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Farrukhabad News: स्वच्छता की अलख जगाने वाले अधिकारी ही गंदगी से घिरे
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फर्रुखाबाद। एक सप्ताह से चल रहे संचारी रोग नियंत्रण अभियान में स्वच्छता की अलख जगाने वाले अधिकारी ही अभी गंदगी से घिरे हैं। फतेहगढ़ सीएचसी गेट पर कूड़े व गंदगी के ढेर व उसमें उठ रही बदबू अधिकारियों के जागरूकता की दास्तां सुना रही है। सीएमओ कार्यालय के बाहर से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक खड़ी घास व झाड़ियां स्वच्छता की पोल खोल रही हैं।
स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में अन्य विभागों के सहयोग से 31 अक्तूबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक होने की नसीहत दी जा रही है। घर में, दरवाजे पर व छतों पर पानी एकत्र न होने देने के लिए प्रेरित करने के भी दावे किए जा रहे हैं। अन्य विभागों को भी सफाई, झाड़ियां काटने आदि की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अब हकीकत पर नजर डालें तो सीएमओ कार्यालय परिसर में बना शौचालय गंदगी व झाड़ियों से घिरा दिख रहा है। कार्यालय के सामने टीपी अस्पताल के पास जलभराव से मच्छर भिनभिना रहे हैं। इसके आगे जिला पूर्ति कार्यालय के सामने बड़ी घास और झाड़ियां उगी हैं। इसी परिसर में संचालित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के सामने निकलने भर का रास्ता छोड़कर हर ओर बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियों से घिरा है। जबकि ट्रेनिंग सेंटर के छात्रावास में छात्राएं रुक रही हैं।
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पास में बने 75 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर यही स्थिति है। यहां बना 20 बेड का अतिरिक्त वार्ड गंदगी व झाड़ियों से घिरा होने से उपेक्षित नजर आ रहा है। मरीज भर्ती करने के बजाय इस वार्ड को स्टोर बना दिया गया है। सीएचसी से लगा हुआ पोस्टमार्टम हाउस परिसर में घास व झाड़ियों की अभी सफाई कराने की जहमत नहीं उठाई गई। इसी परिसर में कबाड़ खड़े वाहनों में के बीच गंदगी और झाड़ियां हैं। परिसर में घुसने के दौरान गेट पर ही बड़ी मात्रा कूड़ा व गंदगी है। उठने वाली बदबू से लोगों को नाक बंद करनी पड़ती है। इसी गेट से डॉक्टर, अधिकारी व कर्मचारी होकर जाते हैं।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ही नामित नहीं
स्वास्थ्य विभाग में निजी अस्पताल पंजीकरण, झोलाछाप उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी बनने की हर किसी को लालसा है। इसमें आय के स्रोत पहले से खुले हैं। स्टोर प्रभारी पर भी स्वास्थ्य अधिकारियों की निगाहें टिकी रहती हैं। लेकिन नगर स्वास्थ्य अधिकारी की किसी को जिम्मेदारी ही नहीं मिली है। इससे सफाई के लिए नगरपालिका को पत्राचार कौन करे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने नगरपालिका को पत्र भेजकर जानकारी ली है कि आपके यहां क्या कोई नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद सृजित है। नगर पालिका से जवाब मिलते ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी नामित किया जाएगा। उन्होंने गंदगी व झाड़ियाें के सवाल पर कहा कि जल्द ही सफाई कराने का प्रयास किया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में अन्य विभागों के सहयोग से 31 अक्तूबर तक संचारी रोग नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को स्वच्छता के लिए जागरूक होने की नसीहत दी जा रही है। घर में, दरवाजे पर व छतों पर पानी एकत्र न होने देने के लिए प्रेरित करने के भी दावे किए जा रहे हैं। अन्य विभागों को भी सफाई, झाड़ियां काटने आदि की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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अब हकीकत पर नजर डालें तो सीएमओ कार्यालय परिसर में बना शौचालय गंदगी व झाड़ियों से घिरा दिख रहा है। कार्यालय के सामने टीपी अस्पताल के पास जलभराव से मच्छर भिनभिना रहे हैं। इसके आगे जिला पूर्ति कार्यालय के सामने बड़ी घास और झाड़ियां उगी हैं। इसी परिसर में संचालित एएनएम ट्रेनिंग सेंटर के सामने निकलने भर का रास्ता छोड़कर हर ओर बड़ी-बड़ी घास और झाड़ियों से घिरा है। जबकि ट्रेनिंग सेंटर के छात्रावास में छात्राएं रुक रही हैं।
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पास में बने 75 बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चारों ओर यही स्थिति है। यहां बना 20 बेड का अतिरिक्त वार्ड गंदगी व झाड़ियों से घिरा होने से उपेक्षित नजर आ रहा है। मरीज भर्ती करने के बजाय इस वार्ड को स्टोर बना दिया गया है। सीएचसी से लगा हुआ पोस्टमार्टम हाउस परिसर में घास व झाड़ियों की अभी सफाई कराने की जहमत नहीं उठाई गई। इसी परिसर में कबाड़ खड़े वाहनों में के बीच गंदगी और झाड़ियां हैं। परिसर में घुसने के दौरान गेट पर ही बड़ी मात्रा कूड़ा व गंदगी है। उठने वाली बदबू से लोगों को नाक बंद करनी पड़ती है। इसी गेट से डॉक्टर, अधिकारी व कर्मचारी होकर जाते हैं।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी ही नामित नहीं
स्वास्थ्य विभाग में निजी अस्पताल पंजीकरण, झोलाछाप उन्मूलन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी बनने की हर किसी को लालसा है। इसमें आय के स्रोत पहले से खुले हैं। स्टोर प्रभारी पर भी स्वास्थ्य अधिकारियों की निगाहें टिकी रहती हैं। लेकिन नगर स्वास्थ्य अधिकारी की किसी को जिम्मेदारी ही नहीं मिली है। इससे सफाई के लिए नगरपालिका को पत्राचार कौन करे।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि उन्होंने नगरपालिका को पत्र भेजकर जानकारी ली है कि आपके यहां क्या कोई नगर स्वास्थ्य अधिकारी का पद सृजित है। नगर पालिका से जवाब मिलते ही नगर स्वास्थ्य अधिकारी नामित किया जाएगा। उन्होंने गंदगी व झाड़ियाें के सवाल पर कहा कि जल्द ही सफाई कराने का प्रयास किया जाएगा।