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लाखों के गोलमाल में निलंबित सचिव व प्रधान को नोटिस
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फर्रुखाबाद। शमसाबाद क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगला बसोला में अधूरे विकास कार्यों का पूरा भुगतान निकाल कर लाखों का गोलमाल किया गया है। इस मामले में जिलाधिकारी ने निलंबित सचिव व प्रधान को नोटिस जारी किया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर वसूली कराए जाने की चेतावनी दी है। ग्राम पंचायत नगला बसोला की प्रधान अंजू राजपूत ने शिकायत की थी कि सचिव कपिल देव त्रिपाठी ने उनका डोंगल छीनकर लाखों का भुगतान कर दिया।
सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ ने जांच की तो गोलमाल की पोल खुल गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रधान के प्रतिनिधि ने बयान दिया कि डोंगल ब्लाक प्रमुख चुनाव से पहले छीना गया। जबकि 13 दिसंबर 2021 को प्रधान ने शिकायत की। एक अप्रैल से 18 दिसंबर 2021 तक 13 लाख 93 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान किया गया। इसमें चार लाख आठ हजार रुपये सुनीता कंस्ट्रक्शन के खाते में भेजे गए, लेकिन सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूरा नहीं किया गया। जबकि बालाजी ट्रेडर्स के खाते में दो बार में 11 लाख 80 हजार 20 रुपये ट्रांसफर किए गए।
काम पूरा न कराने में सचिव दोषी पाया गया। खास बात तो यह है कि सचिव कपिल देव त्रिपाठी यह भी नहीं बता सके कि यह फर्म कहां है। इसके अलावा सीसी निर्माण के लिए गत वर्ष धनराशि निकलने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं कराया गया।
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इस मामले में सचिव निलंबित चल रहे हैं। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने तत्कालीन व वर्तमान प्रधान अंजू राजपूत और निलंबित सचिव कपिल देव त्रिपाठी को गबन का दोषी मानते हुए नोटिस जारी किया है। साक्ष्यों समेत संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रधान व निलंबित सचिव से गबन की धनराशि वसूलने की चेतावनी दी है।
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सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ ने जांच की तो गोलमाल की पोल खुल गई। जांच रिपोर्ट के अनुसार प्रधान के प्रतिनिधि ने बयान दिया कि डोंगल ब्लाक प्रमुख चुनाव से पहले छीना गया। जबकि 13 दिसंबर 2021 को प्रधान ने शिकायत की। एक अप्रैल से 18 दिसंबर 2021 तक 13 लाख 93 हजार रुपये ऑनलाइन भुगतान किया गया। इसमें चार लाख आठ हजार रुपये सुनीता कंस्ट्रक्शन के खाते में भेजे गए, लेकिन सामुदायिक शौचालय का निर्माण पूरा नहीं किया गया। जबकि बालाजी ट्रेडर्स के खाते में दो बार में 11 लाख 80 हजार 20 रुपये ट्रांसफर किए गए।
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काम पूरा न कराने में सचिव दोषी पाया गया। खास बात तो यह है कि सचिव कपिल देव त्रिपाठी यह भी नहीं बता सके कि यह फर्म कहां है। इसके अलावा सीसी निर्माण के लिए गत वर्ष धनराशि निकलने के बावजूद निर्माण पूरा नहीं कराया गया।
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इस मामले में सचिव निलंबित चल रहे हैं। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने तत्कालीन व वर्तमान प्रधान अंजू राजपूत और निलंबित सचिव कपिल देव त्रिपाठी को गबन का दोषी मानते हुए नोटिस जारी किया है। साक्ष्यों समेत संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रधान व निलंबित सचिव से गबन की धनराशि वसूलने की चेतावनी दी है।