर्ट में मामला पहुंचा तो पेंशन की उम्मीद बंधी है।
एटा के फतेहपुर निवासी महावीर प्रसाद तिवारी स्वास्थ्य विभाग में मुख्य खाद्य निरीक्षक पद से वर्ष 1993 में सेवानिवृत्त हुए थे। दो वर्ष चक्कर काटने के बाद 1995 में उनकी मौत हो गई, लेकिन पेंशन नहीं मिली। इसके बाद उनकी पत्नी सरस्वती देवी पेंशन के लिए चक्कर लगा रही हैं। बेटों की भी सुनवाई न होने पर अब उनके दामाद बरेली निवासी डॉ. आरसी पांडेय सहयोग कर रहे हैं।
सीएमओ कार्यालय में बुजुर्ग सरस्वती देवी अपनी नातिन कल्पना मिश्रा व पौत्री कीर्ति तिवारी के साथ बैठी थीं। उनके दामाद डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि तीन माह पहले तत्कालीन सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा से मिलकर पेंशन व फंड दिलाने का अनुरोध किया था। तब उनका जवाब था कि जल्दी है तो हाईकोर्ट चले जाओ। इससे उन्होंने हाईकोर्ट में रिट डाल दी। वहां सुनवाई होने के बाद पेंशन तो बंधने की उम्मीद हो गई।
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जबकि सीएमओ कार्यालय में फंड आदि के भुगतान के लिए कोई कागज उपलब्ध न होने की बात कही जा रही है। वह विभाग के आला अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री तक शिकायत कर चुके हैं। पांच जुलाई को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। पेशी करके लौटे डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुराग वर्मा ने बताया कि अब हाईकोर्ट में 12 जुलाई को सुनवाई होनी है। इसमें महावीर प्रसाद की नौकरी से संबंधित प्रपत्र मांगे गए हैं।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि सेवानिवृत्त होने के बाद दो वर्ष तक पेंशन न मिलना विभाग की लापरवाही है। पेंशन व अन्य देयकों का भुगतान क्यों नहीं हुआ, इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है। फिलहाल कागजात तैयार कराए जा रहे हैं।
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एटा के फतेहपुर निवासी महावीर प्रसाद तिवारी स्वास्थ्य विभाग में मुख्य खाद्य निरीक्षक पद से वर्ष 1993 में सेवानिवृत्त हुए थे। दो वर्ष चक्कर काटने के बाद 1995 में उनकी मौत हो गई, लेकिन पेंशन नहीं मिली। इसके बाद उनकी पत्नी सरस्वती देवी पेंशन के लिए चक्कर लगा रही हैं। बेटों की भी सुनवाई न होने पर अब उनके दामाद बरेली निवासी डॉ. आरसी पांडेय सहयोग कर रहे हैं।
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सीएमओ कार्यालय में बुजुर्ग सरस्वती देवी अपनी नातिन कल्पना मिश्रा व पौत्री कीर्ति तिवारी के साथ बैठी थीं। उनके दामाद डॉ. आरसी पांडेय ने बताया कि तीन माह पहले तत्कालीन सीएमओ डॉ. सतीश चंद्रा से मिलकर पेंशन व फंड दिलाने का अनुरोध किया था। तब उनका जवाब था कि जल्दी है तो हाईकोर्ट चले जाओ। इससे उन्होंने हाईकोर्ट में रिट डाल दी। वहां सुनवाई होने के बाद पेंशन तो बंधने की उम्मीद हो गई।
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जबकि सीएमओ कार्यालय में फंड आदि के भुगतान के लिए कोई कागज उपलब्ध न होने की बात कही जा रही है। वह विभाग के आला अधिकारियों के अलावा मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री तक शिकायत कर चुके हैं। पांच जुलाई को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। पेशी करके लौटे डिप्टी सीएमओ डॉ. अनुराग वर्मा ने बताया कि अब हाईकोर्ट में 12 जुलाई को सुनवाई होनी है। इसमें महावीर प्रसाद की नौकरी से संबंधित प्रपत्र मांगे गए हैं।
सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने बताया कि सेवानिवृत्त होने के बाद दो वर्ष तक पेंशन न मिलना विभाग की लापरवाही है। पेंशन व अन्य देयकों का भुगतान क्यों नहीं हुआ, इसकी ज्यादा जानकारी नहीं है। फिलहाल कागजात तैयार कराए जा रहे हैं।